• फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;<br/>
जैसे ये ज़िंदगी, ज़िंदगी नहीं, कोई इल्जाम है।
    फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;
    जैसे ये ज़िंदगी, ज़िंदगी नहीं, कोई इल्जाम है।
  • भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम;<br/>

इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है!
    भूखा पेट, खाली जेब, और झूठा प्रेम;
    इंसान को जीवन में बहुत कुछ सिखा जाता है!
  • फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;<br/>
जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नहीं, कोई इल्जाम है!
    फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;
    जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नहीं, कोई इल्जाम है!
  • ख़ुद को इतना भी न बचाया कर;<br/>
बारिशें हुआ करे तो भीग जाया कर!
    ख़ुद को इतना भी न बचाया कर;
    बारिशें हुआ करे तो भीग जाया कर!
  • ज़िन्दगी वही है जो हम आज जी लें;<br/>
कल जो हम जियेंगे, वो उम्मीद होगी!
    ज़िन्दगी वही है जो हम आज जी लें;
    कल जो हम जियेंगे, वो उम्मीद होगी!
  • जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता, मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता;<br/>
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त, फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता।
    जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता, मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता;
    काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त, फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता।
  • हालात -ए-ज़िन्दगी सिखा देती है समझदारी;<br/>
वरना बचपन किसे पसंद नहीं है!
    हालात -ए-ज़िन्दगी सिखा देती है समझदारी;
    वरना बचपन किसे पसंद नहीं है!
  • ये शीशे, ये सपने, ये रिश्ते और ये ज़िन्दगी;<br/>
किसे क्या खबर है, कहाँ टूट जायेंगे!
    ये शीशे, ये सपने, ये रिश्ते और ये ज़िन्दगी;
    किसे क्या खबर है, कहाँ टूट जायेंगे!
  • यूँ ना छोड़ जिंदगी की किताब को खुला:<br/>
बेवक्त की हवा ना जाने कौन सा पन्ना पलट दे!
    यूँ ना छोड़ जिंदगी की किताब को खुला:
    बेवक्त की हवा ना जाने कौन सा पन्ना पलट दे!
  • कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आयेगा;<br/>
तुम्हारा सिर्फ़ वक्त आया है, हमारा दौर आयेगा!
    कुछ देर की खामोशी है, फिर शोर आयेगा;
    तुम्हारा सिर्फ़ वक्त आया है, हमारा दौर आयेगा!