• सत्य - न्याय की राह पर चलना शिक्षक हमें सिखाते हैं,<br/>
जीवन संघर्षों से लड़ना शिक्षक हमें सिखाते हैं,<br/>
कोटि - कोटि नमन है उस गुरु को,<br/>
जो जीवन को जीना हमें सिखाते हैं।<br/>
शिक्षक दिवस की बधाई!
    सत्य - न्याय की राह पर चलना शिक्षक हमें सिखाते हैं,
    जीवन संघर्षों से लड़ना शिक्षक हमें सिखाते हैं,
    कोटि - कोटि नमन है उस गुरु को,
    जो जीवन को जीना हमें सिखाते हैं।
    शिक्षक दिवस की बधाई!
  • गुरूदेव के श्रीचरणों में;<br/>
श्रद्धा सुमन संग वंदन;<br/>
जिनके कृपा नीर से;<br/>
जीवन हुआ चंदन;<br/>
धरती कहती, अंबर कहते;<br/>
कहती यही तराना;<br/>
गुरू आप ही वो पावन नूर हैं;<br/>
जिनसे रौशन हुआ जमाना।<br/>
शिक्षक दिवस की बधाई!<br/>
    गुरूदेव के श्रीचरणों में;
    श्रद्धा सुमन संग वंदन;
    जिनके कृपा नीर से;
    जीवन हुआ चंदन;
    धरती कहती, अंबर कहते;
    कहती यही तराना;
    गुरू आप ही वो पावन नूर हैं;
    जिनसे रौशन हुआ जमाना।
    शिक्षक दिवस की बधाई!
  • आप से ही सीखा, आप से ही जाना;<br/>
आप को ही बस हमने गुरु हैं माना;<br/>
सीखा है सब कुछ बस आप से हमने,<br/>
शिक्षा का मतलब बस आप से ही है जाना।<br/>
शिक्षक दिवस की बधाई!
    आप से ही सीखा, आप से ही जाना;
    आप को ही बस हमने गुरु हैं माना;
    सीखा है सब कुछ बस आप से हमने,
    शिक्षा का मतलब बस आप से ही है जाना।
    शिक्षक दिवस की बधाई!
  • गुरु तेरी महिमा को मैं कैसे करूँ बयान,<br/>
लिखने बैठूं जो तेरी महिमा तो कागज़ का यह अंबर छोटा पड़ जाये;<br/>
ऐसे मेरे गुरु हैं जो सब को इंसानियत का पाठ पढ़ायें,<br/>
उनके चरणों में शीश झुका कर बस श्रद्धा सुमन अर्पित हम करते जायें।<br/>
आप सभी गुरु जनो को शिक्षक दिवस की शुभ कामनायें!
    गुरु तेरी महिमा को मैं कैसे करूँ बयान,
    लिखने बैठूं जो तेरी महिमा तो कागज़ का यह अंबर छोटा पड़ जाये;
    ऐसे मेरे गुरु हैं जो सब को इंसानियत का पाठ पढ़ायें,
    उनके चरणों में शीश झुका कर बस श्रद्धा सुमन अर्पित हम करते जायें।
    आप सभी गुरु जनो को शिक्षक दिवस की शुभ कामनायें!
  • मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न है कोई,<br/>
जाके सिर मोर मुकुट है हैं मेरे प्रभु सोई।<br/>
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभ कामनायें!
    मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरा न है कोई,
    जाके सिर मोर मुकुट है हैं मेरे प्रभु सोई।
    कृष्ण जन्माष्टमी की शुभ कामनायें!
  • मुरली मनोहर, बृज के धरोहर वो नंद लाल गोपाला हैं,<br/>
बंसी की धुन पे सब जग के दुःख हरने वाले नंद लाल गोपाला हैं,<br/>
आया है शुभ दिन देखो जन्माष्टमी का फैला चारों ओर उजाला है,<br/>
सब के मन में बसने वाले उस बंसी वाले का देखो अंदाज़ ही निराला है।<br/>
कृष्ण जन्माष्टमी की सभी को शुभ कामनायें!
    मुरली मनोहर, बृज के धरोहर वो नंद लाल गोपाला हैं,
    बंसी की धुन पे सब जग के दुःख हरने वाले नंद लाल गोपाला हैं,
    आया है शुभ दिन देखो जन्माष्टमी का फैला चारों ओर उजाला है,
    सब के मन में बसने वाले उस बंसी वाले का देखो अंदाज़ ही निराला है।
    कृष्ण जन्माष्टमी की सभी को शुभ कामनायें!
