• परसों तो हद हो गयी, एक पुराने परिचित बहुत दिनों के बाद मिले, हालचाल पूछने के बाद बोले...<br/>
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और कहीं नौकरी लगी या अभी भी वकील ही हो।Upload to Facebook
    परसों तो हद हो गयी, एक पुराने परिचित बहुत दिनों के बाद मिले, हालचाल पूछने के बाद बोले...
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    और कहीं नौकरी लगी या अभी भी वकील ही हो।
  • मुजरिम: कोशिश करना कि उम्र कैद हो जाये, मौत की सज़ा ना मिले।<br/>
वकील: तुम फ़िक्र मत करो, फैंसला तुम्हारे हक़ में ही होगा।<br/>
मुक़दमे के बाद:<br/>
मुजरिम: क्या हुआ?<br/>
वकील: बहुत मुश्किल से उम्र कैद करवाई है, वरना वो तो तुम्हें रिहा कर रहे थे।Upload to Facebook
    मुजरिम: कोशिश करना कि उम्र कैद हो जाये, मौत की सज़ा ना मिले।
    वकील: तुम फ़िक्र मत करो, फैंसला तुम्हारे हक़ में ही होगा।
    मुक़दमे के बाद:
    मुजरिम: क्या हुआ?
    वकील: बहुत मुश्किल से उम्र कैद करवाई है, वरना वो तो तुम्हें रिहा कर रहे थे।
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