• कोई प्यार से जरा सी फुंक मार दे तो बुझ जाऊं;<br/>
नफरत से तो तुफान भी हार गए मुझे बुझाने में!
    कोई प्यार से जरा सी फुंक मार दे तो बुझ जाऊं;
    नफरत से तो तुफान भी हार गए मुझे बुझाने में!
  • वो शायद मतलब से मिलते है;<br/>
मुझे तो मिलने से मतलब है!
    वो शायद मतलब से मिलते है;
    मुझे तो मिलने से मतलब है!
  • ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;<BR/>
जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
    ऐसे माहौल में दवा क्या है दुआ क्या है;
    जहां कातिल ही खुद पूछे कि हुआ क्या है!
  • जिंदगी खेलती उसी से है;<BR/>
जो अच्छा खिलाड़ी होता है!
    जिंदगी खेलती उसी से है;
    जो अच्छा खिलाड़ी होता है!
  • हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते;<br/>
हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं।
    हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते;
    हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं।
  • रिश्ते बनाना इतना आसान जैसे,<br/>
'मिट्टी' पर 'मिट्टी' से  `मिट्टी`  लिखना;<br/>
लेकिन रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल जैसे,<br/>
'पानी' पर 'पानी' से  `पानी`  लिखना!
    रिश्ते बनाना इतना आसान जैसे,
    'मिट्टी' पर 'मिट्टी' से "मिट्टी" लिखना;
    लेकिन रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल जैसे,
    'पानी' पर 'पानी' से "पानी" लिखना!
  • ये जो जिंदगी की किताब है;<br/>
ये किताब भी क्या किताब है;<br/>
इंसान जिल्द संवारने में व्यस्त है;<br/>
और पन्ने बिखरने को बेताब हैं!
    ये जो जिंदगी की किताब है;
    ये किताब भी क्या किताब है;
    इंसान जिल्द संवारने में व्यस्त है;
    और पन्ने बिखरने को बेताब हैं!
  • तुम्हें सिर्फ ठेला दिखता है सड़क पर साहब,<br/>
हक़ीक़त में वो अपना पूरा घर खींचता है!
    तुम्हें सिर्फ ठेला दिखता है सड़क पर साहब,
    हक़ीक़त में वो अपना पूरा घर खींचता है!
  • सिर्फ टूटे हुए लोग ही जानते है,<br/>
की टूटने का दर्द क्या होता है !
    सिर्फ टूटे हुए लोग ही जानते है,
    की टूटने का दर्द क्या होता है !
  • आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';<br/>
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
    जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
    ~ Firaq Gorakhpuri