• भगवान सिर्फ वहाँ नहीं है जहांँ हम प्रार्थना करते हैं, भगवान वहाँ भी है जहांँ हम गुनाह करते हैं।
    भगवान सिर्फ वहाँ नहीं है जहांँ हम प्रार्थना करते हैं, भगवान वहाँ भी है जहांँ हम गुनाह करते हैं।
  • पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप।<br/>
राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप।।
    पवन तनय संकट हरन मंगल मूरति रूप।
    राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप।।
  • संसार आँख खोलकर देखा जाता है, परमात्मा आँख बंद करके देखा जाता है!<br/>
संसार दूर-दूर है, उसके लिए यात्रा करनी पड़ती है; परमात्मा पास-पास है, उसके लिए सब यात्रा छोड़नी पड़ती है!
    संसार आँख खोलकर देखा जाता है, परमात्मा आँख बंद करके देखा जाता है!
    संसार दूर-दूर है, उसके लिए यात्रा करनी पड़ती है; परमात्मा पास-पास है, उसके लिए सब यात्रा छोड़नी पड़ती है!
  • ज़ुबानी इबादत ही काफी नहीं;<br/>
ख़ुदा सुन रहा है ख्यालात भी!
    ज़ुबानी इबादत ही काफी नहीं;
    ख़ुदा सुन रहा है ख्यालात भी!
  • ध्यान का अर्थ आँखें बंद करना नहीं, आँखें खोलना है!<br/>
बंद तो पहले से ही हैं!
    ध्यान का अर्थ आँखें बंद करना नहीं, आँखें खोलना है!
    बंद तो पहले से ही हैं!
  • दुआएं रद्द नहीं होती बस बेहतरीन वक़्त पे कबूल हो जाती हैं!
    दुआएं रद्द नहीं होती बस बेहतरीन वक़्त पे कबूल हो जाती हैं!
  • ऐ माँ नवाज दे उन्हें तू तेरी महर से,<br/>
जिन्होंने देखा नहीं दुनिया को दुनिया की नजर से,<br/>
जिनके चहरे की मासूमियत तेरे वजूद की गवाह है,<br/>
जिनको रहती है उम्मीद बस तेरे ही दर से।
    ऐ माँ नवाज दे उन्हें तू तेरी महर से,
    जिन्होंने देखा नहीं दुनिया को दुनिया की नजर से,
    जिनके चहरे की मासूमियत तेरे वजूद की गवाह है,
    जिनको रहती है उम्मीद बस तेरे ही दर से।
  • मेरी दीवानगी का उधार 'श्याम' तुझे चुकाने की जरुरत नही है,<br/>
मैं तुझे देखता हूँ और किश्तें अदा हो जाती है।
    मेरी दीवानगी का उधार 'श्याम' तुझे चुकाने की जरुरत नही है,
    मैं तुझे देखता हूँ और किश्तें अदा हो जाती है।
  • कैसे शुक्र करूँ तेरी रहमतों का ए खुदा,<br/>
मुझे माँगने का सलीका नही हैं, पर तू देने की हर अदा जानता है।
    कैसे शुक्र करूँ तेरी रहमतों का ए खुदा,
    मुझे माँगने का सलीका नही हैं, पर तू देने की हर अदा जानता है।
  • कान्हा तेरे वादे तू ही जाने, मेरा तो आज भी वही कहना है,<br/>
जिस दिन साँस टूटेगी, उस दिन ही तेरी आस छूटेगी।
    कान्हा तेरे वादे तू ही जाने, मेरा तो आज भी वही कहना है,
    जिस दिन साँस टूटेगी, उस दिन ही तेरी आस छूटेगी।