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नज़र चाहती है दीदार करना; 
दिल चाहता है प्यार करना; 
क्या बताएं इस दिल का आलम; 
नसीब में लिखा है इंतज़ार करना।
नज़र चाहती है दीदार करना;
दिल चाहता है प्यार करना;
क्या बताएं इस दिल का आलम;
नसीब में लिखा है इंतज़ार करना।
आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं;<br/>
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं;<br/>
जब तक ना कर लें दीदार आपका;<br/>
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।
आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं;
हर वक़्त आपको ही बस याद करती हैं;
जब तक ना कर लें दीदार आपका;
तब तक वो आपका इंतज़ार करती हैं।
इंतज़ार तो बहुत था हमें;<br/>
लेकिन आये ना वो कभी;<br/>
हम तो बिन बुलाये ही आ जाते;<br/>
अगर होता उन्हें भी इंतज़ार कभी।
इंतज़ार तो बहुत था हमें;
लेकिन आये ना वो कभी;
हम तो बिन बुलाये ही आ जाते;
अगर होता उन्हें भी इंतज़ार कभी।
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा;<br/>

यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा;<br/>

मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले;<br/>

कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।
इंतज़ार रहता है हर शाम तेरा;
यादें कटती हैं ले ले कर नाम तेरा;
मुद्दत से बैठे हैं यह आस पाले;
कि कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा।
दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे;<br/>
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे;<br/>
ढूंढ़ते फिरोगे हमें हर जगह एक दिन;<br/>
ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे।
दिल में इंतज़ार की लकीर छोड़ जायेंगे;
आँखों में यादों की नमी छोड़ जायेंगे;
ढूंढ़ते फिरोगे हमें हर जगह एक दिन;
ज़िन्दगी में ऐसी अपनी कमी छोड़ जायेंगे।
किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया;<br/>
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया;<br/>
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर;<br/>
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।
किस्मत ने तुमसे दूर कर दिया;
अकेलेपन ने दिल को मज़बूर कर दिया;
हम भी ज़िंदगी से मुँह मोड़ लेते मगर;
तुम्हारे इंतज़ार ने जीने पर मज़बूर कर दिया।
बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता;<br/>
अब मेरा वजूद भी सच्चा नहीं लगता;<br/>
सिर्फ आपके इंतज़ार में कट रही है ये ज़िंदगी;<br/>
वरना अब तक तो मौत के आगोश में सो जाती ये ज़िंदगी।
बिन आपके कुछ भी अच्छा नहीं लगता;
अब मेरा वजूद भी सच्चा नहीं लगता;
सिर्फ आपके इंतज़ार में कट रही है ये ज़िंदगी;
वरना अब तक तो मौत के आगोश में सो जाती ये ज़िंदगी।
लम्हा-लम्हा इंतज़ार किया उस लम्हे के लिए;<br/>
और वो लम्हा आया भी तो बस एक लम्हे के लिए;<br/>
गुज़ारिश है यह खुदा से कि काश;<br/>
वो लम्हा फिर से मिल जाये बस एक लम्हे के लिए।
लम्हा-लम्हा इंतज़ार किया उस लम्हे के लिए;
और वो लम्हा आया भी तो बस एक लम्हे के लिए;
गुज़ारिश है यह खुदा से कि काश;
वो लम्हा फिर से मिल जाये बस एक लम्हे के लिए।
भले ही राह चलते तू औरों का दामन थाम ले;<br/>
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले;<br/>
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने;<br/>
ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।
भले ही राह चलते तू औरों का दामन थाम ले;
मगर मेरे प्यार को भी तू थोड़ा पहचान ले;
कितना इंतज़ार किया है तेरे इश्क़ में मैंने;
ज़रा इस दिल की बेताबी को भी तू जान ले।
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर;<br/>
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर;<br/>
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह;<br/>
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर;
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर;
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह;
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।