Join our FaceBook Group
एक बार संता की टाँग की हड्डी टूट गयी। वो अस्पताल गया तो वहाँ उसने देखा कि एक आदमी की दोनों टाँगों की हड्डियां टूटी हुई थी। उसे देख संता बोला, 'अरे आप की क्या दो बीवियां हैं।'
एक बार संता की टाँग की हड्डी टूट गयी। वो अस्पताल गया तो वहाँ उसने देखा कि एक आदमी की दोनों टाँगों की हड्डियां टूटी हुई थी। उसे देख संता बोला, "अरे आप की क्या दो बीवियां हैं।"
बंता: वो क्या है जो 'Maggi' से भी जल्दी बन जाता है?<br/>
संता: बीवी का मुँह।
बंता: वो क्या है जो "Maggi" से भी जल्दी बन जाता है?
संता: बीवी का मुँह।
बंता: यार, शादी में जाना है, कैसा 'कोट' पहन के जाऊँ कि सब मुझे ही देखें?<br/>
संता: एक काम कर 'पेटी'कोट' पहन के चला जा फिर सब तुझे ही देखेंगे।
बंता: यार, शादी में जाना है, कैसा 'कोट' पहन के जाऊँ कि सब मुझे ही देखें?
संता: एक काम कर 'पेटी'कोट' पहन के चला जा फिर सब तुझे ही देखेंगे।
संता शराब पी कर बस में चड़ा तो एक साधु बाबा बस में बैठे थे और बोले, "तुम नर्क के रास्ते पर जा रहे हो।"
संता (चिल्लाते हुए): ओये रुको-रुको बस रोको, मैं गलत बस में चढ़ गया हूँ।
संता: यार यह सुरेंदर हमेशा कड़की में रहता है। इसके पास कभी पैसे नहीं होते।<br/>
बंता: क्यों, क्या वो तुमसे पैसे माँगता है?<br/>
संता: नहीं यार, जब भी मैं माँगता हूँ तो मना कर देता है।
संता: यार यह सुरेंदर हमेशा कड़की में रहता है। इसके पास कभी पैसे नहीं होते।
बंता: क्यों, क्या वो तुमसे पैसे माँगता है?
संता: नहीं यार, जब भी मैं माँगता हूँ तो मना कर देता है।
संता अपने बेटे पप्पू के स्कूल गया। <br/>

संता (पप्पू की टीचर से): मेरा बेटा पढाई में कैसा है?<br/>
टीचर: बस ये समझ लो कि आर्यभट्ट ने शून्य की खोज इसके लिए ही की थी।<br/>
संता: अरे आखिर बेटा किसका है!
संता अपने बेटे पप्पू के स्कूल गया।
संता (पप्पू की टीचर से): मेरा बेटा पढाई में कैसा है?
टीचर: बस ये समझ लो कि आर्यभट्ट ने शून्य की खोज इसके लिए ही की थी।
संता: अरे आखिर बेटा किसका है!
पप्पू: पापा मैं लव मैरिज करूँगा।<br/>
संता: हाँ तू लव मैरिज ही कर लेना, क्योंकि जैसी तेरी शक्ल है मुझे नहीं लगता मैं तेरी अरेंज मैरिज करवा पाउँगा।
पप्पू: पापा मैं लव मैरिज करूँगा।
संता: हाँ तू लव मैरिज ही कर लेना, क्योंकि जैसी तेरी शक्ल है मुझे नहीं लगता मैं तेरी अरेंज मैरिज करवा पाउँगा।
संता: आज खाना तुमने नहीं बनाया क्या?<br/>
जीतो: क्यों क्या खराबी है?<br/>
संता: कोई खराबी नहीं है, सब कुछ एक दम सही है, तभी पूछ रहा हूँ कि कहीं बाहर से मंगवाया है क्या?
संता: आज खाना तुमने नहीं बनाया क्या?
जीतो: क्यों क्या खराबी है?
संता: कोई खराबी नहीं है, सब कुछ एक दम सही है, तभी पूछ रहा हूँ कि कहीं बाहर से मंगवाया है क्या?
बंता: अरे भाई क्या हुआ? इतने मायूस क्यों हो?<br/>
संता: क्या बताऊँ मैं तो बरबाद हो गया।<br/>
बंता: क्यों क्या हुआ?<br/>
संता: मेरे दादे को पुनर्जन्म में विश्वास था, कमबख्त अपनी जायदाद अपने ही नाम कर गये।
बंता: अरे भाई क्या हुआ? इतने मायूस क्यों हो?
संता: क्या बताऊँ मैं तो बरबाद हो गया।
बंता: क्यों क्या हुआ?
संता: मेरे दादे को पुनर्जन्म में विश्वास था, कमबख्त अपनी जायदाद अपने ही नाम कर गये।
बंता: यार संता, अगर हम मरने के बाद नरक में गए तो क्या करेंगे?<br/>
संता: क्या करेंगे मतलब?<br/>
बंता: मतलब हमें तो नरक के बारे में कुछ पता ही नहीं है।<br/>
संता: ओये यह जो शादी होती है न यह आदमी को नरक का अनुभव दिलाने के लिए ही होती है।
बंता: यार संता, अगर हम मरने के बाद नरक में गए तो क्या करेंगे?
संता: क्या करेंगे मतलब?
बंता: मतलब हमें तो नरक के बारे में कुछ पता ही नहीं है।
संता: ओये यह जो शादी होती है न यह आदमी को नरक का अनुभव दिलाने के लिए ही होती है।