• तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते;<br/>
भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते;<br/>
हमारे गिरते हुए आँसुओं को पढ़ कर देखो;<br/>
वो भी कहते हैं कि हम आपके बिन रह नहीं सकते।
    तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते;
    भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते;
    हमारे गिरते हुए आँसुओं को पढ़ कर देखो;
    वो भी कहते हैं कि हम आपके बिन रह नहीं सकते।
  • ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;<br/>

मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;<br/>

ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;<br/>

ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।
    ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;
    मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;
    ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;
    ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।
  • वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;<br/>
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे;<br/>
हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि;<br/>
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे।
    वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;
    हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे;
    हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि;
    हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे।
  • माना कि तुम्हें मुझसे ज्यादा ग़म होगा;<br/>
मगर रोने से ये ग़म कभी कम न होगा;<br/>
जीत ही लेंगे दिल की नाकाम बाजियां हम;<br/>
अगर मोहब्बत में हमारी दम होगा।
    माना कि तुम्हें मुझसे ज्यादा ग़म होगा;
    मगर रोने से ये ग़म कभी कम न होगा;
    जीत ही लेंगे दिल की नाकाम बाजियां हम;
    अगर मोहब्बत में हमारी दम होगा।
  • तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठा;<br/>
मैं तो ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठा;<br/>
अब जीने की तमन्ना न रही बाकी;<br/>
सारे अरमान मैं अपने दफना बैठा।
    तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठा;
    मैं तो ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठा;
    अब जीने की तमन्ना न रही बाकी;
    सारे अरमान मैं अपने दफना बैठा।
  • तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;<br/>
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
    तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से;
    जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
  • इस बहते दर्द को मत रोको;<br/>
यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की;<br/>
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी;<br/>
पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की।
    इस बहते दर्द को मत रोको;
    यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की;
    लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी;
    पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की।
  • बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी;<br/>
बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी;<br/>
मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ;<br/>
खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।
    बिन बताये उसने ना जाने क्यों ये दूरी कर दी;
    बिछड़ के उसने मोहब्बत ही अधूरी कर दी;
    मेरे मुकद्दर में ग़म आये तो क्या हुआ;
    खुदा ने उसकी ख्वाहिश तो पूरी कर दी।
  • जमीन छुपाने के लिए गगन होता है;<br/>
दिल छुपाने के लिए बदन होता है;<br/>
शायद मरने के बाद भी छुपाये जाते हैं गम;<br/>
इसीलिए हर लाश पे कफ़न होता है।
    जमीन छुपाने के लिए गगन होता है;
    दिल छुपाने के लिए बदन होता है;
    शायद मरने के बाद भी छुपाये जाते हैं गम;
    इसीलिए हर लाश पे कफ़न होता है।
  • शीशे में डूब कर पीते रहे उस जाम को;<br/>
कोशिशें की बहुत मगर भुला न पाए तेरे एक नाम को।
    शीशे में डूब कर पीते रहे उस जाम को;
    कोशिशें की बहुत मगर भुला न पाए तेरे एक नाम को।