• दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं;<br/>
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं!Upload to Facebook
    दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं;
    कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं!
  • दिल के लिए हयात का पैगाम बन गयीं;<br/>
बैचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गयीं!<br/><br/>

हयात  =  जिन्दगी, जीवनUpload to Facebook
    दिल के लिए हयात का पैगाम बन गयीं;
    बैचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गयीं!

    हयात = जिन्दगी, जीवन
  • दिल गया रौनक़-ए-हयात गई;<br/>
ग़म गया सारी क़ायनात गई!<br/><br/>
हयात  =  ज़िन्दगीUpload to Facebook
    दिल गया रौनक़-ए-हयात गई;
    ग़म गया सारी क़ायनात गई!

    हयात = ज़िन्दगी
  • रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए;<br/>
दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए!Upload to Facebook
    रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए;
    दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए!
    ~ Zia Jalandhari
  • दर्द-ओ-ग़म दिल की तबियत बन गए;<br/>
अब यहाँ आराम ही आराम है!Upload to Facebook
    दर्द-ओ-ग़म दिल की तबियत बन गए;
    अब यहाँ आराम ही आराम है!
  • दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,<br/>
जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये।Upload to Facebook
    दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,
    जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये।
  • जरा तमीज़ से बटोरना बुझे दियों को दोस्तों,<br/>
इन्होंने कल अमावस की अन्धेरी रात में हमें रौशनी दी थी;<br/>
किसी और को जलाकर खुश होना अलग बात है,<br/>
इन्होंने तो ख़ुद को जलाकर हमें ख़ुशी दी थी।Upload to Facebook
    जरा तमीज़ से बटोरना बुझे दियों को दोस्तों,
    इन्होंने कल अमावस की अन्धेरी रात में हमें रौशनी दी थी;
    किसी और को जलाकर खुश होना अलग बात है,
    इन्होंने तो ख़ुद को जलाकर हमें ख़ुशी दी थी।
  • ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;<br/>
मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
Upload to Facebook
    ऐ मौत आ के हमको खामोश तो कर गयी तू;
    मगर सदियों दिलों के अंदर, हम गूंजते रहेंगे!
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • यूँ तो ऐ ज़िंदगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थी;<br/>
मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारें बहुत थी।Upload to Facebook
    यूँ तो ऐ ज़िंदगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थी;
    मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुँचे तो कतारें बहुत थी।
  • यह भी एक ज़माना देख लिया है हम ने;<br/>
​दर्द जो सुनाया अपना तो तालियां बज उठीं​।Upload to Facebook
    यह भी एक ज़माना देख लिया है हम ने;
    ​दर्द जो सुनाया अपना तो तालियां बज उठीं​।