गर्मीयो में सर्द हवा के लिये माँगी हुई दुआ अब सर्दियों में कबूल होते हुए देखकर यकीन हो गया है कि ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नही।
यह दुनिया पत्थर है जो जज़्बात नहीं समझती;<br/>
दिल में जो है छुपी वो बात नहीं समझती;<br/>
यह चाँद भी तनहा है तारों की बारात में;<br/>
दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।
यह दुनिया पत्थर है जो जज़्बात नहीं समझती;
दिल में जो है छुपी वो बात नहीं समझती;
यह चाँद भी तनहा है तारों की बारात में;
दर्द मगर चाँद का ज़ालिम यह रात नहीं समझती।
एक राजा की अनोखी रानी, दुम के साथ वो पीती पानी।<br/>
बताओ क्या?
एक राजा की अनोखी रानी, दुम के साथ वो पीती पानी।
बताओ क्या?

कामयाब लोग अपने फैंसले से दुनिया बदल देते हैं और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैंसले बदल लेते हैं।
कामयाब लोग अपने फैंसले से दुनिया बदल देते हैं और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैंसले बदल लेते हैं।
बन कर गुलाब मुस्कुराना ऐ ज़िंदगी;<br/>
इसी तरह अपने ग़म भुलाना ऐ ज़िंदगी;<br/>
जीत की ख़ुशी हुई तो क्या हुआ;<br/>
हार कर भी खुशियाँ बाँटना ऐ ज़िंदगी।<br/>
सुप्रभात!
बन कर गुलाब मुस्कुराना ऐ ज़िंदगी;
इसी तरह अपने ग़म भुलाना ऐ ज़िंदगी;
जीत की ख़ुशी हुई तो क्या हुआ;
हार कर भी खुशियाँ बाँटना ऐ ज़िंदगी।
सुप्रभात!
काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी;<br/>
टूटे ना कभी डोर विश्वास की;<br/>
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी;<br/>
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।<br/>
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें!
काट ना सके कभी कोई पतंग आपकी;
टूटे ना कभी डोर विश्वास की;
छू लो आप ज़िन्दगी की सारी कामयाबी;
जैसे पतंग छूती है ऊँचाइयाँ आसमान की।
मकर सक्रांति की हार्दिक शुभ कामनायें!
बंता: यार, शादी में जाना है, कैसा 'कोट' पहन के जाऊँ कि सब मुझे ही देखें?<br/>
संता: एक काम कर 'पेटी'कोट' पहन के चला जा फिर सब तुझे ही देखेंगे।
बंता: यार, शादी में जाना है, कैसा 'कोट' पहन के जाऊँ कि सब मुझे ही देखें?
संता: एक काम कर 'पेटी'कोट' पहन के चला जा फिर सब तुझे ही देखेंगे।
जब हॉलीवुड में फिल्म का सीक्वल बनता है तो नाम कुछ ऐसे होते हैं:
1. रैम्बो
2. रैम्बो 2
3. रैम्बो 3

बॉलीवुड:
1. कोई मिल गया
2. कृष
3. कृष 3

साउथ इंडियन:
1. जीने नहीं दूंगा
2. अगले जन्म भी जीने नहीं दूंगा
3. पैदा ही नहीं होने दूंगा
पठान की बेगम(रोमांटिक होते हुए): सुनिए जी मुझे एक पप्पी चाहिए।<br/>
पठान: लो घर में खाने के लाले पड़े हैं, इनको कुत्ता रखना है।
पठान की बेगम(रोमांटिक होते हुए): सुनिए जी मुझे एक पप्पी चाहिए।
पठान: लो घर में खाने के लाले पड़े हैं, इनको कुत्ता रखना है।
पति: तुम मुझे एक जगह से बहुत खूबसूरत लगती हो।<br/>
पत्नी: कहाँ से जानू?<br/>
पति: दूर से।
पति: तुम मुझे एक जगह से बहुत खूबसूरत लगती हो।
पत्नी: कहाँ से जानू?
पति: दूर से।