• राह बड़ी सीधी है,<br/>
मोड़ तो सारे मन के हैं!<br/>
मंगलमय सप्ताहांत!
    राह बड़ी सीधी है,
    मोड़ तो सारे मन के हैं!
    मंगलमय सप्ताहांत!
  • साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब साईकिल में चेन हो और जिंदगी में चैन हो। <br/>
सुप्रभात!
    साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब साईकिल में चेन हो और जिंदगी में चैन हो।
    सुप्रभात!
  • उनके कर्जदार और वफादार रहिये जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं!<br/>
क्योंकि अंजाम की ख़बर तो कर्ण को भी थी पर बात दोस्ती निभाने की थी।<br/>
सुप्रभात!
    उनके कर्जदार और वफादार रहिये जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं!
    क्योंकि अंजाम की ख़बर तो कर्ण को भी थी पर बात दोस्ती निभाने की थी।
    सुप्रभात!
  • मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आँसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है ज़िंदगी
इसे मज़े से जियें।<br/>
सुप्रभात!
    मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आँसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है ज़िंदगी इसे मज़े से जियें।
    सुप्रभात!
  • हँसते रहें आप करोड़ों के बीच,<br/>
खिलते रहें आप लाखों के बीच,<br/>
रोशन रहें आप हज़ारों के बीच,<br/>
जैसे रहता है सूरज आसमान के बीच।<br/>
जन्मदिन की शुभ कामनायें!
    हँसते रहें आप करोड़ों के बीच,
    खिलते रहें आप लाखों के बीच,
    रोशन रहें आप हज़ारों के बीच,
    जैसे रहता है सूरज आसमान के बीच।
    जन्मदिन की शुभ कामनायें!
  • कुछ नेकियाँ ऐसी भी होनी चाहिए,<br/>
जिनका खुदा के सिवा कोई गवाह ना हो।<br/>
सुप्रभात!
    कुछ नेकियाँ ऐसी भी होनी चाहिए,
    जिनका खुदा के सिवा कोई गवाह ना हो।
    सुप्रभात!
  • ध्यान का अर्थ है भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना।<br/>
सुप्रभात!
    ध्यान का अर्थ है भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना।
    सुप्रभात!
  • जन्मदिन के ये ख़ास लम्हें मुबारक;<br/>
आँखों में बसे नए ख्वाब मुबारक;<br/>
ज़िन्दगी जो लेकर आई है आपके लिए आज,<br/>
वो तमाम खुशियों की हसीन सौगात मुबारक।<br/>
जन्मदिन की बधाई!
    जन्मदिन के ये ख़ास लम्हें मुबारक;
    आँखों में बसे नए ख्वाब मुबारक;
    ज़िन्दगी जो लेकर आई है आपके लिए आज,
    वो तमाम खुशियों की हसीन सौगात मुबारक।
    जन्मदिन की बधाई!
  • खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो;<br/>
ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो;<br/>
सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र;<br/>
जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो।<br/>
सुप्रभात!
    खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो;
    ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो;
    सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र;
    जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो।
    सुप्रभात!
  • तेरे पैगाम के इंतज़ार में दिन गुज़ार दिया,<br/>
अब रहने देना, ख्वाबों में मिल लूँगा रात में।<br/>
शुभरात्रि!
    तेरे पैगाम के इंतज़ार में दिन गुज़ार दिया,
    अब रहने देना, ख्वाबों में मिल लूँगा रात में।
    शुभरात्रि!