• क्या बनाने आये थे क्या बना बैठे;<br  />
कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे;<br  />
हमसे तो जात अच्छी है परिंदों की;<br  />
कभी मंदिर पर जा बैठे तो;<br  />
कभी मस्जिद पर जा बैठे।
    क्या बनाने आये थे क्या बना बैठे;
    कहीं मंदिर बना बैठे कहीं मस्जिद बना बैठे;
    हमसे तो जात अच्छी है परिंदों की;
    कभी मंदिर पर जा बैठे तो;
    कभी मस्जिद पर जा बैठे।
  • कामयाबी चाहते हैं तो सभी के साथ सौम्य और अपने लिए कठोर रहिए।
    कामयाबी चाहते हैं तो सभी के साथ सौम्य और अपने लिए कठोर रहिए।
  • कोई दुनिया को नहीं बदल सकता, बस इतना हो सकता है कि इंसान अपने आप को बदले तो दुनिया अपने आप बदल जायेगी।
    कोई दुनिया को नहीं बदल सकता, बस इतना हो सकता है कि इंसान अपने आप को बदले तो दुनिया अपने आप बदल जायेगी।
  • ईश्वर का दिया कभी अल्प नहीं होता;<br/>
जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता;<br/>
हार को लक्ष्य से दूर ही रखना;<br/>
क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता!
    ईश्वर का दिया कभी अल्प नहीं होता;
    जो टूट जाये वो संकल्प नहीं होता;
    हार को लक्ष्य से दूर ही रखना;
    क्योंकि जीत का कोई विकल्प नहीं होता!
  • ताश के पत्तों से महल नहीं बनता;<br/>
नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता;<br/>
आगे बढ़ते रहो जिंदगी में हर पल;<br/>
क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!
    ताश के पत्तों से महल नहीं बनता;
    नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता;
    आगे बढ़ते रहो जिंदगी में हर पल;
    क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!
  • सोच से संभावनाओं तक का सफ़र हौसलों से होकर गुजरता है।
    सोच से संभावनाओं तक का सफ़र हौसलों से होकर गुजरता है।
  • उबाल इतना भी ना हो कि खून सूख कर उड़ जाए;<br/>
धैर्य इतना भी ना हो कि, खून जमें तो खौल ना पाए!
    उबाल इतना भी ना हो कि खून सूख कर उड़ जाए;
    धैर्य इतना भी ना हो कि, खून जमें तो खौल ना पाए!
  • चुनौतियां जीवन को अधिक रुचिकर बनाती है और उन्हें दूर करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है!
    चुनौतियां जीवन को अधिक रुचिकर बनाती है और उन्हें दूर करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है!
  • लगातार हो रही असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए;<br/>
कभी-कभी गुच्छे की आखरी चाबी ताला खोल देती है।<br/>
सदा सकारात्मक रहें!
    लगातार हो रही असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए;
    कभी-कभी गुच्छे की आखरी चाबी ताला खोल देती है।
    सदा सकारात्मक रहें!
  • भय को नजदीक ना आने दो, अगर यह नजदीक आये इस पर हमला कर दो;<br/>
यानि भय से भागो मत, इसका सामना करो!
    भय को नजदीक ना आने दो, अगर यह नजदीक आये इस पर हमला कर दो;
    यानि भय से भागो मत, इसका सामना करो!