• नशा हम करते हैं, इल्ज़ाम शराब को दिया जाता है;<br/>
मगर इल्ज़ाम शराब का नहीं उनका है;<br/>
जिनका चेहरा हमें हर जाम में नज़र आता है।
    नशा हम करते हैं, इल्ज़ाम शराब को दिया जाता है;
    मगर इल्ज़ाम शराब का नहीं उनका है;
    जिनका चेहरा हमें हर जाम में नज़र आता है।
  • मयखाने सजे थे, जाम का था दौर;<br/>
जाम में क्या था, ये किसने किया गौर;<br/>
जाम में गम था मेरे अरमानों का;<br/>
और सब कह रहे थे एक और एक और।
    मयखाने सजे थे, जाम का था दौर;
    जाम में क्या था, ये किसने किया गौर;
    जाम में गम था मेरे अरमानों का;
    और सब कह रहे थे एक और एक और।
  • तनहइयो के आलम की ना बात करो जनाब;<br/>
नहीं तो फिर बन उठेगा जाम और बदनाम होगी शराब।
    तनहइयो के आलम की ना बात करो जनाब;
    नहीं तो फिर बन उठेगा जाम और बदनाम होगी शराब।
  • बड़ी भूल हुई अनजाने में, ग़म छोड़ आये महखाने में;<br/>
फिर खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में;<br/>
मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में।
    बड़ी भूल हुई अनजाने में, ग़म छोड़ आये महखाने में;
    फिर खा कर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आये मयखाने में;
    मुझे देख कर मेरे ग़म बोले, बड़ी देर लगा दी आने में।
  • कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं;<br/>
लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं;<br/>
हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर;<br/>
कि पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं।
    कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं;
    लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं;
    हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर;
    कि पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं।
  • मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती;<br/>
मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती;<br/>
सब जानते हैं मैं नशा नही करता;<br/>
मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती।
    मैं तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती;
    मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती;
    सब जानते हैं मैं नशा नही करता;
    मगर मैं भी पी लेता अगर तू शराब होती।
  • आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है;<br/>
खूबसूरत से फूलों में डूब जाने को जी चाहता है;<br/>

आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने;<br/>
क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है।
    आप को इस दिल में उतार लेने को जी चाहता है;
    खूबसूरत से फूलों में डूब जाने को जी चाहता है;
    आपका साथ पाकर हम भूल गए सब मैखाने;
    क्योकि उन मैखानो में भी आपका ही चेहरा नज़र आता है।
  • ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;<br/>
कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;<br/>
ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;<br/>
हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।
    ​रात चुप चाप है पर चाँद खामोश नहीं;
    कैसे कह दूँ कि आज फिर होश नहीं;
    ऐसा डूबा हूँ मैं तुम्हारी आँखों में;
    हाथ में जाम है पर पीने का होश नहीं।
  • तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;<br/>
मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;<br/>
बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;<br/>
जब भी आना शराब लेकर आना।
    तोहफे में मत गुलाब लेकर आना;
    मेरी क़ब्र पर मत चिराग लेकर आना;
    बहुत प्यासा हूँ अरसों से मैं;
    जब भी आना शराब लेकर आना।
  • मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;<br/>
करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।
    मेरी तबाही का इल्जाम अब शराब पर है;
    करता भी क्या और तुम पर जो आ रही थी बात।