• ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;<br/>
लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
    ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;
    लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
  • ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;<br/>
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
    ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;
    कभी हमारी आँखो से आकर पूछो, कितने लाजवाब हो तुम!
  • दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,<br/>
हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,<br/>
हमसे तो सब पूछ लेते हैं,<br/> 
पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|
    दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,
    हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,
    हमसे तो सब पूछ लेते हैं,
    पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|
  • कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खामोशी;<br/>

कभी तो, कुछ तो, उसे भी याद आता होगा!
    कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खामोशी;
    कभी तो, कुछ तो, उसे भी याद आता होगा!
  • आसानी से नहीं मिलता ये शोहरत का जाम;<br/>
काबिल-ए-तारीफ़ होने के लिए वाकिफ़-ए-तकलीफ़ होना पड़ता है!
    आसानी से नहीं मिलता ये शोहरत का जाम;
    काबिल-ए-तारीफ़ होने के लिए वाकिफ़-ए-तकलीफ़ होना पड़ता है!
  • कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खामोशी;<br/>
कभी तो, कुछ तो, उसे भी याद आता होगा!
    कोई आदत, कोई बात, या सिर्फ मेरी खामोशी;
    कभी तो, कुछ तो, उसे भी याद आता होगा!
  • आसानी से नहीं मिलता ये शोहरत का जाम;<br/>
काबिल-ए-तारीफ़ होने के लिए वाकिफ़-ए-तकलीफ़ होना पड़ता है!
    आसानी से नहीं मिलता ये शोहरत का जाम;
    काबिल-ए-तारीफ़ होने के लिए वाकिफ़-ए-तकलीफ़ होना पड़ता है!
  • तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;<br/>
तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;<br/>
नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;<br/> 
हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
    तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;
    तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;
    नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;
    हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
  • ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,<br/>
पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
    ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,
    पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
  • सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;<br/>
रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।
    सोचा न था जिंदगी में​ ऐसे भी फ़साने होंगे;
    रोना भी जरूरी होगा और आसूँ भी छुपाने होंगे।