• न किस्सों में, और न किस्तों में,<br/>
जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
    न किस्सों में, और न किस्तों में,
    जिंदगी की खूबसूरती है चंद सच्चे रिश्तों में!
  • बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;<br/>
चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!
    बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;
    चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!
  • प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं;<br/>

जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए।
    प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं;
    जिगर चाहिए अपनी ही खुशियां बर्बाद करने के लिए।
  • रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;<br/>
ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
    रखना है तो फूलों को, तू रख ले निगाहों में;
    ख़ुशबू तो मुसाफ़िर है, खो जाएगी राहों में!
  • अब खुद से मिलने को मन करता है;<br/>

लोगो से सुना है कि बहुत बुरे है हम!
    अब खुद से मिलने को मन करता है;
    लोगो से सुना है कि बहुत बुरे है हम!
  • जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;<br/>
मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता;
    मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता!
    ~ Javed Akhtar
  • शर्म ओ हया का अख़्तियार इतना रहा हम पर;<br/>
जिसको चाहा उमर भर, उसी को जता ना सके!
    शर्म ओ हया का अख़्तियार इतना रहा हम पर;
    जिसको चाहा उमर भर, उसी को जता ना सके!
  • न जाने क्या जादू है आपके पाक इश्क और अदाओं में;<br/>
बेफ़िक्र हूँ ज़माने से और मसरूफ़ हूँ आपकी मोहब्बत में!
    न जाने क्या जादू है आपके पाक इश्क और अदाओं में;
    बेफ़िक्र हूँ ज़माने से और मसरूफ़ हूँ आपकी मोहब्बत में!
  • ज़ायां ना कर अपने अल्फाज किसी के लिए;<br/>
खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है!
    ज़ायां ना कर अपने अल्फाज किसी के लिए;
    खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है!
  • हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,<br/>
पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।
    हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
    पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।