• 90% पुरुष ठंडा टिफ़िन खाते हैं ताकि उनका परिवार गर्म खाना खा सके!
    90% पुरुष ठंडा टिफ़िन खाते हैं ताकि उनका परिवार गर्म खाना खा सके!
  • अपने अहम् को थोड़ा-सा झुका के चलिये;<br/>
सब अपने लगेंगे ज़रा-सा मुस्कुरा के चलिये।
    अपने अहम् को थोड़ा-सा झुका के चलिये;
    सब अपने लगेंगे ज़रा-सा मुस्कुरा के चलिये।
  • गलत हो कर खुद को सही साबित करना उतना मुश्किल नहीं, <br/>
जितना सही हो कर खुद को सही साबित करना!
    गलत हो कर खुद को सही साबित करना उतना मुश्किल नहीं,
    जितना सही हो कर खुद को सही साबित करना!
  • इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,<br/>
आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!
    इस जवानी से अच्छा तो बचपन था जब दर्द होता वहीं रो देते,
    आजकल तो रोने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती है!
  • जब तक रास्ते समझ आते हैं तब तक लौटने का समय हो जाता है, यही ज़िन्दगी है!
    जब तक रास्ते समझ आते हैं तब तक लौटने का समय हो जाता है, यही ज़िन्दगी है!
  • सुन लेने से कितने सारे सवाल सुलझ जाते हैं,<br/>
सुना देने से हम फिर से वहीं उलझ जाते हैं!
    सुन लेने से कितने सारे सवाल सुलझ जाते हैं,
    सुना देने से हम फिर से वहीं उलझ जाते हैं!
  • जिस दिन आप अपनी हँसी के मालिक ख़ुद बन जाओगे!<br/>
तब आपको कोई भी नहीं रुला सकता!
    जिस दिन आप अपनी हँसी के मालिक ख़ुद बन जाओगे!
    तब आपको कोई भी नहीं रुला सकता!
  • एक हरियाणवी से मेज़बान ने पूछा,<br/>
`चौधरी साहब क्या लेंगे आप, हलवा लाऊं या खीर?`<br/>
चौधरी: घर में कटोरी एक ही है के?
    एक हरियाणवी से मेज़बान ने पूछा,
    "चौधरी साहब क्या लेंगे आप, हलवा लाऊं या खीर?"
    चौधरी: घर में कटोरी एक ही है के?
  • बड़ा होने के लिए हमेशा मर्यादा में  रहना पड़ता है!<br/>
क्योंकि हर बड़ी कंपनी के नाम में भी आखिरी में 'लिमिटेड' लिखा होता है!
    बड़ा होने के लिए हमेशा मर्यादा में रहना पड़ता है!
    क्योंकि हर बड़ी कंपनी के नाम में भी आखिरी में 'लिमिटेड' लिखा होता है!
  • समझ से ज्ञान से ज़्यादा गहरी होती है!<br/>
बहुत से लोग आपको जानते हैं लेकिन कुछ ही आपको समझते हैं!
    समझ से ज्ञान से ज़्यादा गहरी होती है!
    बहुत से लोग आपको जानते हैं लेकिन कुछ ही आपको समझते हैं!