• अजीब लगती है शाम कभी-कभी;<br/>
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;<br/>
समझ आये तो हमें भी बताना;<br/>
कि क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
    अजीब लगती है शाम कभी-कभी;
    ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;
    समझ आये तो हमें भी बताना;
    कि क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
  • एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम;<br/>
मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।
    एक आरज़ू सी है कि उन्हें भूल जाएँ हम;
    मगर उनकी यादों के आगे तो यह हसरत भी हार जाती है।
  • मेरी आँखें तेरे दीदार को तरसती हैं;<br/>
मेरी नस-नस तेरे प्यार  तरसती है;<br/>
तू ही बता कि तुझे बताऊँ कैसे;<br/>
कि मेरी रूह तक तेरी याद में तड़पती है।
    मेरी आँखें तेरे दीदार को तरसती हैं;
    मेरी नस-नस तेरे प्यार तरसती है;
    तू ही बता कि तुझे बताऊँ कैसे;
    कि मेरी रूह तक तेरी याद में तड़पती है।
  • अजीब लगती है शाम कभी-कभी;<br/>
ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;<br/>
समझ आये तो मुझे भी बताना कि;<br/>
क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
    अजीब लगती है शाम कभी-कभी;
    ज़िंदगी लगती है बेजान कभी-कभी;
    समझ आये तो मुझे भी बताना कि;
    क्यों करती हैं यादें परेशान कभी-कभी।
  • साँस लेने से उसकी याद आती है;<br/>
और ना लेने पे जान जाती है;<br/>
कैसे कह दूँ की सिर्फ़ साँसों क सहारे जिंदा हूँ;<br/>
कमब्खत साँस भी तो उसकी याद के बाद आती है।
    साँस लेने से उसकी याद आती है;
    और ना लेने पे जान जाती है;
    कैसे कह दूँ की सिर्फ़ साँसों क सहारे जिंदा हूँ;
    कमब्खत साँस भी तो उसकी याद के बाद आती है।
  • दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ;<br/>
प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ;<br/>
इस दिल में दर्द नहीं यादें हैं उसकी;<br/>
अब यादें ही मुझे दर्द दें तो उसे इलज़ाम क्या दूँ।
    दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दूँ;
    प्यार का उसे पैगाम क्या दूँ;
    इस दिल में दर्द नहीं यादें हैं उसकी;
    अब यादें ही मुझे दर्द दें तो उसे इलज़ाम क्या दूँ।
  • साथ हमारा चाहे पल भर का सही;<br/>
पर वो पल ऐसे जैसे कोई कल नहीं;<br/>
न हो ज़िन्दगी में शायद फिर मिलना हमारा;<br/>
पर महकती रहेंगी तुम्हारी यादें हमारे संग यूँ ही!
    साथ हमारा चाहे पल भर का सही;
    पर वो पल ऐसे जैसे कोई कल नहीं;
    न हो ज़िन्दगी में शायद फिर मिलना हमारा;
    पर महकती रहेंगी तुम्हारी यादें हमारे संग यूँ ही!
  • वो याद आए भुलाते-भुलाते;<br/>
दिल के ज़ख्म उभर आए छुपाते-छुपाते;<br/>
सिखाया था जिसने गम में मुस्कुराना;<br/>
उसी ने रुला दिया हँसाते-हँसाते।
    वो याद आए भुलाते-भुलाते;
    दिल के ज़ख्म उभर आए छुपाते-छुपाते;
    सिखाया था जिसने गम में मुस्कुराना;
    उसी ने रुला दिया हँसाते-हँसाते।
  • आँखों में रहने वालों को याद नहीं करते;<br/>
दिल में रहने वालों की बात नहीं करते;<br/>
हमारी तो रूह में बस गए हो आप;<br/>
तभी तो आपसे मिलने की फ़रियाद नहीं करते।
    आँखों में रहने वालों को याद नहीं करते;
    दिल में रहने वालों की बात नहीं करते;
    हमारी तो रूह में बस गए हो आप;
    तभी तो आपसे मिलने की फ़रियाद नहीं करते।
  • चाँद की जुदाई में आसमान भी तड़प गया;<br/>
उसकी झलक पाने को हर सितारा तरस गया;<br/>
बादल का दर्द क्या कहूं;<br/>
चाँद की याद में वो तो हँसते-हँसते बरस गया।
    चाँद की जुदाई में आसमान भी तड़प गया;
    उसकी झलक पाने को हर सितारा तरस गया;
    बादल का दर्द क्या कहूं;
    चाँद की याद में वो तो हँसते-हँसते बरस गया।