Join our FaceBook Group
दुनिया में हर काम मुहूर्त से होता है,
सिर्फ 2 काम ही बिना मुहूर्त के होते हैं;
'दुनिया में आना और दुनिया से चले जाना' और यह दोनों काम 100% सफल होते हैं।
सुना है कि 'औरंगजेब मार्ग' को बदलकर 'कलाम मार्ग' कर दिया गया है।<br/>
पर मुझे कोई ये तो बताये कि 'कलाम के मार्ग' पर चलेगा कौन?<br/>
'औरंगजेब मार्ग' पर चलने वाले तो काफी लोग थे।
सुना है कि 'औरंगजेब मार्ग' को बदलकर 'कलाम मार्ग' कर दिया गया है।
पर मुझे कोई ये तो बताये कि 'कलाम के मार्ग' पर चलेगा कौन?
'औरंगजेब मार्ग' पर चलने वाले तो काफी लोग थे।
भारत एक ऐसा देश है जहाँ पेट्रोल दिनों में मापा जाता है कि. मी. में नहीं,<br/>
'अरे परसों ही तो भरवाया था, 2 दिन में कैसे खत्म हो गया?'
भारत एक ऐसा देश है जहाँ पेट्रोल दिनों में मापा जाता है कि. मी. में नहीं,
"अरे परसों ही तो भरवाया था, 2 दिन में कैसे खत्म हो गया?"
आज फैमिली को टाइम देने के लिए थोड़ा उनके साथ बैठा तो उनका पहला सवाल था:<br/>
'क्या हुआ बेटा, सब ठीक है ना, फ़ोन ख़राब हो गया क्या?'
आज फैमिली को टाइम देने के लिए थोड़ा उनके साथ बैठा तो उनका पहला सवाल था:
"क्या हुआ बेटा, सब ठीक है ना, फ़ोन ख़राब हो गया क्या?"
आज की हकीकत;<br/>
पहले दो लोग लडते झगडते थे तो तीसरा छुड़वाने आ जाता था।<br/>
आज अगर ऐसा हो तो तीसरा वीडियो बनाने लग जाता है।
आज की हकीकत;
पहले दो लोग लडते झगडते थे तो तीसरा छुड़वाने आ जाता था।
आज अगर ऐसा हो तो तीसरा वीडियो बनाने लग जाता है।
आज का ज्ञान:
अहंकार और तोंद अगर न हो तो...
.
.
.
.
.
.
.
.
दो व्यक्ति आपस में कभी भी गले मिल सकते हैं।
कर्म में अकर्म निष्काम कर्म।
यही योग यही धर्म।
बचपन की नादानियों के बारे में क्या बताएं दोस्तों,<br/>
एक बार टीचर ने लड़कियों के बीच बैठाया था और हम उसे सजा समझ रहे थे।
बचपन की नादानियों के बारे में क्या बताएं दोस्तों,
एक बार टीचर ने लड़कियों के बीच बैठाया था और हम उसे सजा समझ रहे थे।
एक रस्सी जिसका एक सिर 'ख्वाहिशों' ने पकड़ रखा है और दूसरा 'औकात' ने - इसी खींचातानी का नाम ज़िन्दगी है।
एक रस्सी जिसका एक सिर 'ख्वाहिशों' ने पकड़ रखा है और दूसरा 'औकात' ने - इसी खींचातानी का नाम ज़िन्दगी है।
पूरी ज़िंदगी हम इसी बात को सोच कर गुज़ार देते हैं कि चार लोग क्या कहेंगे,<br/>
और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं 'राम नाम सत्य है'।
पूरी ज़िंदगी हम इसी बात को सोच कर गुज़ार देते हैं कि चार लोग क्या कहेंगे,
और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं 'राम नाम सत्य है'।