• सूरज हर शाम को ढल ही जाता है,<br/>
पतझड़ बसंत में बदल ही जाता है,<br/>
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना,<br/>
समय कैसा भी हो गुज़र ही जाता है।
    सूरज हर शाम को ढल ही जाता है,
    पतझड़ बसंत में बदल ही जाता है,
    मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना,
    समय कैसा भी हो गुज़र ही जाता है।
  • सोच को तुम अपनी ले जाओ शिखर तक;<br/>
कि उसके आगे सारे सितारे भी झुक जायें;<br/>
ना बनाओ अपने सफर को किसी कश्ती का मोहताज़;<br/>
चलो इस शान से कि तूफ़ान भी झुक जाये।
    सोच को तुम अपनी ले जाओ शिखर तक;
    कि उसके आगे सारे सितारे भी झुक जायें;
    ना बनाओ अपने सफर को किसी कश्ती का मोहताज़;
    चलो इस शान से कि तूफ़ान भी झुक जाये।
  • जो सिरफिरे होते हैं इतिहास वही लिखते हैं,<br />
समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढते हैं,<br />
परख अगर हीरे की करनी है तो अंधेँरे का इंतज़ार करो,<br />
वरना धूप में तो काँच के टुकडे भी चमकते हैं।
    जो सिरफिरे होते हैं इतिहास वही लिखते हैं,
    समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढते हैं,
    परख अगर हीरे की करनी है तो अंधेँरे का इंतज़ार करो,
    वरना धूप में तो काँच के टुकडे भी चमकते हैं।
  • खोकर पाने का मज़ा कुछ और ही है;<br />
रोकर मुस्कुराने का मज़ा कुछ और ही है;<br />
हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त;<br />
हारने के बाद जीतने का मज़ा कुछ और ही है।
    खोकर पाने का मज़ा कुछ और ही है;
    रोकर मुस्कुराने का मज़ा कुछ और ही है;
    हार तो जिंदगी का हिस्सा है मेरे दोस्त;
    हारने के बाद जीतने का मज़ा कुछ और ही है।
  • रोज़ - रोज़ गिर कर भी मुकम्मल खड़ा हूँ,<br />
ऐ मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ।
    रोज़ - रोज़ गिर कर भी मुकम्मल खड़ा हूँ,
    ऐ मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ।
  • स्वंय को ऐसा बनाओ जहाँ तुम हो, वहाँ तुम्हें सब प्यार करें,<br />
जहाँ से तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हें सब याद करें,<br />
जहाँ तुम पहुँचने वाले हो, वहाँ सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
    स्वंय को ऐसा बनाओ जहाँ तुम हो, वहाँ तुम्हें सब प्यार करें,
    जहाँ से तुम चले जाओ, वहाँ तुम्हें सब याद करें,
    जहाँ तुम पहुँचने वाले हो, वहाँ सब तुम्हारा इंतज़ार करें।
  • दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता है।<br />
ठीक उसी प्रकार आप अपने बारे में कुछ न बोलें, अच्छे कर्म करते रहें बस वही आपका परिचय देंगे।
    दीपक बोलता नहीं उसका प्रकाश परिचय देता है।
    ठीक उसी प्रकार आप अपने बारे में कुछ न बोलें, अच्छे कर्म करते रहें बस वही आपका परिचय देंगे।
  • मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,<br />
हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।
    मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है,
    हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है।
  • कुछ कर गुजरने के लिए, मौसम नहीं मन चाहिए;<br />
साधन सभी जुट जायेंगे, बस संकल्प का धन चाहिए।
    कुछ कर गुजरने के लिए, मौसम नहीं मन चाहिए;
    साधन सभी जुट जायेंगे, बस संकल्प का धन चाहिए।
  • भरोसा `खुदा` पर है तो जो लिखा है तक़दीर में वही पाओगे,<br />
भरोसा अगर `खुद` पर है तो खुदा वही लिखेगा जो आप चाहोगे।
    भरोसा "खुदा" पर है तो जो लिखा है तक़दीर में वही पाओगे,
    भरोसा अगर "खुद" पर है तो खुदा वही लिखेगा जो आप चाहोगे।