• कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इँतज़ार का मंजर भी;<br/>
जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिये आँसु बहायेंगे!
    कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इँतज़ार का मंजर भी;
    जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिये आँसु बहायेंगे!
  • ख़ाली नहीं रहा कभी आँखों का ये मकान,<br/>

सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गयी।
    ख़ाली नहीं रहा कभी आँखों का ये मकान,
    सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गयी।
  • कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करूँ, ऐ ज़िंदगी तुझको,<br/>

जिधर भी देखूँ, तू ही तू बिखरी पड़ी है।
    कहाँ-कहाँ से इकट्ठा करूँ, ऐ ज़िंदगी तुझको,
    जिधर भी देखूँ, तू ही तू बिखरी पड़ी है।
  • उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;<br/>
हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!
    उन्होंने कहा, बहुत बोलते हो, अब क्या बरस जाओगे;
    हमने कहा, चुप हो गए तो तुम तरस जाओगे!
  • किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज;<br/>
लोगों ने बाँट रखा है मुझे, दवा की तरह।
    किसी के ज़ख्म का मरहम, किसी के ग़म का ईलाज;
    लोगों ने बाँट रखा है मुझे, दवा की तरह।
  • आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की;<br/>
ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो!
    आदत बना ली मैंने खुद को तकलीफ देने की;
    ताकि जब कोई अपना तकलीफ दे तो ज्यादा तकलीफ ना हो!
  • अक्सर वो फैंसले मेरे हक़ में गलत हुए;<br/>
जिन फैंसलों के नीचे तेरे दस्तखत हुए!
    अक्सर वो फैंसले मेरे हक़ में गलत हुए;
    जिन फैंसलों के नीचे तेरे दस्तखत हुए!
  • कल तुझसे बिछड़ने का फैंसला कर लिया था;<br/>
आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!
    कल तुझसे बिछड़ने का फैंसला कर लिया था;
    आज अपने ही दिल को रिश्वत दे रहा हूँ!
  • आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने;<br/>
रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे!
    आया था एक शख्स मेरा दर्द बाँटने;
    रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे!
  • फ़क्र ये कि तुम मेरे हो;<br/>
फ़िक्र ये कि पता नहीं कब तक।
    फ़क्र ये कि तुम मेरे हो;
    फ़िक्र ये कि पता नहीं कब तक।