• अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;<br/>
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;<br/>
उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;<br/>
जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।
    अनजाने में यूँ ही हम दिल गँवा बैठे;
    इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे;
    उनसे क्या गिला करें, भूल तो हमारी थी;
    जो बिना दिल वालों से ही दिल लगा बैठे।
  • बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से;<br/>
बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से;<br/>
ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से;<br/>
आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।
    बर्बाद कर गए वो ज़िंदगी प्यार के नाम से;
    बेवफाई ही मिली हमें सिर्फ वफ़ा के नाम से;
    ज़ख़्म ही ज़ख़्म दिए उस ने दवा के नाम से;
    आसमान भी रो पड़ा मेरी मोहब्बत के अंजाम से।
  • उसके ना होने से कुछ भी नहीं बदला मुझ में;<br/>
बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है।
    उसके ना होने से कुछ भी नहीं बदला मुझ में;
    बस जहाँ पहले दिल रहता था वहाँ अब सिर्फ दर्द रहता है।
  • तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठे;<br/>
हम ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठे;<br/>
अब जीने की तमन्ना भी नहीं बाकी;<br/>
सारे अरमान हम अपने दफना बैठे।
    तेरे इश्क़ में सब कुछ लुटा बैठे;
    हम ज़िंदगी भी अपनी गँवा बैठे;
    अब जीने की तमन्ना भी नहीं बाकी;
    सारे अरमान हम अपने दफना बैठे।
  • दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना;<br/>
अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना;<br/>
कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं;<br/>
फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना।
    दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना;
    अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना;
    कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं;
    फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना।
  • ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब;<br/>
वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया।
    ठोकरें खा कर भी ना संभले तो मुसाफ़िर का नसीब;
    वरना पत्थरों ने तो अपना फर्ज़ निभा ही दिया।
  • तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते;<br/>
भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते;<br/>
हमारे गिरते हुए आँसुओं को पढ़ कर देखो;<br/>
वो भी कहते हैं कि हम आपके बिन रह नहीं सकते।
    तुम्हारा दुःख हम सह नहीं सकते;
    भरी महफ़िल में कुछ कह नहीं सकते;
    हमारे गिरते हुए आँसुओं को पढ़ कर देखो;
    वो भी कहते हैं कि हम आपके बिन रह नहीं सकते।
  • ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;<br/>

मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;<br/>

ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;<br/>

ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।
    ग़म इसका नहीं कि तू मेरा न हो सका;
    मेरी मोहब्बत में मेरा सहारा ना बन सका;
    ग़म तो इसका भी नहीं कि सुकून दिल का लुट गया;
    ग़म तो इसका है कि मोहब्बत से भरोसा ही उठ गया।
  • वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;<br/>
हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे;<br/>
हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि;<br/>
हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे।
    वो तो अपना दर्द रो-रो कर सुनाते रहे;
    हमारी तन्हाइयों से भी आँख चुराते रहे;
    हमें ही मिल गया बेवफ़ा का ख़िताब क्योंकि;
    हम हर दर्द मुस्कुरा कर छिपाते रहे।
  • माना कि तुम्हें मुझसे ज्यादा ग़म होगा;<br/>
मगर रोने से ये ग़म कभी कम न होगा;<br/>
जीत ही लेंगे दिल की नाकाम बाजियां हम;<br/>
अगर मोहब्बत में हमारी दम होगा।
    माना कि तुम्हें मुझसे ज्यादा ग़म होगा;
    मगर रोने से ये ग़म कभी कम न होगा;
    जीत ही लेंगे दिल की नाकाम बाजियां हम;
    अगर मोहब्बत में हमारी दम होगा।