• पठान और सिंधी आपस में बातें कर रहे थे।<br/>
सिंधी: चल अपने बचपन की कोई बात बता?<br/>
पठान: यार, बचपन में... मैं बहुत ताक़तवर था।<br/>
सिंधी: अच्छा... वो कैसे?<br/>
पठान: अम्मी कहती है बचपन में जब मैं रोता था तो सारा घर सिर पर उठा लेता था।Upload to Facebook
    पठान और सिंधी आपस में बातें कर रहे थे।
    सिंधी: चल अपने बचपन की कोई बात बता?
    पठान: यार, बचपन में... मैं बहुत ताक़तवर था।
    सिंधी: अच्छा... वो कैसे?
    पठान: अम्मी कहती है बचपन में जब मैं रोता था तो सारा घर सिर पर उठा लेता था।
  • सिंधी(पठान से): यार तुम्हारा जन्मदिन कब आता है?<br/>
पठान: नहीं यार, मेरा जन्मदिन नहीं आता।<br/>
सिंधी: ऐसा कैसे हो सकता है? जन्मदिन तो सबका आता है।<br/>
पठान: वो मैं रात को पैदा हुआ था, इसलिए मेरा जन्म दिन नहीं आता।Upload to Facebook
    सिंधी(पठान से): यार तुम्हारा जन्मदिन कब आता है?
    पठान: नहीं यार, मेरा जन्मदिन नहीं आता।
    सिंधी: ऐसा कैसे हो सकता है? जन्मदिन तो सबका आता है।
    पठान: वो मैं रात को पैदा हुआ था, इसलिए मेरा जन्म दिन नहीं आता।
  • सिंधी(पठान से): और बताओ तुम्हारा भाई आज-कल क्या कर रहा है?<br/>
पठान: बस एक दुकान खोली थी, पर अब तो जेल में है।<br/>
सिंधी: जेल में, वो क्यों?<br/>
पठान: वो दुकान हथौड़े से खोली थी न।Upload to Facebook
    सिंधी(पठान से): और बताओ तुम्हारा भाई आज-कल क्या कर रहा है?
    पठान: बस एक दुकान खोली थी, पर अब तो जेल में है।
    सिंधी: जेल में, वो क्यों?
    पठान: वो दुकान हथौड़े से खोली थी न।
  • पठान डॉक्टर के पास गया और बोला, `डॉक्टर साहब मुझे लगता है मुझे जूतों से एलर्जी है।`<br/>
डॉक्टर: क्यों, ऐसा क्यों लगता है तुम्हें?<br/>
पठान: क्योंकि डॉक्टर साहब जब भी मैं जूते पहने सुबह उठता हूँ तो मेरा सिर बहुत दर्द करता है।Upload to Facebook
    पठान डॉक्टर के पास गया और बोला, "डॉक्टर साहब मुझे लगता है मुझे जूतों से एलर्जी है।"
    डॉक्टर: क्यों, ऐसा क्यों लगता है तुम्हें?
    पठान: क्योंकि डॉक्टर साहब जब भी मैं जूते पहने सुबह उठता हूँ तो मेरा सिर बहुत दर्द करता है।
  • सिंधी (पठान से): यार रेडियो और अखबार में क्या फर्क है?<br/>
पठान (बहुत सोचने के बाद): फर्क कुछ ज्यादा नहीं है, मिलती तो दोनों से खबरें ही हैं पर अख़बार रेडियो से ज्यादा फायदेमंद है।<br/>
सिंधी: वो कैसे?<br/>
पठान: यार अब रेडियो में तुम रोटियां तो नहीं लपेट सकते न।Upload to Facebook
    सिंधी (पठान से): यार रेडियो और अखबार में क्या फर्क है?
    पठान (बहुत सोचने के बाद): फर्क कुछ ज्यादा नहीं है, मिलती तो दोनों से खबरें ही हैं पर अख़बार रेडियो से ज्यादा फायदेमंद है।
    सिंधी: वो कैसे?
