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बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही; 
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही; 
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी  बात नही।
बिना माँगें इतना दिया दामन में मेरे समाया नही;
जितना दिया प्रभु ने मुझको उतनी तो मेरी औकात नही;
यह तो करम है उनका वरना मुझ में तो ऐसी बात नही।
क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो देखते हुए खुद को 'आईने' में; 
कुछ वक़्त बैठो प्रभु के सामने खूबसूरत हो जाओगे सही 'मायने' में।
क्यों इतना वक़्त गुज़ारते हो देखते हुए खुद को "आईने" में;
कुछ वक़्त बैठो प्रभु के सामने खूबसूरत हो जाओगे सही "मायने" में।
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है, मेरी आँखें भर आती हैं; 
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है, मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
जब दुआ और कोशिश से बात ना बने,
तो फैसला भगवान पर छोड़ दो, भगवान अपने बन्दों के बारे में बेहतर फैसला करते हैं।
परमात्मा का सिमरन ज़ुबान की हरकत ही नहीं रूह की पुकार भी है।
परमात्मा का सिमरन ज़ुबान की हरकत ही नहीं रूह की पुकार भी है।
भग़वान कहते हैं, 
'तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में अगर तेरे दिल में नहीं हूँ तो कहीं नहीं हूँ मैं।'
भग़वान कहते हैं,
"तलाश ना कर मुझे ज़मीन-ओ-आसमान की गर्दिशों में अगर तेरे दिल में नहीं हूँ तो कहीं नहीं हूँ मैं।"
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है; 
ऐ मेरे मालिक मेरी आँखें भर आती हैं; 
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि; 
हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है;
ऐ मेरे मालिक मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि;
हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
किसी ने ईश्वर से कहा, 'मैं ज़िन्दगी से घृणा करता हूँ।'<br/>
ईश्वर ने कहा, 'तुमसे किसने कहा कि ज़िन्दगी से प्यार करो। तुम तो बस उसे चाहो जो तुम्हें चाहता हो, ज़िन्दगी अपने आप खूबसूरत हो जाएगी।'
किसी ने ईश्वर से कहा, "मैं ज़िन्दगी से घृणा करता हूँ।"
ईश्वर ने कहा, "तुमसे किसने कहा कि ज़िन्दगी से प्यार करो। तुम तो बस उसे चाहो जो तुम्हें चाहता हो, ज़िन्दगी अपने आप खूबसूरत हो जाएगी।"
प्रार्थना और ध्यान इंसान के लिए बहुत ही ज़रूरी है,<br/>
प्रार्थना में भगवान आपकी सुनते हैं और ध्यान में आप भगवान की बात सुनते हैं।
प्रार्थना और ध्यान इंसान के लिए बहुत ही ज़रूरी है,
प्रार्थना में भगवान आपकी सुनते हैं और ध्यान में आप भगवान की बात सुनते हैं।
जीवन में पीछे देखो, अनुभव मिलेगा<br/>
जीवन में आगे देखो तो, आशा मिलेगी<br/>
दायें-बायें देखो तो, सत्य मिलेगा<br/>
स्वंय के अंदर देखो तो परमात्मा और आत्मविश्वास मिलेगा।
जीवन में पीछे देखो, अनुभव मिलेगा
जीवन में आगे देखो तो, आशा मिलेगी
दायें-बायें देखो तो, सत्य मिलेगा
स्वंय के अंदर देखो तो परमात्मा और आत्मविश्वास मिलेगा।