• शीशा और रिश्ता वैसे दोनों नाजुक होते हैं;<br />
बस फर्क तो इतना है कि शीशा गलती से टूट जाता है;<br />
और रिश्ता गलतफैमियों से!
    शीशा और रिश्ता वैसे दोनों नाजुक होते हैं;
    बस फर्क तो इतना है कि शीशा गलती से टूट जाता है;
    और रिश्ता गलतफैमियों से!
  • विज्ञान कहता है के जीभ पर लगी चोट जल्दी ठीक होती है;<br />
और ज्ञान कहता है के जीभ से लगी चोट कभी ठीक नहीं होती है!
    विज्ञान कहता है के जीभ पर लगी चोट जल्दी ठीक होती है;
    और ज्ञान कहता है के जीभ से लगी चोट कभी ठीक नहीं होती है!
  • काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;<br />
हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;<br />
यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;<br />
जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
    काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
    हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
    यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
    जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
  • भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;<br />
लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!
    भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;
    लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!
  • अहंकार में तीन गए;<br />
धन, वैभव और वंश!<br />
ना मानो तो देख लो;<br />
रावन, कौरव और कंस!
    अहंकार में तीन गए;
    धन, वैभव और वंश!
    ना मानो तो देख लो;
    रावन, कौरव और कंस!
  • 'इंसान' एक दुकान है, और 'जुबान' उसका ताला;<br />
जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है;<br />
कि दूकान 'सोने' कि है, या 'कोयले' की!
    'इंसान' एक दुकान है, और 'जुबान' उसका ताला;
    जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है;
    कि दूकान 'सोने' कि है, या 'कोयले' की!
  • आपको कौन मिलता है, यह समय तय करता है!<br />
आप उनमें से किसका साथ चाहते हैं, यह आप तय करते हैं!<br />
और उनमें से कौन आपके साथ रहता है, यह आपका व्यहार तय करता है!
    आपको कौन मिलता है, यह समय तय करता है!
    आप उनमें से किसका साथ चाहते हैं, यह आप तय करते हैं!
    और उनमें से कौन आपके साथ रहता है, यह आपका व्यहार तय करता है!
  • स्वास्थ्य सबसे बड़ी दौलत है! संतोष सबसे बड़ा खजाना है! आत्म -विश्वास सबसे बड़ा मित्र है!
    स्वास्थ्य सबसे बड़ी दौलत है! संतोष सबसे बड़ा खजाना है! आत्म -विश्वास सबसे बड़ा मित्र है!
  • अंधकार से कभी अंधकार को मिटाया नहीं जा सकता;<br />
सिर्फ प्रकाश ही ऐसा कर सकता है!<br />
इसी प्रकार नफरत से नफरत को नहीं मिटाया जा सकता;<br />
सिर्फ प्यार से ऐसा ऐसा किया जा सकता है!
    अंधकार से कभी अंधकार को मिटाया नहीं जा सकता;
    सिर्फ प्रकाश ही ऐसा कर सकता है!
    इसी प्रकार नफरत से नफरत को नहीं मिटाया जा सकता;
    सिर्फ प्यार से ऐसा ऐसा किया जा सकता है!
  • इंसान को बदाम खाने से नहीं;<br />
जिंदगी में ठोकर खाने से अक्ल आती है!
    इंसान को बदाम खाने से नहीं;
    जिंदगी में ठोकर खाने से अक्ल आती है!