• नाम चाहा न कभी भूल के शोहरत माँगी;<br/>
हमने हर हाल में ख़ुश रहने की आदत माँगी;<br/>
हो न हिम्मत तो है बेकार यह दौलत ताक़त;<br/>
हमने भगवान से माँगी है तो हिम्मत माँगी!
    नाम चाहा न कभी भूल के शोहरत माँगी;
    हमने हर हाल में ख़ुश रहने की आदत माँगी;
    हो न हिम्मत तो है बेकार यह दौलत ताक़त;
    हमने भगवान से माँगी है तो हिम्मत माँगी!
  • क्यों तुझे पाने के लिये मिन्नते करूँ;<br/>
मुझे तुझसे मोहब्बत है कोई मतलब तो नहीं!
    क्यों तुझे पाने के लिये मिन्नते करूँ;
    मुझे तुझसे मोहब्बत है कोई मतलब तो नहीं!
  • घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;<br/>
हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
    घर अपना बना लेते हैं, जो दिल में हमारे;
    हम से वो परिंदे, उड़ाये नहीं जाते!
  • मिट्टी की बनी हूँ महक उठूंगी;<br/>
बस तू इक बार बेइन्तहा 'बरस' के तो देख!
    मिट्टी की बनी हूँ महक उठूंगी;
    बस तू इक बार बेइन्तहा 'बरस' के तो देख!
  • बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे;<br/>
इक शहर अब इनका भी होना चाहिए!
    बेवफा लोग बढ़ रहे हैं धीरे धीरे;
    इक शहर अब इनका भी होना चाहिए!
  • मयख़ाने से बढ़कर कोई ज़मीन नहीं;<br/>
जहाँ सिर्फ़ क़दम लड़खड़ाते हैं, ज़मीर नहीं!
    मयख़ाने से बढ़कर कोई ज़मीन नहीं;
    जहाँ सिर्फ़ क़दम लड़खड़ाते हैं, ज़मीर नहीं!
  • कट गया पेड़ मगर ताल्लुक की बात थी;<br/>
बैठे रहे ज़मीन पर वो परिंदे रात भर!
    कट गया पेड़ मगर ताल्लुक की बात थी;
    बैठे रहे ज़मीन पर वो परिंदे रात भर!
  • मुझे खामोश़ देख कर इतना क्यों हैरान होते हो ऐ दोस्तो;<br/>
कुछ नहीं हुआ है बस भरोसा करके धोखा खाया है!
    मुझे खामोश़ देख कर इतना क्यों हैरान होते हो ऐ दोस्तो;
    कुछ नहीं हुआ है बस भरोसा करके धोखा खाया है!
  • लाख समझाया उसे ना मिला करो गैरों से;<br/>
वो हस कर कहने लगे तुम भी तो पहले गैर थे!
    लाख समझाया उसे ना मिला करो गैरों से;
    वो हस कर कहने लगे तुम भी तो पहले गैर थे!
  • कोशिश न कर, सभी को खुश रखने की;<br/>
कुछ लोगों की नाराजगी भी जरूरी है, चर्चा में बने रहने के लिए!
    कोशिश न कर, सभी को खुश रखने की;
    कुछ लोगों की नाराजगी भी जरूरी है, चर्चा में बने रहने के लिए!