  • प्रीत के धागों के बंधन में स्नेह का उमड़ रहा संसार,<br/>
सारे जग में सबसे सच्चा होता है भाई बहन का प्यार,<br/>
इस सच्चे प्यार को ही दर्शाता है यह राखी का पावन त्यौहार।
    प्रीत के धागों के बंधन में स्नेह का उमड़ रहा संसार,
    सारे जग में सबसे सच्चा होता है भाई बहन का प्यार,
    इस सच्चे प्यार को ही दर्शाता है यह राखी का पावन त्यौहार।
  • आया राखी का त्यौहार है यह ख़ुशियों का त्यौहार,<br/>
भर के रेशमी धागे में आया बहन का प्यार,<br/>
सजी है थाली रंग-बिरंगी राखी और मिठाई से;<br/>
भाई की सलामती की दुआ बहन की ज़ुबान पे आई है,<br/>
भाई ने भी दिया वचन बहन की रक्षा करने का,<br/>
इसी प्यार को दर्शाने देखो राखी आई है।
    आया राखी का त्यौहार है यह ख़ुशियों का त्यौहार,
    भर के रेशमी धागे में आया बहन का प्यार,
    सजी है थाली रंग-बिरंगी राखी और मिठाई से;
    भाई की सलामती की दुआ बहन की ज़ुबान पे आई है,
    भाई ने भी दिया वचन बहन की रक्षा करने का,
    इसी प्यार को दर्शाने देखो राखी आई है।
  • बांध रही हूँ राखी मैं भैया, पर एक वचन देना होगा;<br/>
नहीं कभी भी बेटी से जीवन में घृणा करना होगा;<br/>
बाप बनोगे कल तुम लेकिन बेटी को भी अपनाओगे,<br/>
करके जांच गर्भ में उसकी हत्या नहीं कराओगे;<br/>
मां, बुआ, चाची, भाभी सब किसी-न-किसी की बेटी हैं;<br/>
यह जो तेरी बहना है, यह भी तो पापा की बेटी है;<br/>
बेटी अगर नहीं होगी तो बहू कहाँ से लाओगे?<br/>
अपने बेटे के हाथों में राखी किससे बँधवाओगे?
    बांध रही हूँ राखी मैं भैया, पर एक वचन देना होगा;
    नहीं कभी भी बेटी से जीवन में घृणा करना होगा;
    बाप बनोगे कल तुम लेकिन बेटी को भी अपनाओगे,
    करके जांच गर्भ में उसकी हत्या नहीं कराओगे;
    मां, बुआ, चाची, भाभी सब किसी-न-किसी की बेटी हैं;
    यह जो तेरी बहना है, यह भी तो पापा की बेटी है;
    बेटी अगर नहीं होगी तो बहू कहाँ से लाओगे?
    अपने बेटे के हाथों में राखी किससे बँधवाओगे?
  • सावन का माह झरे रिमझिम फुहार, रक्षा बंधन का लो आया पावन त्यौहार;<br/>
नए नए कपड़ों में सजे हैं भाई बहन, सब के मनों में देखो उमड़ रहा प्यार;<br/>
रेशम के धागों का है यह मजबूत बंधन, माथे पर चमके चावल रोली और चन्दन;<br/>
प्यार से मिठाई खिलाये बहन प्यारी, देख इसे छलक उठीं ऑंखें भर आया मन;<br/>
रिश्तों में रुपयों का दखल अब आये न, क्या दिया क्या पाया मन न भरमाये;<br/>
प्यार से बड़ा जग में और कुछ नहीं है होता, बहना को भाई और भाई बहन को ना कभी भुलाये।
    सावन का माह झरे रिमझिम फुहार, रक्षा बंधन का लो आया पावन त्यौहार;
    नए नए कपड़ों में सजे हैं भाई बहन, सब के मनों में देखो उमड़ रहा प्यार;
    रेशम के धागों का है यह मजबूत बंधन, माथे पर चमके चावल रोली और चन्दन;
    प्यार से मिठाई खिलाये बहन प्यारी, देख इसे छलक उठीं ऑंखें भर आया मन;
    रिश्तों में रुपयों का दखल अब आये न, क्या दिया क्या पाया मन न भरमाये;
    प्यार से बड़ा जग में और कुछ नहीं है होता, बहना को भाई और भाई बहन को ना कभी भुलाये।