• तुम चाहो तो ले लो मेरी रूह की तलाशी;<br/>
यकीन मानो, कुछ भी नहीं बचा मुझमे तुम्हारी मोहब्बत के सिवा!
    तुम चाहो तो ले लो मेरी रूह की तलाशी;
    यकीन मानो, कुछ भी नहीं बचा मुझमे तुम्हारी मोहब्बत के सिवा!
  • वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल ही नहीं;<br/>
दिल का दौरा क्या पड़ा, ये दाग भी धुल गया!
    वो उम्र भर कहते रहे तुम्हारे सीने में दिल ही नहीं;
    दिल का दौरा क्या पड़ा, ये दाग भी धुल गया!
  • बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;<BR/>
लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
    बोसा-ए-रुख़्सार पर तकरार रहने दीजिए;
    लीजिए या दीजिए इंकार रहने दीजिए!
  • अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,<BR/>
हर ख्वाब मे बुलाया है तुझे,<BR/>
क्यू न करे याद तुझ को;<BR/>
जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे!
    अपनी सांसों में महकता पाया है तुझे,
    हर ख्वाब मे बुलाया है तुझे,
    क्यू न करे याद तुझ को;
    जब खुदा ने हमारे लिए बनाया है तुझे!
  • फिरते है मीर अब कहाँ, कोई पूछता नहीं;<br/>
इस आशिक़ी में इज़्ज़त सादात भी गयी!
    फिरते है मीर अब कहाँ, कोई पूछता नहीं;
    इस आशिक़ी में इज़्ज़त सादात भी गयी!
    ~ Mir Taqi Mir
  • ये शायरीयाँ कुछ और नहीं बेइंतहा इश्क है;<br/>
तड़प उनकी उठती है और दर्द लफ्जों में उतर आता है!
    ये शायरीयाँ कुछ और नहीं बेइंतहा इश्क है;
    तड़प उनकी उठती है और दर्द लफ्जों में उतर आता है!
  • जख्म ऐ दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराना भी इश्क है;<br/>
याद रखना `याद` करना और `याद` आना भी इश्क है!
    जख्म ऐ दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराना भी इश्क है;
    याद रखना "याद" करना और "याद" आना भी इश्क है!
  • हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,<br/>
वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
    हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,
    वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
  • बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार;<br/>
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है!
    बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार;
    मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है!
    ~ Gulzar
  • एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;<br/>
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!
    एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;
    मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!