• इस बार गर्मी का मन है कि<br/>
दिवाली देख कर ही जाउंगी!
    इस बार गर्मी का मन है कि
    दिवाली देख कर ही जाउंगी!
  • जिस हिसाब से पानी गिर रहा है मुझे तो लगता है मेंढक ने एक और रख ली!
    जिस हिसाब से पानी गिर रहा है मुझे तो लगता है मेंढक ने एक और रख ली!
  • ऐ बारिश ज़रा खुल के बरस, ये क्या तमाशा है?<br/>
इतनी बूँदें तो व्यापारियों की आँखों से रोज टपकती हैं!
    ऐ बारिश ज़रा खुल के बरस, ये क्या तमाशा है?
    इतनी बूँदें तो व्यापारियों की आँखों से रोज टपकती हैं!
  • मौसम वालों की भविष्यवाणी सटीक थी कि `आंधी के साथ तूफान भी आयेगा`!<br/>
बीवी मायके से आते हुए अपनी माँ को साथ ले आई!
    मौसम वालों की भविष्यवाणी सटीक थी कि "आंधी के साथ तूफान भी आयेगा"!
    बीवी मायके से आते हुए अपनी माँ को साथ ले आई!
  • गर्मी इतनी भयंकर है कि...<br/>
चैन की सांस भी लो तो, नाक के बाल जल जा रहे हैं!
    गर्मी इतनी भयंकर है कि...
    चैन की सांस भी लो तो, नाक के बाल जल जा रहे हैं!
  • गर्मी इतनी बढ़ गई है कि सोच रहा हूँ पंखे के लिए 2 रेगुलेटर लगा कर इसको 10 नंबर पर चला लूँ!
    गर्मी इतनी बढ़ गई है कि सोच रहा हूँ पंखे के लिए 2 रेगुलेटर लगा कर इसको 10 नंबर पर चला लूँ!
  • कौन कहता है गर्मी खून में होती है?<br/>
असली गर्मी तो भाई जून में होती है!
    कौन कहता है गर्मी खून में होती है?
    असली गर्मी तो भाई जून में होती है!
  • हमारे शहर में आजकल सुबह नही होती साहब,<br/>
बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है!<br/>
और जो सुबह का घर से निकला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नही कहते बल्कि भुना हुआ कहते हैं!
    हमारे शहर में आजकल सुबह नही होती साहब,
    बल्कि सीधे दोपहर हो जाती है!
    और जो सुबह का घर से निकला शाम को घर आये तो उसे भूला हुआ नही कहते बल्कि भुना हुआ कहते हैं!
  • कुछ महीने पहले तक जो कपडा 2 दिनों में सूखता था वह अभी 2 घंटों में सूख रहा है!<br/>
और कितना विकास चाहिए!
    कुछ महीने पहले तक जो कपडा 2 दिनों में सूखता था वह अभी 2 घंटों में सूख रहा है!
    और कितना विकास चाहिए!
  • ए गर्मी तू अपने आप पर इतना मत इतरा हिम्मत है तो दिसंबर में आकर दिखा!
    ए गर्मी तू अपने आप पर इतना मत इतरा हिम्मत है तो दिसंबर में आकर दिखा!