• बरकतों का मौसम है, खुदा से कर लो दुआएं;<br />
होगा ज़रूर वो परवरदिगार भी आप पर मेहरबान;<br />
मंज़ूर हो आपकी हर अर्ज़ उस दाता के दरबार में;<br />
हम भी करते हैं कि मुबारक हो आपके लिए ये रमजान!<br />
रमजान मुबारक!Upload to Facebook
    बरकतों का मौसम है, खुदा से कर लो दुआएं;
    होगा ज़रूर वो परवरदिगार भी आप पर मेहरबान;
    मंज़ूर हो आपकी हर अर्ज़ उस दाता के दरबार में;
    हम भी करते हैं कि मुबारक हो आपके लिए ये रमजान!
    रमजान मुबारक!
  • बरसेगा इंसान पे आज अल्लाह का नूर इस कदर;<br />
होता है समंदर में पानी जिस कदर;<br />
अगर इबादत में रहे मशरूफ आज हम, आज चमकेगा ज़रूर हमारा मुक़द्दर;<br />
करेगा जो इबादत अगर आज शाम-ओ-सहर;<br />
अल्लाह की रहमत-ए-नजर होगी उस पर।<br />
रमदान मुबारक!Upload to Facebook
    बरसेगा इंसान पे आज अल्लाह का नूर इस कदर;
    होता है समंदर में पानी जिस कदर;
    अगर इबादत में रहे मशरूफ आज हम, आज चमकेगा ज़रूर हमारा मुक़द्दर;
    करेगा जो इबादत अगर आज शाम-ओ-सहर;
    अल्लाह की रहमत-ए-नजर होगी उस पर।
    रमदान मुबारक!
  • होंठों पे न कभी कोई शिकवा चाहिए;<br/>
बस निगाह-ए-करम और दुआ चाहिए;<br/>
चाँद तारों की तमन्ना नहीं मुझको;<br/>
आप रहें सलामत खुदा से यही खैरात चाहिए।<br/>
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    होंठों पे न कभी कोई शिकवा चाहिए;
    बस निगाह-ए-करम और दुआ चाहिए;
    चाँद तारों की तमन्ना नहीं मुझको;
    आप रहें सलामत खुदा से यही खैरात चाहिए।
    रमजान मुबारक
  • ख्वाहिशों के समंदर के मोती तेरे नसीब हों;<br/>
फूल चेहरा, फूल लहजे तेरे हमसफ़र हों;<br/>
कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम;<br/>
कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो।<br/>
रमज़ान मुबारक़Upload to Facebook
    ख्वाहिशों के समंदर के मोती तेरे नसीब हों;
    फूल चेहरा, फूल लहजे तेरे हमसफ़र हों;
    कुछ यूँ उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम;
    कि तेरी हर दुआ हर ख्वाहिश कबूल हो।
    रमज़ान मुबारक़
  • जिन लोगों तक नहीं पहुँच सकती मेरी बाहें;<br/>
उनके लिए मन से हमेशा निकलती है दुआएं;<br/>
बख्शे खुदा सब के गुनाह, बस यही करता हूँ दुआएं।<br/>
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    जिन लोगों तक नहीं पहुँच सकती मेरी बाहें;
    उनके लिए मन से हमेशा निकलती है दुआएं;
    बख्शे खुदा सब के गुनाह, बस यही करता हूँ दुआएं।
    रमज़ान मुबारक़
  • तुझे आँसू भरी वो दुआ मिले जिसे कभी न इंकार खुदा करे;<br/>
तुझे हसरत न रहे कभी जन्नत की;<br/>
खुदा खुशियाँ की बारिश तुम्हारे ऊपर करे।<br/>
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    तुझे आँसू भरी वो दुआ मिले जिसे कभी न इंकार खुदा करे;
    तुझे हसरत न रहे कभी जन्नत की;
    खुदा खुशियाँ की बारिश तुम्हारे ऊपर करे।
    रमज़ान मुबारक!
  • हम आपको याद करते हैं;<br/>
महे रमज़ान में यही फरियाद करते हैं;<br/>
बख्शे हर गुनाह ख़ुदा सब के;<br/>
बस यही दुआ करते हैं।<br/>
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    हम आपको याद करते हैं;
    महे रमज़ान में यही फरियाद करते हैं;
    बख्शे हर गुनाह ख़ुदा सब के;
    बस यही दुआ करते हैं।
    रमज़ान मुबारक़!
  • हर सजदा आपका मंज़ूर-ए-खुदा हो जाये;<br/>
आपकी दुआओं पर रब की रज़ा हो जाये;<br/>
करते हैं हम भी दुआ इस महे रमज़ान में;<br/>
कि आपकी ज़िंदगी से लफ़्ज़-ए-ग़म फ़ना हो जाये।<br/>
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    हर सजदा आपका मंज़ूर-ए-खुदा हो जाये;
    आपकी दुआओं पर रब की रज़ा हो जाये;
    करते हैं हम भी दुआ इस महे रमज़ान में;
    कि आपकी ज़िंदगी से लफ़्ज़-ए-ग़म फ़ना हो जाये।
    रमज़ान मुबारक़
  • रब तू अपना जलवा दिखा दे;<br/>
सबकी ज़िंदगी को अपने नूर से सवार दे;<br/>
बस यही दुआ है मेरे मालिक;<br/>
इस रमज़ान में सबकी ज़िंदगी में खुशियां बिखेर दे।<br/>
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    रब तू अपना जलवा दिखा दे;
    सबकी ज़िंदगी को अपने नूर से सवार दे;
    बस यही दुआ है मेरे मालिक;
    इस रमज़ान में सबकी ज़िंदगी में खुशियां बिखेर दे।
    रमज़ान मुबारक़
  • गुलशन को कर रही है मोत्तार ये हवायें;<br/>
आता नहीं नज़र कुछ भी अब उसके सिवाये;<br/>
करते हैं दुआ उस परवरदिगार से;<br/>
बख्श दे वो हमारे गुनाह इस महे रमजान में।<br/>
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    गुलशन को कर रही है मोत्तार ये हवायें;
    आता नहीं नज़र कुछ भी अब उसके सिवाये;
    करते हैं दुआ उस परवरदिगार से;
    बख्श दे वो हमारे गुनाह इस महे रमजान में।
    रमज़ान मुबारक
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