• माता-पिता की जितनी ज़रुरत हमें बचपन में होती है;<br/>
उतनी ही ज़रूरत उन्हें बुढ़ापे में हमारी होती है!
    माता-पिता की जितनी ज़रुरत हमें बचपन में होती है;
    उतनी ही ज़रूरत उन्हें बुढ़ापे में हमारी होती है!
  • क्रोध और आँधी दोनों एक समान हैं!<br/>
शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ है!
    क्रोध और आँधी दोनों एक समान हैं!
    शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकसान हुआ है!
  • आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिती अच्छी होनी चाहिए!<br/>
 घर में सोफासेट हो, डिनरसेट हो, टीवीसेट हो, मेकअप सेट हो पर `माइंडसेट` न हो, तो आप कहीं भी सेट नही हो सकते!
    आर्थिक स्थिति कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिती अच्छी होनी चाहिए!
    घर में सोफासेट हो, डिनरसेट हो, टीवीसेट हो, मेकअप सेट हो पर "माइंडसेट" न हो, तो आप कहीं भी सेट नही हो सकते!
  • दोस्त हालात बदलने वाले रखो, हालात के साथ बदलने वाले नहीं!
    दोस्त हालात बदलने वाले रखो, हालात के साथ बदलने वाले नहीं!
  • किसी ने पूछा, `समाज को आगे बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?`<br/>
एक विद्वान ने जवाब दिया, `टांग के बदले हाथ खींचो!`
    किसी ने पूछा, "समाज को आगे बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए?"
    एक विद्वान ने जवाब दिया, "टांग के बदले हाथ खींचो!"
  • मुश्किल वक़्त में जब मन से धीरे से आवाज़ आती है, `सब अच्छा होगा`, यही आवाज़ परमेश्वर की होती है!
    मुश्किल वक़्त में जब मन से धीरे से आवाज़ आती है, "सब अच्छा होगा", यही आवाज़ परमेश्वर की होती है!
  • रुद्राक्ष हो या इंसान, बहुत मुश्किल से मिलते हैं एकमुखी।
    रुद्राक्ष हो या इंसान, बहुत मुश्किल से मिलते हैं एकमुखी।
  • सलाह हारे हुए की, तज़ुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को ज़िन्दगी में कभी हारने नहीं देते!
    सलाह हारे हुए की, तज़ुर्बा जीते हुए का और दिमाग खुद का इंसान को ज़िन्दगी में कभी हारने नहीं देते!
  • सादगी का ज्ञान सभी देते हैं पर मरते सब चेहरे पर ही हैं!
    सादगी का ज्ञान सभी देते हैं पर मरते सब चेहरे पर ही हैं!
  • जितना डर कोरोना से लग रहा है अगर उतना डर कर्मों से लगने लग जाये तो दुनिया अपने आप स्वर्ग बन जाएगी!
    जितना डर कोरोना से लग रहा है अगर उतना डर कर्मों से लगने लग जाये तो दुनिया अपने आप स्वर्ग बन जाएगी!