• रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;<br />दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;<br />जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;<br />
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।Upload to Facebook
    रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;
    दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;
    जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;
    उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
  • आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,<br />
`क्या बचा है?`<br />
मैने कहा, `मैं बच गया हूँ।`<br />
उसने गले लगाकर कहा, `फिर जला ही क्या है?`Upload to Facebook
    आग लगी थी मेरे घर को एक सच्चे दोस्त ने पूछा,
    "क्या बचा है?"
    मैने कहा, "मैं बच गया हूँ।"
    उसने गले लगाकर कहा, "फिर जला ही क्या है?"
  • अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;<br />
दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;<br />
हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;<br />
अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।Upload to Facebook
    अपनी ज़िंदगी के कुछ अलग ही उसूल हैं;
    दोस्ती की खातिर हमें काँटे भी क़बूल हैं;
    हँस कर चल देंगे काँच के टुकड़ों पर भी;
    अगर दोस्त कहे कि यह दोस्ती में बिछाये फूल हैं।
  • दोस्त एक ऐसा चोर होता है,<br />
जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।Upload to Facebook
    दोस्त एक ऐसा चोर होता है,
    जो आँखों से आँसू, चेहरे से परेशानी, दिल से मायूसी, ज़िन्दगी से दर्द और बस चले तो हाथों की लकीरों से मौत तक चुरा ले।
  • शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...<br />
शराबी दोस्त अच्छे होते हैं `गिलास` ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।Upload to Facebook
    शराबी दोस्त रखता हूँ क्योंकि...
    शराबी दोस्त अच्छे होते हैं "गिलास" ज़रूर तोड़ते हैं मगर दिल नहीं।
  • गुनाह करके सजा से डरते हैं,<br />
ज़हर पी के दवा से डरते हैं,<br />
दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं हमें,<br />
हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है। Upload to Facebook
    गुनाह करके सजा से डरते हैं,
    ज़हर पी के दवा से डरते हैं,
    दुश्मनों के सितम का खौफ नहीं हमें,
    हम तो दोस्तों के खफा होने से डरते है।
  • ऐ दोस्त तुम पे लिखना कहाँ से शुरू करूँ;<br />
अदा से करूँ या हया से करूँ;<br />
तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है;<br />
पता नहीं कि तारीफ ज़ुबाँ से करूँ या दुआ से करूँ।Upload to Facebook
    ऐ दोस्त तुम पे लिखना कहाँ से शुरू करूँ;
    अदा से करूँ या हया से करूँ;
    तुम्हारी दोस्ती इतनी खूबसूरत है;
    पता नहीं कि तारीफ ज़ुबाँ से करूँ या दुआ से करूँ।
  • दोस्ती कर के देखो, दोस्ती में दोस्त खुदा होता है;<br />
यह एहसास तब होता है जब दोस्त, दोस्त से जुदा होता है।Upload to Facebook
    दोस्ती कर के देखो, दोस्ती में दोस्त खुदा होता है;
    यह एहसास तब होता है जब दोस्त, दोस्त से जुदा होता है।
  • दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है;<br />
किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है;<br />
ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है;<br />
जिसके दम से रौशन ये सारी कायनात है।Upload to Facebook
    दोस्ती दर्द नहीं खुशियों की सौगात है;
    किसी अपने का ज़िंदगी भर का साथ है;
    ये तो दिलों का वो खूबसूरत एहसास है;
    जिसके दम से रौशन ये सारी कायनात है।
  • रिश्तों की है यह दुनिया निराली;<br />
सब रिश्तों से प्यारी है यह दोस्ती तुम्हारी;<br />
मंज़ूर हैं आँसू भी आँखों में तुम्हारी;<br />
ऐ दोस्त अगर आ जाये होंठों पे मुस्कान तुम्हारी।Upload to Facebook
    रिश्तों की है यह दुनिया निराली;
    सब रिश्तों से प्यारी है यह दोस्ती तुम्हारी;
    मंज़ूर हैं आँसू भी आँखों में तुम्हारी;
    ऐ दोस्त अगर आ जाये होंठों पे मुस्कान तुम्हारी।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT