विवाहित Hindi SMS

"भाग्यवान!" भोजन के लिए बैठे पति ने पत्नी से पूछा - "यह तो सब्जी तुमने बनाई है, इसका नाम क्या है।"
"क्यों पूछ रहे हो?"
"क्योंकि अस्पताल में मुझसे भी तो पूछा जायेगा कि मैंने क्या खाया था?"
पत्नियों का राष्ट्रगान:
पति हमारा ऐसा हो;
जेब में जिसके पैसा हो;
लम्बी जिसकी हाईट हो;
गुस्से में वो लाईट हो;
जब सास से मेरी फाईट हो;
तो कहे जानू तुम ही राईट हो।
पठान का निकाह हो रहा था।
मौलवी: किसी को इस शादी से एतराज़ है?
.
.
.
एक आवाज़ आई `हाँ मुझे है।`
.
.
.
मौलवी बोला: अमा यार, तुम चुप रहो। तुम दुल्हे हो, तुम्हे तो जिंदगी भर रहेगा।
सब्र और शुक्र दोनों का ही बड़ा दर्ज़ा होता है;
सब्र मुसीबत को टालता है और शुक्र सुख और चैन को बढ़ाता है।
इसलिए अगर बीवी मायके गयी हो तो शुक्र मनायें और घर पर हो तो और घर पर हो तो सब्र करें।
एक आदमी ने अपने फेसबुक स्टेटस में लिखा, "पत्नी चाहिए"।
2 लड़कियों ने इसे Like किया और 140 आदमियों ने Comment किया, "मेरी ले जा"।
आदमी ने दोबारा लिखा, "माँग नहीं रहा, पूछ रहा हूँ"।
हे प्रभु!
जो औरतें 7 जन्मों तक एक ही पति की कामना और प्रार्थना करती हैं। आप उनको हर जन्म में 'सास' भी वही देने का जुगाड़ करें।
इसी बहाने मर्दों को 'मुक्ति' मिलेगी।
शादी कितनी खतरनाक चीज है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि,
.
.
.
.
.
.
ज्यादातर शादियों में दुल्हन बारातियों के 'नागिन डांस' के बाद ही बाहर निकलती है।
प्रवचन सुनकर पत्नी जब घर लौटी तो पति से, "बाबा जी कह रहे थे कि रामराज्य में, शेर और बकरी एक ही घाट पर पानी पिया करते थे। ऐसा कैसे हो सकता है भला?"
पति: हो क्यों नहीं सकता और वो तो अब भी हो रहा है, क्या मैं तुम्हारे साथ नहीं रहता?
पत्नी ने पति को फ़ोन करके पूछा, "कहाँ हो तुम?"
पति: तुम्हें वो ज्वेलरी की दुकान याद है, जहाँ तुमने एक हीरे का हार पसंद किया था और तब मेरे पास पैसे नहीं थे।
पत्नी (खुश होते हुए): हाँ-हाँ मुझे याद है।
पति: मैं बस उसके सामने वाले सैलून में बाल कटवा रहा हूँ।
'सुख' तुम्हें उतना ही मिलेगा जितना तुमने पुण्य किया होगा;
परन्तु, 'शांति' उतनी ही मिलेगी जितनी पत्नी की इच्छा होगी!

Quotes

मैं शादी से पहले क्या करता था - जो जी में आता था।

Trivia

People who regularly complain of boredom are 2.5 times more likely to die of a heart-attack or stroke.

Graffiti

Actor - A man who tries to be everything but himself.