• कोई गिला कोई शिकवा ना रहे आपसे;<br/>
यह आरज़ू है कि सिलसिला रहे आपसे;<br/>
बस इस बात की बड़ी उम्मीद है आपसे;<br/>
खफा ना होना अगर हम खफा रहें आपसे।Upload to Facebook
    कोई गिला कोई शिकवा ना रहे आपसे;
    यह आरज़ू है कि सिलसिला रहे आपसे;
    बस इस बात की बड़ी उम्मीद है आपसे;
    खफा ना होना अगर हम खफा रहें आपसे।
  • दोस्ती में दूरियां तो आती रहती हैं;<br/>
फिर भी दोस्ती दिलों को मिला देती है;<br/>
वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराज़गी ना हो;<br/>
पर सच्ची दोस्ती रूठे हुए को मना लेती है।Upload to Facebook
    दोस्ती में दूरियां तो आती रहती हैं;
    फिर भी दोस्ती दिलों को मिला देती है;
    वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराज़गी ना हो;
    पर सच्ची दोस्ती रूठे हुए को मना लेती है।
  • इस कदर हमारा इम्तिहान मत लीजिये;<br/>
क्यों हो गए हो ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;<br/>
कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है कोई खता हमसे;<br/>
यूँ मुँह फेर कर हमसे हमें सज़ा तो मत दीजिये।Upload to Facebook
    इस कदर हमारा इम्तिहान मत लीजिये;
    क्यों हो गए हो ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;
    कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है कोई खता हमसे;
    यूँ मुँह फेर कर हमसे हमें सज़ा तो मत दीजिये।
  • भूल से कोई भूल हुई तो<br/>
भूल समझ कर भूल जाना;<br/>
पर भूलना सिर्फ भूल को;<br/>
भूल से भी हमें ना भुला जाना।Upload to Facebook
    भूल से कोई भूल हुई तो
    भूल समझ कर भूल जाना;
    पर भूलना सिर्फ भूल को;
    भूल से भी हमें ना भुला जाना।
  • कुछ पल में ज़िंदगी की तस्वीर बन जाती है;<br/>
कुछ पल में ज़िंदगी की तक़दीर बदल जाती है;<br/>
कर दो हमे माफ़ तुम ना होना यूँ हमसे खफा ऐ मेरे दोस्त;<br/>
क्योंकि इसी रुस्वाई से पूरी ज़िंदगी बिखर जाती है।Upload to Facebook
    कुछ पल में ज़िंदगी की तस्वीर बन जाती है;
    कुछ पल में ज़िंदगी की तक़दीर बदल जाती है;
    कर दो हमे माफ़ तुम ना होना यूँ हमसे खफा ऐ मेरे दोस्त;
    क्योंकि इसी रुस्वाई से पूरी ज़िंदगी बिखर जाती है।
  • बहुत ही उदास है कोई शख्स तेरे जाने से;<br/>
हो सके तो लौट कर आज किसी बहाने से;<br/>
भले तू लाख ख़फ़ा हो पर एक बार तो देख ले;<br/>
कोई बिखर गया है तेरे रूठ कर जाने से।Upload to Facebook
    बहुत ही उदास है कोई शख्स तेरे जाने से;
    हो सके तो लौट कर आज किसी बहाने से;
    भले तू लाख ख़फ़ा हो पर एक बार तो देख ले;
    कोई बिखर गया है तेरे रूठ कर जाने से।
  • चुप रहते हैं हम कि कोई खता न हो जाये;<br/>
हमसे यूँ ही कोई रुस्वा न हो जाये;<br/>
बड़ी मुश्किल से बना है अपना कोई;<br/>
मिलने से पहले ही कोई जुदा न हो जाये।Upload to Facebook
    चुप रहते हैं हम कि कोई खता न हो जाये;
    हमसे यूँ ही कोई रुस्वा न हो जाये;
    बड़ी मुश्किल से बना है अपना कोई;
    मिलने से पहले ही कोई जुदा न हो जाये।
  • वो मेरा दोस्त जो खुदा सा लगता है;<br/>
दिल के पास है पर फिर भी जुदा सा लगता है;<br/>
बहुत दिनों से आया नहीं कोई पैगाम उसका;<br/>
शायद किसी बात पे हमसे ख़फ़ा सा लगता है।Upload to Facebook
    वो मेरा दोस्त जो खुदा सा लगता है;
    दिल के पास है पर फिर भी जुदा सा लगता है;
    बहुत दिनों से आया नहीं कोई पैगाम उसका;
    शायद किसी बात पे हमसे ख़फ़ा सा लगता है।
  • खता अगर हमसे हो जाये तो माफ़ करना;<br/>
याद ना कर पाये तुम्हें तो माफ़ करना;<br/>
यूँ तो हम कभी आपको भूलते नहीं;<br/>
पर यह दिल की धड़कन ही थम जाये तो माफ़ करना।Upload to Facebook
    खता अगर हमसे हो जाये तो माफ़ करना;
    याद ना कर पाये तुम्हें तो माफ़ करना;
    यूँ तो हम कभी आपको भूलते नहीं;
    पर यह दिल की धड़कन ही थम जाये तो माफ़ करना।
  • इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान न लीजिये;<br/>
क्यों हो हमसे ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;<br/>
कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है मुझसे कोई खता;<br/>
यूँ रूठ कर हमसे हमें सज़ा तो न दीजिये।Upload to Facebook
    इस कदर हमारी चाहत का इम्तिहान न लीजिये;
    क्यों हो हमसे ख़फ़ा ये बयां तो कीजिये;
    कर दीजिये माफ़ अगर हो गयी है मुझसे कोई खता;
    यूँ रूठ कर हमसे हमें सज़ा तो न दीजिये।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT