• वो मेरा सब कुछ है पर मुक़द्दर नहीं;<br/>
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
    वो मेरा सब कुछ है पर मुक़द्दर नहीं;
    काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
  • हुस्न वालों को संवरने की क्या जरूरत है;<br/>
वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं।
    हुस्न वालों को संवरने की क्या जरूरत है;
    वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं।
  • सुना है उस को मोहब्बत दुआएँ देती हैं;<br/>
जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे।
    सुना है उस को मोहब्बत दुआएँ देती हैं;
    जो दिल पे चोट तो खाए मगर गिला न करे।
  • चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही मन भरमाया है;<br/>
याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।
    चाहत है या दिल्लगी या यूँ ही मन भरमाया है;
    याद करोगे तुम भी कभी किससे दिल लगाया है।
  • पांवोंं के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र;<br/>
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।
    पांवोंं के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र;
    सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं।
  • तुझसे दूर रहकर कुछ यूँ वक़्त गुजारा मैंने;<br/>
ना होंठ हिले फिर भी तुझे पल-पल पुकारा मैंने।
    तुझसे दूर रहकर कुछ यूँ वक़्त गुजारा मैंने;
    ना होंठ हिले फिर भी तुझे पल-पल पुकारा मैंने।
  • इस दुनिया में कोई खुशियों की चाह में रोता है, कोई गमो की पनाह में रोता है;<br/>
अजीब ज़िन्दगी का सिलसिला है, कोई भरोसे के लिए रोता है, कोई भरोसा करके रोता है।
    इस दुनिया में कोई खुशियों की चाह में रोता है, कोई गमो की पनाह में रोता है;
    अजीब ज़िन्दगी का सिलसिला है, कोई भरोसे के लिए रोता है, कोई भरोसा करके रोता है।
  • खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,<br/>
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी;<br/>
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,<br/>
बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी
    खड़े-खड़े साहिल पर हमने शाम कर दी,
    अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी;
    ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,
    बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी
  • होंठो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है,<br/>
लेकर नाम मेरा देखो महबूब कितना शरमाया है;<br/>
पूछे उनसे मेरी आँखें कितना इश्क है मुझसे,<br/>
पलकें झुकाके वो बोले कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है।
    होंठो पर देखो फिर आज मेरा नाम आया है,
    लेकर नाम मेरा देखो महबूब कितना शरमाया है;
    पूछे उनसे मेरी आँखें कितना इश्क है मुझसे,
    पलकें झुकाके वो बोले कि मेरी हर साँस में बस तू ही समाया है।
  • भीड़ में भी तन्हा रहना मुझको सिखा दिया,<br/>
तेरी मोहब्बत ने दुनिया को झूठा कहना सिखा दिया;<br/>
किसी दर्द या ख़ुशी का एहसास नहीं है अब तो,<br/>
सब कुछ ज़िन्दगी ने चुप-चाप सहना सिखा दिया।
    भीड़ में भी तन्हा रहना मुझको सिखा दिया,
    तेरी मोहब्बत ने दुनिया को झूठा कहना सिखा दिया;
    किसी दर्द या ख़ुशी का एहसास नहीं है अब तो,
    सब कुछ ज़िन्दगी ने चुप-चाप सहना सिखा दिया।