• हमने मोहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला;<br/>
होश तब आया जब उसने कहा खुदा किसी एक का नहीं होता।
    हमने मोहब्बत के नशे में आकर उसे खुदा बना डाला;
    होश तब आया जब उसने कहा खुदा किसी एक का नहीं होता।
  • बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,<br/>
ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,<br/>
कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,<br/>
इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
    बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ,
    ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ,
    कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को,
    इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
  • कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये,<br/>
दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह;<br/>
वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए,<br/>
सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।
    कैसे मिलेंगे हमें चाहने वाले बताइये,
    दुनिया खड़ी है राह में दीवार की तरह;
    वो बेवफ़ाई करके भी शर्मिंदा ना हुए,
    सजाएं मिली हमें गुनहगार की तरह।
  • भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत, <br/>
तो भूलके तुमको संभलना हमें भी आता है;<br/>
मेरी फ़ितरत में ये आदत नहीं है वरना, <br/>
तेरी तरह बदल जाना मुझे भी आता है।
    भूलकर हमें अगर तुम रहते हो सलामत,
    तो भूलके तुमको संभलना हमें भी आता है;
    मेरी फ़ितरत में ये आदत नहीं है वरना,
    तेरी तरह बदल जाना मुझे भी आता है।
  • बहुत मुश्किल है दुनिया का सँवरना;<br/>
तिरी ज़ुल्फ़ों का पेच-ओ-ख़म नहीं है!
    बहुत मुश्किल है दुनिया का सँवरना;
    तिरी ज़ुल्फ़ों का पेच-ओ-ख़म नहीं है!
    ~ Asrar ul Haq Majaz
  • न जाने करीब आना किसे कहते हैं;<br/>
मुझे तो आपसे दूर जाना ही नहीं आता!
    न जाने करीब आना किसे कहते हैं;
    मुझे तो आपसे दूर जाना ही नहीं आता!
  • आवाज़ दे के देख लो शायद वो मिल ही जाए;<br/>
वर्ना ये उम्र भर का सफ़र राएगाँ तो है!
    आवाज़ दे के देख लो शायद वो मिल ही जाए;
    वर्ना ये उम्र भर का सफ़र राएगाँ तो है!
    ~ Munir Niazi
  • पूरी तरह से जीना कब का भूल चूका हूँ मैं, <br/>
कुछ तुम में जिन्दा हूँ कूछ खुद मे बाकी हूँ मैं।
    पूरी तरह से जीना कब का भूल चूका हूँ मैं,
    कुछ तुम में जिन्दा हूँ कूछ खुद मे बाकी हूँ मैं।
  • फिजाओं से उलझ कर एक हसीं यह राज़ जाना हैं;<br/>
जिसे कहतें हैं मोहब्बत वह नशा ही कातिलाना है!
    फिजाओं से उलझ कर एक हसीं यह राज़ जाना हैं;
    जिसे कहतें हैं मोहब्बत वह नशा ही कातिलाना है!
  • जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;<br/>
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;
    मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    ~ Javed Akhtar