• अपने रिश्तों और पैसों की कदर एक सामान करें क्योंकि दोनों कमाने मुश्किल हैं लेकिन गंवाने आसान।
    अपने रिश्तों और पैसों की कदर एक सामान करें क्योंकि दोनों कमाने मुश्किल हैं लेकिन गंवाने आसान।
  • सुख और दुःख हमारे पारिवारिक सदस्य नहीं, मेहमान हैं।<br/>
जो बारी - बारी से आयेंगे, कुछ दिन ठहर कर चले जायेंगे। अगर वो नहीं आयेंगे तो हम अनुभव कहाँ से लायेंगे।
    सुख और दुःख हमारे पारिवारिक सदस्य नहीं, मेहमान हैं।
    जो बारी - बारी से आयेंगे, कुछ दिन ठहर कर चले जायेंगे। अगर वो नहीं आयेंगे तो हम अनुभव कहाँ से लायेंगे।
  • बस एक ही बात सीखी है ज़िन्दगी में,<br/>
अगर अपनों के करीब रहना है तो मौन रहो और अपनों को करीब रखना है तो बात दिल पर मर लो।
    बस एक ही बात सीखी है ज़िन्दगी में,
    अगर अपनों के करीब रहना है तो मौन रहो और अपनों को करीब रखना है तो बात दिल पर मर लो।
  • यह ज़रूरी नहीं कि इंसान हर रोज़ मंदिर जाये बल्कि...<br/>
कर्म ऐसे होने चाहिए कि इंसान जहाँ भी जाये मंदिर वहीं बन जाये।
    यह ज़रूरी नहीं कि इंसान हर रोज़ मंदिर जाये बल्कि...
    कर्म ऐसे होने चाहिए कि इंसान जहाँ भी जाये मंदिर वहीं बन जाये।
  • काम का आलस और पैसों का लालच,<br/>
हमें महान बनने नहीं देता।
    काम का आलस और पैसों का लालच,
    हमें महान बनने नहीं देता।
  • टूटी कलम और औरो से जलन, खुद का भाग्य लिखने नहीं देती ।
    टूटी कलम और औरो से जलन, खुद का भाग्य लिखने नहीं देती ।
  • मंज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है अगर गुरूर में रहोगे तो रास्ते भी नहीं देख पाओगे।
    मंज़िल पाना तो बहुत दूर की बात है अगर गुरूर में रहोगे तो रास्ते भी नहीं देख पाओगे।
  • ज़िन्दगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है लेकिन अपना कौन है ये तो वक़्त ही बताता है।
    ज़िन्दगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है लेकिन अपना कौन है ये तो वक़्त ही बताता है।
  • जितना अगूंठा फ़ोन पर चलता है अगर इतना माला पर चल जाता तो भगवान मिल जाते।
    जितना अगूंठा फ़ोन पर चलता है अगर इतना माला पर चल जाता तो भगवान मिल जाते।
  • समय बहाकर ले जाता है, नाम और निशान;<br/>
कोई 'हम' में रह जाता है, और कोई 'अहम' में।
    समय बहाकर ले जाता है, नाम और निशान;
    कोई 'हम' में रह जाता है, और कोई 'अहम' में।