• पल भर में टूट जाए वो कसम नहीं,<br/>
जो आपको को भूल जाए वो हम नहीं;<br/>
आप हमें भूल जाओ इस बात में भी दम नहीं,<br/>
क्योंकि आप हमें भूल जाओ इतने बुरे हम नहीं!
    पल भर में टूट जाए वो कसम नहीं,
    जो आपको को भूल जाए वो हम नहीं;
    आप हमें भूल जाओ इस बात में भी दम नहीं,
    क्योंकि आप हमें भूल जाओ इतने बुरे हम नहीं!
  • फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;<br/>
जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नहीं, कोई इल्जाम है!
    फिक्र है सबको खुद को सही साबित करने की;
    जैसे ये जिन्दगी, जिन्दगी नहीं, कोई इल्जाम है!
  • खुद न छुपा सके वो अपना चेहरा नकाब में;<br/>
बेवजह हमारी आँखों पे इल्ज़ाम लग गया!
    खुद न छुपा सके वो अपना चेहरा नकाब में;
    बेवजह हमारी आँखों पे इल्ज़ाम लग गया!
  • तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है, तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है;<br/>
खूबसूरती की इंतेहा है तू, तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है!
    तुझे पलकों पर बिठाने को जी चाहता है, तेरी बाहों से लिपटने को जी चाहता है;
    खूबसूरती की इंतेहा है तू, तुझे ज़िन्दगी में बसाने को जी चाहता है!
  • गिरता जाता है चेहरे से नकाब अहिस्ता-अहिस्ता;<br/>
निकलता आ रहा है आफ़ताब अहिस्ता-अहिस्ता!
    गिरता जाता है चेहरे से नकाब अहिस्ता-अहिस्ता;
    निकलता आ रहा है आफ़ताब अहिस्ता-अहिस्ता!
  • धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं, हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं;<br/>
आँसू निकल आये जब वो याद आ गए, जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।
    धड़कन बनके जो दिल में समा गए हैं, हर एक पल उनकी याद में बिताते हैं;
    आँसू निकल आये जब वो याद आ गए, जान निकल जाती है जब वो रूठ जाते हैं।
  • ख़ुद को इतना भी न बचाया कर;<br/>
बारिशें हुआ करे तो भीग जाया कर!
    ख़ुद को इतना भी न बचाया कर;
    बारिशें हुआ करे तो भीग जाया कर!
  • दर्द गैरों को सुनाने की ज़रूरत क्या है, अपने साथ औरों को रुलाने की ज़रूरत क्या है;<br/>
वक्त यूँ ही कम है मोहब्बत के लिए, रूठकर वक्त गंवाने की ज़रूरत क्या है!
    दर्द गैरों को सुनाने की ज़रूरत क्या है, अपने साथ औरों को रुलाने की ज़रूरत क्या है;
    वक्त यूँ ही कम है मोहब्बत के लिए, रूठकर वक्त गंवाने की ज़रूरत क्या है!
  • मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल;<br/>
वरना शौक तो आज भी है बारिशो में भीगने का!
    मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल;
    वरना शौक तो आज भी है बारिशो में भीगने का!
  • तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी;<br/>
कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।
    तमाम लोगों को अपनी अपनी मंजिल मिल चुकी;
    कमबख्त हमारा दिल है, कि अब भी सफर में है।