Hindi SMS (Page 3)

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ना वो आ सके, ना हम जा सके;<br/>
दर्द दिल का किसी को ना सुना सके;<br/>
यादों को लेकर बैठें हैं आस में उनकी;<br/>
ना उन्होंने याद किया, ना हम उन्हें भुला सके।
ना वो आ सके, ना हम जा सके;
दर्द दिल का किसी को ना सुना सके;
यादों को लेकर बैठें हैं आस में उनकी;
ना उन्होंने याद किया, ना हम उन्हें भुला सके।
प्यार करो तो धोखा मत देना;
प्यार को आंसुओं का तोहफा मत देना;
दिल से रोए कोई तुम्हें याद करके;
ऐसा किसी को मौका मत देना।
जो बात दिल में है उसे बोलने की हिम्मत रखो और जो बात किसी के दिल में है उसको समझने की समझ रखो।
कब उनकी पलकों से इज़हार होगा;<br/>
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा;<br/>
गुज़र रही है रात उनकी यादो में;<br/>
कभी उनको भी हमारा इंतज़ार होगा।<br/>
शुभ रात्रि!
कब उनकी पलकों से इज़हार होगा;
दिल के किसी कोने में हमारे लिए प्यार होगा;
गुज़र रही है रात उनकी यादो में;
कभी उनको भी हमारा इंतज़ार होगा।
शुभ रात्रि!
मनोजनम मारुततुल्य वेगम|
जितेंद्रीयम बुध्दिमताम वरीष्टम|
वातात्मजम वानरयुध्दमुख्यम|
श्रीरामदुतम शरन म प्रपद्ये|
मंगलको जनमे मंगलही करते मंगलमयी भगवान|
जय हनुमान... जय जय हनुमान... केसरीनंदन, जय जय हनुमान...
पप्पू बंटी से: यार, तू इतना बड़ा हो गया और फिर भी अभी तक तुम्हारे दाढ़ी-मूछ नहीं आई?<br/>
बंटी: यार मैं बिलकुल अपनी माँ पर गया हूँ ना, इसीलिए।
पप्पू बंटी से: यार, तू इतना बड़ा हो गया और फिर भी अभी तक तुम्हारे दाढ़ी-मूछ नहीं आई?
बंटी: यार मैं बिलकुल अपनी माँ पर गया हूँ ना, इसीलिए।
दो पंडितों में लड़ाई हो रही थी, उन्हें लड़ते बहुत देर हो गई।
तीसरा पंडित: क्या हुआ, क्यों लड़ाई कर रहे हो?
एक पंडित बोला, "जब मैं लहसुन, प्याज नहीं खाता तो इस साले ने चिकन में डाला क्यों?"
यार लोग भी ना इस गर्मी में कैसे-कैसे जवाब देते हैं।
मैंने एक दुकानदार को पूछा: लाला जी अंडे कैसे दिए?
दुकानदार: भाव पूछ रहा है कि तरीका?
बैसाखी का खुशहाल मौका है;<br/>
ठंडी हवा का झौंका है;<br/>
पर तेरे बिन अधूरा है सब;<br/>
लौट आओ हमने खुशियों को रोका है।<br/>
बैसाखी मुबारक हो!
बैसाखी का खुशहाल मौका है;
ठंडी हवा का झौंका है;
पर तेरे बिन अधूरा है सब;
लौट आओ हमने खुशियों को रोका है।
बैसाखी मुबारक हो!
सुबह से शाम तक वाहेगुरु की कृपा;<br/>
ऐसे ही गुज़रे हर एक दिन;<br/>
ना कभी हो किसी से गिला-शिकवा;<br/>
एक पल ना गुज़रे खुशियों बिन।<br/>
बैसाखी की लाख-लाख बधाईयाँ!
सुबह से शाम तक वाहेगुरु की कृपा;
ऐसे ही गुज़रे हर एक दिन;
ना कभी हो किसी से गिला-शिकवा;
एक पल ना गुज़रे खुशियों बिन।
बैसाखी की लाख-लाख बधाईयाँ!

Quotes

​श्रमशक्ति में एकता बिना ताकत नहीं होती, और जब इन दोनों में सामजस्य बैठा लिया जाता है, और पूरी तरह से एक जूट हुआ जाता हैं तभी यह एक आध्यात्मिक शक्ति बनती है।

Trivia

Ketchup was sold in the 1830s as a medicine.

Graffiti

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