• कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।
    कर्मों से ही पहचान होती है इंसानों की क्योंकि महेंगे कपडे तो 'पुतले' भी पहनते है दुकानों में।
  • इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।
    इंसान के अंदर जो समा कर रहे वह स्वाभिमान है और जो बाहर छलके वो अभिमान है।
  • कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये<br/>
'संग' + 'हर्ष'<br/>
बस फिर दुनिया बदल जाएगी।
    कभी संघर्ष को ऐसे पढ़ कर देखिये
    'संग' + 'हर्ष'
    बस फिर दुनिया बदल जाएगी।
  • कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है पर रोटी की साईज़ लगभग  सब घर में एक जैसी ही होती है।
    कमाई छोटी या बड़ी हो सकती है पर रोटी की साईज़ लगभग सब घर में एक जैसी ही होती है।
  • पैसा इंसान को ऊपर ले जा सकता है;<br/>
लेकिन इंसान पैसा ऊपर नही ले जा सकता।
    पैसा इंसान को ऊपर ले जा सकता है;
    लेकिन इंसान पैसा ऊपर नही ले जा सकता।
  • मनुष्य अपने अभाव से इतना दुखी नहीं है, जितना दूसरे के प्रभाव से दुखी होता है।
    मनुष्य अपने अभाव से इतना दुखी नहीं है, जितना दूसरे के प्रभाव से दुखी होता है।
  • विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है। विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इंसान को पत्थर दिल बना सकता है।
    विश्वास में वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में प्रकाश लाया जा सकता है। विश्वास पत्थर को भगवान बना सकता है और अविश्वास भगवान के बनाए इंसान को पत्थर दिल बना सकता है।
  • हर 'बादशाह' का भी एक 'वक्त' होता है, और हर 'वक्त' का एक 'बादशाह' होता है।
    हर 'बादशाह' का भी एक 'वक्त' होता है, और हर 'वक्त' का एक 'बादशाह' होता है।
  • दुनिया में सबसे ताकतवर इंसान वो होता है जो धोखा खा कर भी लोगों की मदद करना नही छोड़ता।
    दुनिया में सबसे ताकतवर इंसान वो होता है जो धोखा खा कर भी लोगों की मदद करना नही छोड़ता।
  • इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नहीं।<br/>
उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नहीं।
    इंसानियत दिल में होती है, हैसियत में नहीं।
    उपरवाला कर्म देखता है, वसीयत नहीं।