लड़कियां भी अजीब होती हैं, तैयार होने के लिए पार्लर जाती हैं और...
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पार्लर जाने के लिए भी तैयार होती हैं।
सामान्य ज्ञान की परीक्षा का सवाल:
भारत के विदेश मंत्री कौन है?
बच्चे ने जवाब लिखा: "श्री नरेन्द्र मोदी"।
अंक - 0
अब भला इसमें बच्चे की क्या गलती?
'MOOV' का विज्ञापन देख आज तक समझ नहीं आया की कमर दर्द
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सिर्फ छोटे ब्लाउज और साड़ी पहनी औरतों को ही क्यों होता है।
कल शाम दोस्तों ने जबरन बिठा लिया और फिर चला सिलसिला 'जाम' का। 
तभी श्रीमती जी का फ़ोन आ गया और बोली, 'कहाँ हो?' 
मैंने भी सच सच कह दिया कि 'जाम' में फंसा हूँ, थोड़ी देर लगेगी।
कल शाम दोस्तों ने जबरन बिठा लिया और फिर चला सिलसिला "जाम" का।
तभी श्रीमती जी का फ़ोन आ गया और बोली, "कहाँ हो?"
मैंने भी सच सच कह दिया कि "जाम" में फंसा हूँ, थोड़ी देर लगेगी।
अगर बसंती की मौसी, ठाकुर को राखी बांधे तो बसंती और ठाकुर का क्या रिश्ता हुआ?
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अपना-अपना काम करो कोई रिश्ता नहीं बनता, क्योंकि ठाकुर के हाथ ही नहीं थे।
गर्मियां आ गयी हैं। 
बीवियां मायके जाने वाली हैं। 
कोई सही कह रहा है 'अच्छे दिन आने वाले हैं।'
गर्मियां आ गयी हैं।
बीवियां मायके जाने वाली हैं।
कोई सही कह रहा है "अच्छे दिन आने वाले हैं।"
फूल इसलिए अच्छे, क्योंकि खुश्बू का पैगाम देते हैं; 
काँटे इसलिए अच्छे, कि दामन थाम लेते हैं; 
दोस्त इसलिए अच्छे, कि वो मुझ पर जान देते हैं; 
और दुश्मनों को, कैसे ख़राब कह दूँ; 
वो ही तो है, जो हर महफ़िल में मेरा नाम लेते हैं।
फूल इसलिए अच्छे, क्योंकि खुश्बू का पैगाम देते हैं;
काँटे इसलिए अच्छे, कि दामन थाम लेते हैं;
दोस्त इसलिए अच्छे, कि वो मुझ पर जान देते हैं;
और दुश्मनों को, कैसे ख़राब कह दूँ;
वो ही तो है, जो हर महफ़िल में मेरा नाम लेते हैं।
पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को; 
उनके मुक़द्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं होते।
पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को;
उनके मुक़द्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं होते।
आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ; 
तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ; 
एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक; 
कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।
आँधियों से न बुझूं ऐसा उजाला हो जाऊँ;
तू नवाज़े तो जुगनू से सितारा हो जाऊँ;
एक बून्द हूँ मुझे ऐसी फितरत दे मेरे मालिक;
कोई प्यासा दिखे तो दरिया हो जाऊँ।
जो जैसा है उसे वैसे ही अपना लो, 
रिश्ते निभाने आसान हो जायेंगे। 
सुप्रभात!
जो जैसा है उसे वैसे ही अपना लो,
रिश्ते निभाने आसान हो जायेंगे।
सुप्रभात!