• ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं,<br/>
लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं।<br/>
सुप्रभात!
    ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं,
    लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं।
    सुप्रभात!
  • दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;<br/>
सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;<br/>
दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;<br/>
मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।<br/>
सुप्रभात!
    दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया;
    सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया;
    दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का;
    मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया।
    सुप्रभात!
  • देर मैंने ही लगाई पहचानने में ऐ भगवान,<br/>
वरना तुमने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं;<br/>
जैसे जैसे मैं सिर को झुकाता चला गया,<br/>
वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया।<br/>
सुप्रभात!
    देर मैंने ही लगाई पहचानने में ऐ भगवान,
    वरना तुमने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं;
    जैसे जैसे मैं सिर को झुकाता चला गया,
    वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया।
    सुप्रभात!
  • भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा।<br/>
कर्म में विश्वास रखें, आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा।<br/>
सुप्रभात!
    भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा।
    कर्म में विश्वास रखें, आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा।
    सुप्रभात!
  • शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।<br/>
उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।<br/>
सुप्रभात!
    शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है।
    उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो।
    सुप्रभात!
  • हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;<br/>
ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;<br/>
कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।<br/>
सुप्रभात!
    हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा;
    ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा;
    कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा।
    सुप्रभात!
  • गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,<br/>
पूरब में सूरज का डेरा हो गया,<br/>
खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,<br/>
देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।<br/>
सुप्रभात!
    गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया,
    पूरब में सूरज का डेरा हो गया,
    खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें,
    देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया।
    सुप्रभात!
  • अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।<br/>
सुप्रभात!
    अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही।
    सुप्रभात!
  • कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;<br/>
जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।<br/>
सुप्रभात!
    कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों;
    जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों।
    सुप्रभात!
  • जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;<br/>
और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।<br/>
सुप्रभात!
    जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है;
    और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है।
    सुप्रभात!