• जिसका ये ऐलान है कि वो मज़े में है,<br/>
या तो वो फ़कीर है या नशे में है!
    जिसका ये ऐलान है कि वो मज़े में है,
    या तो वो फ़कीर है या नशे में है!
  • पहले 20 रुपये की लैदर बॉल के लिए 11 दोस्त पैसे इकट्ठे करते थे!<br/>
अब बॉल तो अकेले ले सकते हैं लेकिन 11 दोस्त इकट्ठे नहीं होते!
    पहले 20 रुपये की लैदर बॉल के लिए 11 दोस्त पैसे इकट्ठे करते थे!
    अब बॉल तो अकेले ले सकते हैं लेकिन 11 दोस्त इकट्ठे नहीं होते!
  • ताकत आवाज़ में नहीं अपने विचारों में रखिये कयोंकि फसल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं!
    ताकत आवाज़ में नहीं अपने विचारों में रखिये कयोंकि फसल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं!
  • मेरी तो आदत थी रिश्तों में, दूध-शक्कर की तरह घुल मिल जाने की;<br/>
पर मुझे तो याद ही नहीं रहा कि ज़माना तो शुगर फ़्री हो गया है!
    मेरी तो आदत थी रिश्तों में, दूध-शक्कर की तरह घुल मिल जाने की;
    पर मुझे तो याद ही नहीं रहा कि ज़माना तो शुगर फ़्री हो गया है!
  • मौसम बहुत सर्द है,<br/>
ऐ दिल, चलो कुछ ख्वाइशों को जलाया जाए!
    मौसम बहुत सर्द है,
    ऐ दिल, चलो कुछ ख्वाइशों को जलाया जाए!
  • ज़िन्दगी की यही रीत है,<br/>
पीठ पीछे सब कमीने और सामने सब स्वीट हैं!
    ज़िन्दगी की यही रीत है,
    पीठ पीछे सब कमीने और सामने सब स्वीट हैं!
  • आज अचानक उसे मेरी याद आयी है<br/>
लगता है फिर कोई मुसीबत उसके पास आई है!
    आज अचानक उसे मेरी याद आयी है
    लगता है फिर कोई मुसीबत उसके पास आई है!
  • मुर्गे से पूछा गया तुम्हें लोग जीने क्यों नहीं देते काट देते हैं।<br/>
मुर्गे ने कहा लोगों को जगाने वालों का यही हश्र होता है।
    मुर्गे से पूछा गया तुम्हें लोग जीने क्यों नहीं देते काट देते हैं।
    मुर्गे ने कहा लोगों को जगाने वालों का यही हश्र होता है।
  • पड़ोस वाली चाची 9 दिन व्रत रखकर माता को बुला रहीं थी!<br/>
12वें दिन पोती हो गई! तब से मुँह फुलाये बैठी हैं!
    पड़ोस वाली चाची 9 दिन व्रत रखकर माता को बुला रहीं थी!
    12वें दिन पोती हो गई! तब से मुँह फुलाये बैठी हैं!
  • तू तो समझदार है , तू क्यों उसके मुंह लग रहा है...<br/>
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ये वो रामबाण वाक्य है जो लड़ाई को शांत करने के लिए बोला जाता है!
    तू तो समझदार है , तू क्यों उसके मुंह लग रहा है...
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    ये वो रामबाण वाक्य है जो लड़ाई को शांत करने के लिए बोला जाता है!