• मुझे बख्शी ख़ुदा ने कौन रोकेगा ज़ुबाँ मेरी;<br/>
तुम्हें हर हाल में सुननी पड़ेगी दास्तां मेरी!
    मुझे बख्शी ख़ुदा ने कौन रोकेगा ज़ुबाँ मेरी;
    तुम्हें हर हाल में सुननी पड़ेगी दास्तां मेरी!
    ~ Shamsi Meenai
  • ग़म दिये हैं हयात ने हम को;<br/>
ग़म ने हम से हयात पायी है!
    ग़म दिये हैं हयात ने हम को;
    ग़म ने हम से हयात पायी है!
  • लुत्फ़-ए-कलाम क्या जो न हो दिल में दर्द-ए-इश्क;<br/>
बिस्मिल नहीं है तू तो तड़पना भी छोड़ दे!
    लुत्फ़-ए-कलाम क्या जो न हो दिल में दर्द-ए-इश्क;
    बिस्मिल नहीं है तू तो तड़पना भी छोड़ दे!
  • दिल से रुख़स्त हुई कोई ख़्वाहिश;<br/>
गिर्या कुछ बे-सबब नहीं आता!<br/><br/>
Rukhsat, रुख़स्त: Departing<br/>
Giryaa, गिर्या: Tears, Crying<br/>
Be-Sabab, बे-सबब: Without any cause
    दिल से रुख़स्त हुई कोई ख़्वाहिश;
    गिर्या कुछ बे-सबब नहीं आता!

    Rukhsat, रुख़स्त: Departing
    Giryaa, गिर्या: Tears, Crying
    Be-Sabab, बे-सबब: Without any cause
    ~ Meer Taqi Meer
  • जी में क्या-क्या है अपने ऐ हम-दम;<br/>
पर सुखन ता-बलब नहीं आता!
    जी में क्या-क्या है अपने ऐ हम-दम;
    पर सुखन ता-बलब नहीं आता!
    ~ Meer Taqi Meer
  • चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ायें;<br/>
न तुम याद आओ न हम याद आयें!
    चलो बाँट लेते हैं अपनी सज़ायें;
    न तुम याद आओ न हम याद आयें!
    ~ Sardar Anjum
  • दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं;<br/>
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं!
    दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं;
    कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं!
  • दिल के लिए हयात का पैगाम बन गयीं;<br/>
बैचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गयीं!<br/><br/>

हयात  =  जिन्दगी, जीवन
    दिल के लिए हयात का पैगाम बन गयीं;
    बैचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गयीं!

    हयात = जिन्दगी, जीवन
  • दिल गया रौनक़-ए-हयात गई;<br/>
ग़म गया सारी क़ायनात गई!<br/><br/>
हयात  =  ज़िन्दगी
    दिल गया रौनक़-ए-हयात गई;
    ग़म गया सारी क़ायनात गई!

    हयात = ज़िन्दगी
  • रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए;<br/>
दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए!
    रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए;
    दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए!
    ~ Zia Jalandhari