• आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या;<br/>
क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या!
    आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या;
    क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या!
    ~ Akhtar Sheerani
  • गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए;<br/>
लेकिन इतना तो हुआ कुछ लोग पहचाने गए!
    गो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए;
    लेकिन इतना तो हुआ कुछ लोग पहचाने गए!
    ~ Khatir Ghaznavi
  • हर कर्ज मोहब्बत का अदा करेगा कौन,<br/>
जब हम नहीं होंगे तो वफ़ा करेगा कौन;<br/>
या रब मेरे महबूब को रखना तू सलामत,<br/>
वर्ना मेरे जीने की दुआ करेगा कौन!
    हर कर्ज मोहब्बत का अदा करेगा कौन,
    जब हम नहीं होंगे तो वफ़ा करेगा कौन;
    या रब मेरे महबूब को रखना तू सलामत,
    वर्ना मेरे जीने की दुआ करेगा कौन!
  • उसको बस इतना बता देना इतना आसान नहीं है तुमको भुला देना;<br/>
तेरी यादें भी तेरे जैसी ही हैं उन्हें आता है बस रुला देना!
    उसको बस इतना बता देना इतना आसान नहीं है तुमको भुला देना;
    तेरी यादें भी तेरे जैसी ही हैं उन्हें आता है बस रुला देना!
  • कुछ लोग सितम करने को तैयार बैठे हैं,<br/>
कुछ लोग हम पर दिल हार बैठे हैं;<br/>
इश्क़ को आग का दरिया ही समझ लीजिये,<br/>
कुछ इस पार तो कुछ उस पार बैठे हैं!
    कुछ लोग सितम करने को तैयार बैठे हैं,
    कुछ लोग हम पर दिल हार बैठे हैं;
    इश्क़ को आग का दरिया ही समझ लीजिये,
    कुछ इस पार तो कुछ उस पार बैठे हैं!
  • सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं;<br/>
जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं!
    सामने है जो उसे लोग बुरा कहते हैं;
    जिस को देखा ही नहीं उस को ख़ुदा कहते हैं!
    ~ Sudarshan Faakir
  • अब वही करने लगे दीदार से आगे की बात;<br/>
जो कभी कहते थे बस दीदार होना चाहिए!
    अब वही करने लगे दीदार से आगे की बात;
    जो कभी कहते थे बस दीदार होना चाहिए!
    ~ Zafar Iqbal
  • वो तो दिवानी थी मुझे तन्हा छोड़ गई,<br/>
खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई;<br/>
दुख न सही गम इस बात का है,<br/>
आँखों से करके वादा होंठो से तोड़ गई!
    वो तो दिवानी थी मुझे तन्हा छोड़ गई,
    खुद न रुकी तो अपना साया छोड़ गई;
    दुख न सही गम इस बात का है,
    आँखों से करके वादा होंठो से तोड़ गई!
  • आइने में मेरे अक्सर जो अक्स नज़र आता है,<br/>
ख़ुद से लड़ता हुआ एक शख़्स नज़र आता है,<br/>
क्या पता किस बात से ख़ुद से इतना ख़फ़ा है,<br/>
हर वक़्त बड़ा उदास सा नज़र आता है!
    आइने में मेरे अक्सर जो अक्स नज़र आता है,
    ख़ुद से लड़ता हुआ एक शख़्स नज़र आता है,
    क्या पता किस बात से ख़ुद से इतना ख़फ़ा है,
    हर वक़्त बड़ा उदास सा नज़र आता है!
  • अब तो कोई आह नही बची उसकी वापस आने की, <br/>
देखो आज ऐक और दास्तान, कहानी हो गयी!
    अब तो कोई आह नही बची उसकी वापस आने की,
    देखो आज ऐक और दास्तान, कहानी हो गयी!