• साहिल पे लोग यूँ ही खड़े देखते रहे;<br/>
दरिया में हम जो उतरे तो दरिया उतर गया!
    साहिल पे लोग यूँ ही खड़े देखते रहे;
    दरिया में हम जो उतरे तो दरिया उतर गया!
    ~ Abdullah Javed
  • कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए;<br/>
वो सो गया है मुझे ख़्वाब से जगाते हुए!
    कहानी लिखते हुए दास्ताँ सुनाते हुए;
    वो सो गया है मुझे ख़्वाब से जगाते हुए!
    ~ Saleem Kausar
  • उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा;<br/>
आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा!
    उस के चेहरे की चमक के सामने सादा लगा;
    आसमाँ पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा!
    ~ Iftikhar Naseem
  • उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद;<br/>
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल!
    उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद;
    वक़्त कितना क़ीमती है आज कल!
    ~ Shakeel Badayuni
  • यादों की बौछारों से जब पलकें भीगने लगती हैं;<br/>
सोंधी सोंधी लगती है तब माज़ी की रुस्वाई भी!
    यादों की बौछारों से जब पलकें भीगने लगती हैं;
    सोंधी सोंधी लगती है तब माज़ी की रुस्वाई भी!
    ~ Gulzar
  • ज़िंदगी जब्र है और जब्र के आसार नहीं;<br/>
हाए इस क़ैद को ज़ंजीर भी दरकार नहीं!
    ज़िंदगी जब्र है और जब्र के आसार नहीं;
    हाए इस क़ैद को ज़ंजीर भी दरकार नहीं!
  • मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है;<br/>
मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है!
    मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता है;
    मगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है!
    ~ Jaleel Manikpuri
  • आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें;<br/>
हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं!
    आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें;
    हम मोहब्बत से मोहब्बत का सिला देते हैं!
    ~ Sahir Ludhianvi
  • न जाने रूठ के बैठा है दिल का चैन कहाँ;<br/>
मिले तो उस को हमारा कोई सलाम कहे!
    न जाने रूठ के बैठा है दिल का चैन कहाँ;
    मिले तो उस को हमारा कोई सलाम कहे!
    ~ Kaleem Aajiz
  • आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या;<br/>
क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या!
    आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या;
    क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या!
    ~ Akhtar Sheerani