• आजकल बच्चों के 99% नंबर आ रहे हैं और वो नार्मल घूम रहे हैं!<br/>
मेरे एक बार 55% आये थे और मैंने लोगों से 15 दिन सीधे मुँह बात नहीं की थी!
    आजकल बच्चों के 99% नंबर आ रहे हैं और वो नार्मल घूम रहे हैं!
    मेरे एक बार 55% आये थे और मैंने लोगों से 15 दिन सीधे मुँह बात नहीं की थी!
  • बच्चों के रिजल्टस आ गए हैं...<br/>
उनको डांटने से पहले... आप अपनी मार्कशीट ज़रूर देख लें!
    बच्चों के रिजल्टस आ गए हैं...
    उनको डांटने से पहले... आप अपनी मार्कशीट ज़रूर देख लें!
  • चीते के चाल, बाज की नज़र और स्टूडेंट की पढाई पर सन्देह नहीं करते! <br/>
कभी भी टॉप कर सकते हैं! <br/>
सिर्फ मस्तानी बीच में नहीं आनी चाहिए!
    चीते के चाल, बाज की नज़र और स्टूडेंट की पढाई पर सन्देह नहीं करते!
    कभी भी टॉप कर सकते हैं!
    सिर्फ मस्तानी बीच में नहीं आनी चाहिए!
  • पढ़ना मेरे लिए इतना मुश्किल काम नहीं है!<br/>
जितना मुश्किल काम घर वालों को यकीन दिलाना है कि मैं पढ़ रहा हूँ!
    पढ़ना मेरे लिए इतना मुश्किल काम नहीं है!
    जितना मुश्किल काम घर वालों को यकीन दिलाना है कि मैं पढ़ रहा हूँ!
  • न वफ़ा का ज़िक्र होगा,<br/>
न वफ़ा की बात होगी,<br/>
अब मोहब्बत जिससे भी होगी, एग्जाम के बाद होगी!
    न वफ़ा का ज़िक्र होगा,
    न वफ़ा की बात होगी,
    अब मोहब्बत जिससे भी होगी, एग्जाम के बाद होगी!
  • जब से होश सम्भाला है,<br/>
पढाई पूरी ही नहीं होती!
    जब से होश सम्भाला है,
    पढाई पूरी ही नहीं होती!
  • बहुत दर्द होता है जब टीचर कहती है कि तुम्हारा और तुम्हारे आगे वाले का जवाब एक जैसा है।<br />
तो दिल से एक ही आवाज़ आती है, `साला सवाल भी तो एक जैसा ही था।`
    बहुत दर्द होता है जब टीचर कहती है कि तुम्हारा और तुम्हारे आगे वाले का जवाब एक जैसा है।
    तो दिल से एक ही आवाज़ आती है, "साला सवाल भी तो एक जैसा ही था।"
  • बोर्ड परीक्षा के छात्र बढियां अंक लाने के लिए दो काम कर सकते हैं:<br />
1. दही-चीनी खाकर घर से निकलें<br />
2. या 'Lux Cozi' अपना लक, पहन के चलें
    बोर्ड परीक्षा के छात्र बढियां अंक लाने के लिए दो काम कर सकते हैं:
    1. दही-चीनी खाकर घर से निकलें
    2. या 'Lux Cozi' अपना लक, पहन के चलें
  • परीक्षा में बैठे दुखी छात्र की शायरी:<br />
प्यासी निगाहों से जलता रहा मेरी चाहत का दिया;<br />
कुछ तो बता दे मेरे यार, मैंने अभी शुरू भी नहीं किया।
    परीक्षा में बैठे दुखी छात्र की शायरी:
    प्यासी निगाहों से जलता रहा मेरी चाहत का दिया;
    कुछ तो बता दे मेरे यार, मैंने अभी शुरू भी नहीं किया।
  • समंदर जितना सिलेबस है;<br/>
नदी जितना पढ़ पाते हैं;<br/>
बाल्टी जितना याद होता है;<br/>
गिलास भर लिख पाते हैं;<br/>
चुल्लू भर नंबर आते हैं;<br/>
उसी में डूब कर मर जाते हैं।
    समंदर जितना सिलेबस है;
    नदी जितना पढ़ पाते हैं;
    बाल्टी जितना याद होता है;
    गिलास भर लिख पाते हैं;
    चुल्लू भर नंबर आते हैं;
    उसी में डूब कर मर जाते हैं।