    पठान: यार अब रेडियो में तुम रोटियां तो नहीं लपेट सकते न।
  • सिंधी, पठान से: तुम ये ईंट लिए क्यों फिर रहे हो?<br/>
पठान: वो मैं अपना घर बेचना चाहता हूँ और ये उसका नमूना है।Upload to Facebook
    सिंधी, पठान से: तुम ये ईंट लिए क्यों फिर रहे हो?
    पठान: वो मैं अपना घर बेचना चाहता हूँ और ये उसका नमूना है।
  • पठान खाँसी की दवाई लेने डॉक्टर के पास गया।<br/>
डॉक्टर: यह दवाई 2 चम्मच सुबह, 2 चम्मच दोपहर और 2 चम्मच रात को 3 दिन तक लेना।<br/>
पठान: अपना दवाई अपने पास रखो, ऐसे तो हमारे घर के सारे चम्मच ही खत्म हो जायेंगे।Upload to Facebook
    पठान खाँसी की दवाई लेने डॉक्टर के पास गया।
    डॉक्टर: यह दवाई 2 चम्मच सुबह, 2 चम्मच दोपहर और 2 चम्मच रात को 3 दिन तक लेना।
    पठान: अपना दवाई अपने पास रखो, ऐसे तो हमारे घर के सारे चम्मच ही खत्म हो जायेंगे।
  • पठान: डॉक्टर साहब, आज सुबह से मेरे सिर में और पेट में दर्द हो रहा है।<br/>
डॉक्टर: कोई बात नहीं, यह लो एक गोली पेट दर्द के लिए और एक सिर दर्द के लिए। दोनों अभी खा लो।<br/>
पठान: लेकिन डॉक्टर साहब, खाने के बाद गोलियों को कैसे पता चलेगा कि किसको किस तरफ जाना है?Upload to Facebook
    पठान: डॉक्टर साहब, आज सुबह से मेरे सिर में और पेट में दर्द हो रहा है।
    डॉक्टर: कोई बात नहीं, यह लो एक गोली पेट दर्द के लिए और एक सिर दर्द के लिए। दोनों अभी खा लो।
    पठान: लेकिन डॉक्टर साहब, खाने के बाद गोलियों को कैसे पता चलेगा कि किसको किस तरफ जाना है?
  • पठान के तलाक़ का मुक़दमा अदालत में चल रहा था।<br/>


जज: मैंने इस मुक़दमे के बारे में यह फैंसला किया है कि तुम्हारी बेगम को हर महीने 20,000 रुपये मुआवजे के तौर पर मिलेंगे।<br/>

पठान: बहुत-बहुत मेहरबानी जज साहब, और हाँ कभी-कभी मेरे पास पैसे होंगे तो मैं भी थोड़े पैसे दे दिया करूँगा।Upload to Facebook
    पठान के तलाक़ का मुक़दमा अदालत में चल रहा था।
    जज: मैंने इस मुक़दमे के बारे में यह फैंसला किया है कि तुम्हारी बेगम को हर महीने 20,000 रुपये मुआवजे के तौर पर मिलेंगे।
    पठान: बहुत-बहुत मेहरबानी जज साहब, और हाँ कभी-कभी मेरे पास पैसे होंगे तो मैं भी थोड़े पैसे दे दिया करूँगा।
  • एक पठान 4 मीटर लम्बे पाइप से हुक़्क़ा पी रहा था।<br/>
दोस्त ने पूछा, `इतने लम्बे पाइप से हुक़्क़ा क्यों पी रहे हो?`<br/>
पठान: वो क्या है कि डॉक्टर साहब ने तंबाखू से दूर रहने के लिए कहा है।Upload to Facebook
    एक पठान 4 मीटर लम्बे पाइप से हुक़्क़ा पी रहा था।
    दोस्त ने पूछा, "इतने लम्बे पाइप से हुक़्क़ा क्यों पी रहे हो?"
    पठान: वो क्या है कि डॉक्टर साहब ने तंबाखू से दूर रहने के लिए कहा है।
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