• वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती;<br/>
शर्म से आँखे झुक गई होती;<br/>
अगर दर्द जानती शमा परवाने का;<br/>
तो जलने से पहले बुझ गई होती।Upload to Facebook
    वक़्त की रफ़्तार रुक गई होती;
    शर्म से आँखे झुक गई होती;
    अगर दर्द जानती शमा परवाने का;
    तो जलने से पहले बुझ गई होती।
  • दर्द से दोस्ती हो गई यारों;<br/>
जिंदगी बे दर्द हो गई यारों;<br/>
क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा;<br/>
दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।Upload to Facebook
    दर्द से दोस्ती हो गई यारों;
    जिंदगी बे दर्द हो गई यारों;
    क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा;
    दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।
  • आँसू गिरने की आहट नही होती;<br/> 
दिल के टूटने की आवाज नहीं होती;<br/> 
गर होता उन्हें एहसास दर्द का;<br/> 
तो दर्द देने की उन्हें आदत नहीं होती।Upload to Facebook
    आँसू गिरने की आहट नही होती;
    दिल के टूटने की आवाज नहीं होती;
    गर होता उन्हें एहसास दर्द का;
    तो दर्द देने की उन्हें आदत नहीं होती।
  • कोई  समझता नहीं उसे  इसका  गम नहीं करता;<br/>
पर तेरे नजरंदाज करने पर हल्का सा मुस्कुरा देता है;<br/>
उसकी  हंसी  में  छुपे  दर्द  को  महसूस तो कर;<br/>
वो  तो  हंस  के  यूँ  ही  खुद को सजा देता है। Upload to Facebook
    कोई समझता नहीं उसे इसका गम नहीं करता;
    पर तेरे नजरंदाज करने पर हल्का सा मुस्कुरा देता है;
    उसकी हंसी में छुपे दर्द को महसूस तो कर;
    वो तो हंस के यूँ ही खुद को सजा देता है।
  • कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता;<br/>
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता;<br/>
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को;<br/>
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता।Upload to Facebook
    कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता;
    गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता;
    एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को;
    क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता।
  • आज आपके प्यार में कमी देखी;<br/> 
चाँद की चांदनी में कुछ नमी देखी;<br/> 
उदास होकर लौट आए हम;<br/> 
जब महफ़िल आपकी गैरों से सजी देखी।Upload to Facebook
    आज आपके प्यार में कमी देखी;
    चाँद की चांदनी में कुछ नमी देखी;
    उदास होकर लौट आए हम;
    जब महफ़िल आपकी गैरों से सजी देखी।
  • ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक है;<br/>
तु सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक है;<br/>
वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी;<br/>
हमें तो देखना है कि तु बेवफ़ा कहाँ तक है।Upload to Facebook
    ना पूछ मेरे सब्र की इंतेहा कहाँ तक है;
    तु सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक है;
    वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी;
    हमें तो देखना है कि तु बेवफ़ा कहाँ तक है।
  • दर्द  का  मेरे  यकीं  आप  करें  या  ना करें;<br/>
अर्ज़ इतनी है कि इस राज़ का चर्चा ना करें।Upload to Facebook
    दर्द का मेरे यकीं आप करें या ना करें;
    अर्ज़ इतनी है कि इस राज़ का चर्चा ना करें।
    ~ Vahshat Kalkttwi
  • मुझको ढून्ढ लेता है;<br/>
हर रोज़ नए बहाने से;<br/>
दर्द हो गया है वाकिफ;<br/>
मेरे हर ठिकाने से।Upload to Facebook
    मुझको ढून्ढ लेता है;
    हर रोज़ नए बहाने से;
    दर्द हो गया है वाकिफ;
    मेरे हर ठिकाने से।
  • आँखों में रहा दिल में उतर कर ना देखा;<br/>
कश्ती के मुसाफिर ने समंदर ना देखा;<br/>
पत्थर मुझे कहता है मुझे चाहने वाला;<br/>
मैं मोम हूँ उसने मुझे छु कर ना देखा।Upload to Facebook
    आँखों में रहा दिल में उतर कर ना देखा;
    कश्ती के मुसाफिर ने समंदर ना देखा;
    पत्थर मुझे कहता है मुझे चाहने वाला;
    मैं मोम हूँ उसने मुझे छु कर ना देखा।