• इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,<br/>
आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!
    इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,
    आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!
  • लीज पर मिली है ये जिन्दगी,<br/>
रजिस्ट्री के चक्कर में ना पड़ें।
    लीज पर मिली है ये जिन्दगी,
    रजिस्ट्री के चक्कर में ना पड़ें।
  • जीवन में सबसे कठिन दौर यह नहीं है जब कोई तुम्हें समझता नहीं है;<br/>
बल्कि यह तब होता है जब तुम अपने आप को नहीं समझ पाते।
    जीवन में सबसे कठिन दौर यह नहीं है जब कोई तुम्हें समझता नहीं है;
    बल्कि यह तब होता है जब तुम अपने आप को नहीं समझ पाते।
  • पैसे की दौड़ में पाप धोने को मिले ना मिले;<br />
फिर से जीवन में पुण्य कमाने को मिले ना मिले;<br />
कर लो कर्म दिल से;<br />
क्या पता दोबारा ये जीवन मिले ना मिले।
    पैसे की दौड़ में पाप धोने को मिले ना मिले;
    फिर से जीवन में पुण्य कमाने को मिले ना मिले;
    कर लो कर्म दिल से;
    क्या पता दोबारा ये जीवन मिले ना मिले।
  • रोने से किसी को पाया नहीं जाता;<br/>
खोने से किसी को भुलाया नहीं जाता;<br/>
वक्त सबको मिलता है ज़िंदगी बदलने के लिए;<br/>
पर ज़िंदगी नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए।
    रोने से किसी को पाया नहीं जाता;
    खोने से किसी को भुलाया नहीं जाता;
    वक्त सबको मिलता है ज़िंदगी बदलने के लिए;
    पर ज़िंदगी नहीं मिलती वक्त बदलने के लिए।
  • कोई नहीं होता हमेशा के लिए किसी का;<br/>
लिखा है साथ थोड़ा-थोड़ा सभी का;<br/>
मत बनाओ किसी को अपने जीने की वजह;<br/>
क्योंकि जीना है अकेले, यह असूल है ज़िंदगी का।
    कोई नहीं होता हमेशा के लिए किसी का;
    लिखा है साथ थोड़ा-थोड़ा सभी का;
    मत बनाओ किसी को अपने जीने की वजह;
    क्योंकि जीना है अकेले, यह असूल है ज़िंदगी का।
  • हर सपना कुछ पाने से पूरा नहीं होता;<br/>
कोई किसी के बिन अधूरा नहीं होता;<br/>
जो चाँद रौशन करता है रात भर सब को;<br/>
हर रात वो भी तो पूरा नहीं होता।
    हर सपना कुछ पाने से पूरा नहीं होता;
    कोई किसी के बिन अधूरा नहीं होता;
    जो चाँद रौशन करता है रात भर सब को;
    हर रात वो भी तो पूरा नहीं होता।
  • हँसना ज़िंदगी है;<br/>
हँस कर गम भुलाना ज़िंदगी है;<br/>
जीत कर हँसे तो क्या हँसे;<br/>
हार कर ख़ुशियाँ मनाना ज़िंदगी है।
    हँसना ज़िंदगी है;
    हँस कर गम भुलाना ज़िंदगी है;
    जीत कर हँसे तो क्या हँसे;
    हार कर ख़ुशियाँ मनाना ज़िंदगी है।
  • मरता नहीं कोई किसी के बगैर ये हकीकत है जिंदगी की; <br/>
लेकिन<br/>
सिर्फ साँसें लेने को 'जीना' तो नहीं कहते।
    मरता नहीं कोई किसी के बगैर ये हकीकत है जिंदगी की;
    लेकिन
    सिर्फ साँसें लेने को 'जीना' तो नहीं कहते।
  • नींद तो बचपन में आती थी.....<br/>
अब तो सिर्फ सोते है हम।
    नींद तो बचपन में आती थी.....
    अब तो सिर्फ सोते है हम।