• रिश्ते कभी जिंदगी के साथ नहीं चलते...<br/>
रिश्ते तो एक बार बनते हैं फिर जिंदगी रिश्तो के साथ चलती है!
    रिश्ते कभी जिंदगी के साथ नहीं चलते...
    रिश्ते तो एक बार बनते हैं फिर जिंदगी रिश्तो के साथ चलती है!
  • रिश्ते चंदन की तरह रखने चाहिए, टुकड़े हजारों भी हो जाएं पर सुगंध ना जाए।
    रिश्ते चंदन की तरह रखने चाहिए, टुकड़े हजारों भी हो जाएं पर सुगंध ना जाए।
  • जीवन में जोखिम बड़े नहीं होते हैं, उनको भरने वाले बड़े होते हैं,<br/>
रिश्ते बड़े नहीं होते हैं, लेकिन रिश्तों को निभाने वाले बड़े होते हैं!
    जीवन में जोखिम बड़े नहीं होते हैं, उनको भरने वाले बड़े होते हैं,
    रिश्ते बड़े नहीं होते हैं, लेकिन रिश्तों को निभाने वाले बड़े होते हैं!
  • मुट्ठी भर बीज बिखेर दो दिलों की ज़मीन पर;<br/>
बारिश का मौसम आ रहा है, शायद अपनापन पनप जाये!
    मुट्ठी भर बीज बिखेर दो दिलों की ज़मीन पर;
    बारिश का मौसम आ रहा है, शायद अपनापन पनप जाये!
  • सिर्फ हाथ पकड़ना काफी नहीं होता, उस हाथ को हमेशा थामे रखना ज़रूरी होता है!
    सिर्फ हाथ पकड़ना काफी नहीं होता, उस हाथ को हमेशा थामे रखना ज़रूरी होता है!
  • रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;<br/>
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;<br/>
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;<br/>
उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
    रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी;
    दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी;
    जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा;
    उसे ज़िंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
  • रिश्ते `स्टोर रूम` में रखे समान की तरह हो गए हैं!<br/>
जिन्हें आजकल ज़रूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल किया जाता है!
    रिश्ते "स्टोर रूम" में रखे समान की तरह हो गए हैं!
    जिन्हें आजकल ज़रूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल किया जाता है!
  • रिश्ते कभी जिंदगी के साथ-साथ नहीं चलते!<br/>
रिश्ते एक बार बनते हैं और फिर जिंदगी रिश्तों के साथ-साथ चलती है!
    रिश्ते कभी जिंदगी के साथ-साथ नहीं चलते!
    रिश्ते एक बार बनते हैं और फिर जिंदगी रिश्तों के साथ-साथ चलती है!
  • अपनों का साथ बहुत आवश्यक है!<br/>
सुख है तो बढ़ जाता है और दुःख हो तो बँट जाता है!
    अपनों का साथ बहुत आवश्यक है!
    सुख है तो बढ़ जाता है और दुःख हो तो बँट जाता है!
  • रिश्तों की कदर भी पैसों की तरह ही करनी चाहिए क्योंकि दोनों को कमाना मुश्किल है पर गँवाना आसन है!
    रिश्तों की कदर भी पैसों की तरह ही करनी चाहिए क्योंकि दोनों को कमाना मुश्किल है पर गँवाना आसन है!