• रिश्तों की चाय में शक्कर ज़रा माप के ही रखना!<br/>
फीकी हुई तो स्वाद नही आएगा और ज्यादा मीठी हुई तो मन भर जाएगा!
    रिश्तों की चाय में शक्कर ज़रा माप के ही रखना!
    फीकी हुई तो स्वाद नही आएगा और ज्यादा मीठी हुई तो मन भर जाएगा!
  • किसी को पलकों में ना बसाओ;<br/>
क्योंकि पलकों में सिर्फ सपने बसते हैं;<br/>
अगर बसाना है तो दिल में बसाओ;<br/>
क्योंकि दिल में सिर्फ अपने बसते हैं।
    किसी को पलकों में ना बसाओ;
    क्योंकि पलकों में सिर्फ सपने बसते हैं;
    अगर बसाना है तो दिल में बसाओ;
    क्योंकि दिल में सिर्फ अपने बसते हैं।
  • खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,<br/>
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;<br/>
कुछ  लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,<br/>
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।
    खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
    जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
    कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,
    जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है।
  • रिश्तों में सदा प्यार की मिठास रहे;<br/>
कभी न मिटने वाला एक एहसास रहे;<br/>
कहने को तो छोटी सी है यह जिंदगी;<br/>
मगर दुआ है कि सदा आपका साथ रहे।
    रिश्तों में सदा प्यार की मिठास रहे;
    कभी न मिटने वाला एक एहसास रहे;
    कहने को तो छोटी सी है यह जिंदगी;
    मगर दुआ है कि सदा आपका साथ रहे।
  • रिश्तों की सिलाई:<br/>
अगर भावनाओं से हुई है, तो टूटना मुश्किल है;<br/>
और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है।
    रिश्तों की सिलाई:
    अगर भावनाओं से हुई है, तो टूटना मुश्किल है;
    और अगर स्वार्थ से हुई है, तो टिकना मुश्किल है।
  • दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है जहाँ एक हलकी सी मुस्कुराहट और छोटी सी माफ़ी से जिंदगी पहले जैसी हो जाती है।
    दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है जहाँ एक हलकी सी मुस्कुराहट और छोटी सी माफ़ी से जिंदगी पहले जैसी हो जाती है।
  • रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते,<br />
रिश्ते एक बार बनते हैं, फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।
    रिश्ते कभी जिंदगी के साथ साथ नहीं चलते,
    रिश्ते एक बार बनते हैं, फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।
  • मशहूर होना लेकिन कभी मगरूर मत होना;<br />
छू लो कदम कामयाबी के लेकिन अपनों से कभी दूर मत होना;<br />
ज़िन्दगी में खूब मिल जाएगी दौलत और शौहरत मगर;<br />
अपने ही आखिर अपने होते हैं यह बात कभी भूल ना जाना।
    मशहूर होना लेकिन कभी मगरूर मत होना;
    छू लो कदम कामयाबी के लेकिन अपनों से कभी दूर मत होना;
    ज़िन्दगी में खूब मिल जाएगी दौलत और शौहरत मगर;
    अपने ही आखिर अपने होते हैं यह बात कभी भूल ना जाना।
  • बिना विश्वास का रिश्ता बिना नेटवर्क के मोबाइल जैसा है क्योंकि बिना नेटवर्क वाले मोबाइल के साथ लोग सिर्फ `Game` ही खेलते हैं।
    बिना विश्वास का रिश्ता बिना नेटवर्क के मोबाइल जैसा है क्योंकि बिना नेटवर्क वाले मोबाइल के साथ लोग सिर्फ "Game" ही खेलते हैं।
  • अपने रिश्तों को बारिश की तरह न बनाये, जो आये और चली जाये;<br />
बल्कि रिश्ते ऐसे बनाये जो हवा की तरह हमेशा आपके अंग संग रहें।
    अपने रिश्तों को बारिश की तरह न बनाये, जो आये और चली जाये;
    बल्कि रिश्ते ऐसे बनाये जो हवा की तरह हमेशा आपके अंग संग रहें।