तुम हँसते रहो,
मुस्कुराते रहो,
नाचते रहो,
सदा खिल-खिलाते रहो;
मेरा क्या है,
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लोग तुम्हें ही पाग़ल समझेंगे।
अगला मैच UAE से है, इंसानियत के नाते उन्हें डराना नहीं चाहिए, जितनी उनकी जनसंख्या है उससे ज्यादा तो हमारे यहाँ 10वीं में बच्चे फेल हो जाते हैं।
पप्पू: यार मैं चाहता हूँ कि जब मैं मरने लगूं तो भगवान मुझे पांच मिनट और दे दे। 
बंटी: क्यों, तू अपने पापों का प्राश्चित करना चाहते हो? 
पप्पू: अबे नहीं मोबाइल भी तो फॉर्मेट करना पड़ेगा, नहीं तो मरने के बाद भी घर वाले गालियाँ देंगे।
पप्पू: यार मैं चाहता हूँ कि जब मैं मरने लगूं तो भगवान मुझे पांच मिनट और दे दे।
बंटी: क्यों, तू अपने पापों का प्राश्चित करना चाहते हो?
पप्पू: अबे नहीं मोबाइल भी तो फॉर्मेट करना पड़ेगा, नहीं तो मरने के बाद भी घर वाले गालियाँ देंगे।
वो बचपन था जब शामें हुआ करती थी; 
अब तो सुबह के बाद सीधे रात ही होती है।
वो बचपन था जब शामें हुआ करती थी;
अब तो सुबह के बाद सीधे रात ही होती है।
दिमाग है तो उत्तर बताओ: 
एक औरत ट्रेन में सफर कर रही थी। जब ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकी तो उसका पति पानी लेने गया और तभी टीटी आ गया। टीटी ने टिकट माँगा तो उस औरत ने कहा कि टिकट मेरे पति के पास है। टीटी ने उसके पति का नाम पूछा तो उस औरत ने बताया कि हमारे यहाँ पति का नाम नहीं लेते। जब टीटी ने ज़ोर दिया तो औरत ने कहा, 'मेरे पति का नाम वह है जिससे ट्रेन चलती है और रूकती है।' टीटी समझ गया और चला गया। अब आप बताईये उस औरत के पति का क्या नाम था?
दिमाग है तो उत्तर बताओ:
एक औरत ट्रेन में सफर कर रही थी। जब ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकी तो उसका पति पानी लेने गया और तभी टीटी आ गया। टीटी ने टिकट माँगा तो उस औरत ने कहा कि टिकट मेरे पति के पास है। टीटी ने उसके पति का नाम पूछा तो उस औरत ने बताया कि हमारे यहाँ पति का नाम नहीं लेते। जब टीटी ने ज़ोर दिया तो औरत ने कहा, "मेरे पति का नाम वह है जिससे ट्रेन चलती है और रूकती है।" टीटी समझ गया और चला गया। अब आप बताईये उस औरत के पति का क्या नाम था?

इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी; 
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी; 
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम; 
बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।
इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।
अच्छी ज़िन्दगी जीने के दो तरीके हैं; 
एक तो जो हासिल हुआ है उसे पसंद करना सीख लो; 
या फिर जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो।
अच्छी ज़िन्दगी जीने के दो तरीके हैं;
एक तो जो हासिल हुआ है उसे पसंद करना सीख लो;
या फिर जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो।
खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का; 
अपना 'इक्का' तभी दिखाना जब सामने वाला बादशाह निकाले।
खेल ताश का हो या ज़िन्दगी का;
अपना "इक्का" तभी दिखाना जब सामने वाला बादशाह निकाले।
बेरोज़गारी की हालत अब ये हो गयी है कि माँ भी कहती है कि...
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कुछ नहीं कर रहा तो मटर ही छील दे।
एक भिखारी भीख मांगता एक घर में पहुंचा। 
भिखारी: माता जी, क्या इस गरीब को केक मिलेगा? 
औरत: क्यों, रोटी से काम नहीं चल सकता? 
भिखारी: चल तो सकता है, पर आज मेरा जन्मदिन है।
एक भिखारी भीख मांगता एक घर में पहुंचा।
भिखारी: माता जी, क्या इस गरीब को केक मिलेगा?
औरत: क्यों, रोटी से काम नहीं चल सकता?
भिखारी: चल तो सकता है, पर आज मेरा जन्मदिन है।