• यूँ तो तेरी यादों के साथ रहने से हमें कोई ऐतराज़ नहीं ए हसीना;<br/>
पर हर रात तीन बार कच्छा बदलना भी कुछ असां नहीं होता!Upload to Facebook
    यूँ तो तेरी यादों के साथ रहने से हमें कोई ऐतराज़ नहीं ए हसीना;
    पर हर रात तीन बार कच्छा बदलना भी कुछ असां नहीं होता!
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