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पिंकी: मम्मी, मैं जीवन में आगे बढने के लिए क्या करूँ?<br/>
जीतो: पत्थर ले और सबसे पहले मोबाईल फोड।
पिंकी: मम्मी, मैं जीवन में आगे बढने के लिए क्या करूँ?
जीतो: पत्थर ले और सबसे पहले मोबाईल फोड।
जीतो: मैंने गधों पर रिसर्च की है। गधा अपनी गधी के सिवा किसी और गधी को नही देखता।<br/>
संता: इसीलिए तो उसे गधा कहते हैं।
जीतो: मैंने गधों पर रिसर्च की है। गधा अपनी गधी के सिवा किसी और गधी को नही देखता।
संता: इसीलिए तो उसे गधा कहते हैं।
प्रीतो: मैं घर छोड़कर जा रही हूँ।<br/>
बंता (गुस्से में): हाँ, 'जान' छोड़ो अब बस। <br/>
प्रीतो: यही आपकी 'जान' कहने की आदत न, हमेशा मुझे रोक लेती है।
प्रीतो: मैं घर छोड़कर जा रही हूँ।
बंता (गुस्से में): हाँ, 'जान' छोड़ो अब बस।
प्रीतो: यही आपकी 'जान' कहने की आदत न, हमेशा मुझे रोक लेती है।
बंता: व्रत है?
प्रीतो: हाँ जी
बंता: कुछ खाया?
प्रीतो: हाँ जी
बंता: क्या?
प्रीतो: केला, सेब, अनार , मूंगफली, फ्रूट क्रीम, आलू की टिक्की, साबूदाने की खीर, साबूदाने के पापड़, कुट्टू की पूरी, सावंख के चावल, सिंघाड़े के आटे का हलवा, खीरा, सुबह-सुबह चाय और अब जूस पी रही हूँ।
बंता: बहुत सख्त व्रत रख रही हो, यह हर किसी के बस का कहाँ है। और कुछ खाने की इच्छा है? देख लो कहीं कमज़ोरी न आ जाए।
संता: कल रात मैंने सपने में देखा कि कोई लड़का तुम्हें चूमने की कोशिश कर रहा है। 
जीतो: तो क्या लड़का सफल हुआ? 
संता: नहीं। 
जीतो: फिर वो कोई और होगी, मैं नहीं।
संता: कल रात मैंने सपने में देखा कि कोई लड़का तुम्हें चूमने की कोशिश कर रहा है।
जीतो: तो क्या लड़का सफल हुआ?
संता: नहीं।
जीतो: फिर वो कोई और होगी, मैं नहीं।
प्रीतो: अरे तुम तो बहुत बहादुर हो। तुमने चोर को अकेले पकड़ कर पीट दिया।<br/>
जीतो: मुझे क्या पता था कि वो चोर है। मैंने तो सोचा कि मेरे पति हैं जो फिर शराब पीकर चोरी से घर में घुस आये हैं।
प्रीतो: अरे तुम तो बहुत बहादुर हो। तुमने चोर को अकेले पकड़ कर पीट दिया।
जीतो: मुझे क्या पता था कि वो चोर है। मैंने तो सोचा कि मेरे पति हैं जो फिर शराब पीकर चोरी से घर में घुस आये हैं।
जीतो: आज मैं बहुत दया के मूड में थी। मैंने एक भिखारी को 500/- रुपये दे दिए।<br/>
प्रीतो: अरे वाह, यह तो सच में बहुत बड़ा दान किया। तुम्हारे पति ने कुछ नहीं कहा।<br/>
जीतो: वो बोले, 'धन्यवाद'। मैंने पैसे उन्हें ही तो दिए थे।
जीतो: आज मैं बहुत दया के मूड में थी। मैंने एक भिखारी को 500/- रुपये दे दिए।
प्रीतो: अरे वाह, यह तो सच में बहुत बड़ा दान किया। तुम्हारे पति ने कुछ नहीं कहा।
जीतो: वो बोले, 'धन्यवाद'। मैंने पैसे उन्हें ही तो दिए थे।
संता: ये तुम पिछले 3 घंटे से दरवाज़े पर खड़ी होकर किस से बातें कर रही थी?<br/>
जीतो: वो तो प्रीतो थी, बेचारी के पास अंदर आने के लिए समय ही नहीं था।
संता: ये तुम पिछले 3 घंटे से दरवाज़े पर खड़ी होकर किस से बातें कर रही थी?
जीतो: वो तो प्रीतो थी, बेचारी के पास अंदर आने के लिए समय ही नहीं था।
प्रीतो: क्या बात है, आज-कल तुम बड़ी परेशान रहती हो?<br/>

जीतो: पता नहीं, पर जब भी मेरे पति घर को स्वर्ग बनाने की बात करते हैं तो मुझे लगता है कि वो मुझे तलाक देना चाहते हैं।
प्रीतो: क्या बात है, आज-कल तुम बड़ी परेशान रहती हो?
जीतो: पता नहीं, पर जब भी मेरे पति घर को स्वर्ग बनाने की बात करते हैं तो मुझे लगता है कि वो मुझे तलाक देना चाहते हैं।
एक दिन संता को ऑफिस से लौटने में काफी देर हो गई। घर आकर उसने देखा कि जीतो का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है और वो संता को देखते ही उस पर बरस पड़ी, "आखिर इतनी देर कहाँ लगा दी? तुम्हें मेरा कुछ ख़याल है कि नहीं?"
संता: इसमें ख़याल वाली कौन सी बात हो गई? क्या आज से पहले मुझे कभी देर नहीं हुई?
जीतो: वह बात और है। आज पड़ोसी आपस में बातें कर रहे थे कि एक पागल सा आदमी ट्रेन के नीचे आकर मर गया। तुम्हें नहीं मालूम, तब से मुझ पर क्या गुजर रही है?