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पत्नी: अगर मैं ना होती तो तुम्हारा क्या होता?<br/>
पति: भला।
पत्नी: अगर मैं ना होती तो तुम्हारा क्या होता?
पति: भला।
अपना बच्चा रोये तो दिल में दर्द होता है और दूसरे का रोये तो सिर में।<br/>
अपनी बीवी रोये तो सिर में दर्द होता है और दूसरे की रोये तो दिल में।
सब प्रभु की माया है!
अपना बच्चा रोये तो दिल में दर्द होता है और दूसरे का रोये तो सिर में।
अपनी बीवी रोये तो सिर में दर्द होता है और दूसरे की रोये तो दिल में। सब प्रभु की माया है!
सदाबहार लोग हमेशा सुखी होते हैं क्योंकि वो सदा बाहर ही होते हैं, <br/>

घर में रहेंगे तो मगजमारी होगी।
सदाबहार लोग हमेशा सुखी होते हैं क्योंकि वो सदा बाहर ही होते हैं,
घर में रहेंगे तो मगजमारी होगी।
ससुर: आइए दामाद जी आज सुबह-सुबह अचानक कैसे दर्शन दे दिए?<br/>
दामाद: आपकी बेटी से झगड़ा हो गया था, वो बोली जहन्नुम में जाओ!
ससुर: आइए दामाद जी आज सुबह-सुबह अचानक कैसे दर्शन दे दिए?
दामाद: आपकी बेटी से झगड़ा हो गया था, वो बोली जहन्नुम में जाओ!
एक पुरुष ही दूसरे पुरुष को ठीक से समझ सकता है!<br/>
ग्राहक: मैं एक लेडीज घडी खरीदना चाहता हूँ!<br/>
दुकानदार: सर, पत्नी के लिये चाहिये या ब्रांडेड दिखाऊँ!
एक पुरुष ही दूसरे पुरुष को ठीक से समझ सकता है!
ग्राहक: मैं एक लेडीज घडी खरीदना चाहता हूँ!
दुकानदार: सर, पत्नी के लिये चाहिये या ब्रांडेड दिखाऊँ!
गलतफहमी<br/>
एक आदमी ने अपनी सेक्रेटरी से यह सोचकर शादी कर ली कि वह शादी के बाद भी पहले की तरह कहना मानेगी!
गलतफहमी
एक आदमी ने अपनी सेक्रेटरी से यह सोचकर शादी कर ली कि वह शादी के बाद भी पहले की तरह कहना मानेगी!
पतियों के 'फ्रिज में पानी भर के रखो' वाले दिन गये ही थे कि...<br/>
'कम्बल को मोड़कर रखो' वाले दिन आ गये!
पतियों के 'फ्रिज में पानी भर के रखो' वाले दिन गये ही थे कि...
'कम्बल को मोड़कर रखो' वाले दिन आ गये!
बीवी अगर मायके गई हो तो, बन्दा बर्तन तब तक नहीं धोता जब तक,<br/>
चाय कढ़ाई में बनाने की नौबत ना आ जाए!
बीवी अगर मायके गई हो तो, बन्दा बर्तन तब तक नहीं धोता जब तक,
चाय कढ़ाई में बनाने की नौबत ना आ जाए!
एक पति का बयान:<br/>
ना मैं चुनाव लड़ रहा हूँ, ना मेरी घरवाली।<br/>
हम दोनों आपस में ही लड़ के खुश हैं।
एक पति का बयान:
ना मैं चुनाव लड़ रहा हूँ, ना मेरी घरवाली।
हम दोनों आपस में ही लड़ के खुश हैं।
होकर ग़मों से परेशाँ मैं बेगम ले आया;<br/>
किस्मत की बेरुखी तो देखो ग़म और बढ़ गये।
होकर ग़मों से परेशाँ मैं बेगम ले आया;
किस्मत की बेरुखी तो देखो ग़म और बढ़ गये।