एक भिखारी भीख मांगता एक घर में पहुंचा। 
भिखारी: माता जी, क्या इस गरीब को केक मिलेगा? 
औरत: क्यों, रोटी से काम नहीं चल सकता? 
भिखारी: चल तो सकता है, पर आज मेरा जन्मदिन है।
एक भिखारी भीख मांगता एक घर में पहुंचा।
भिखारी: माता जी, क्या इस गरीब को केक मिलेगा?
औरत: क्यों, रोटी से काम नहीं चल सकता?
भिखारी: चल तो सकता है, पर आज मेरा जन्मदिन है।
IND-SA मैच के बाद:
धोनी ने ड्रेसिंग रूम में जाकर रोहित को आवाज़ लगा कर कहा, "बेड के नीचे से निकल आओ। कोई कुछ नहीं कहेगा, हम मैच जीत गए हैं।
लोग कहते हैं कि अगर अच्छे लोगों को याद किया जाये तो वक़्त भी अच्छा गुज़रता है;
इसलिए मैंने सोचा कि...
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आपको अपनी याद दिला दूँ।
एक व्यक्ति मरने के बाद जब ऊपर पहुँचा तो यमदूत ने उससे पूछा, 'क्या तुम शादीशुदा हो?' 
आदमी: जी हाँ। 
यमदूत: तुम जन्नत में जा सकते हो, तुमने शादी करके दुनिया में काफी सजा पाई है। 
पीछे एक और आदमी खड़ा था। यमदूत ने उससे पूछा, 'क्या तुम शादीशुदा हो?' 
दूसरा आदमी: जी हाँ, मेरी दो बार शादी हो चुकी है। 
यमदूत: चलो भागो यहाँ से, यहाँ बेवकूफों के लिए कोई जगह नहीं है।
एक व्यक्ति मरने के बाद जब ऊपर पहुँचा तो यमदूत ने उससे पूछा, "क्या तुम शादीशुदा हो?"
आदमी: जी हाँ।
यमदूत: तुम जन्नत में जा सकते हो, तुमने शादी करके दुनिया में काफी सजा पाई है।
पीछे एक और आदमी खड़ा था। यमदूत ने उससे पूछा, "क्या तुम शादीशुदा हो?"
दूसरा आदमी: जी हाँ, मेरी दो बार शादी हो चुकी है।
यमदूत: चलो भागो यहाँ से, यहाँ बेवकूफों के लिए कोई जगह नहीं है।
एक आदमी डॉक्टर के धोरे गया आर बोल्या, 'डॉक्टर साहब मेरे दस्त लग रे से।' 
डॉक्टर भी कसुता माणस था नु बोल्या, 'फेर लागे रहण दे तन्ने कौन से गोसे पाथणे से।'
एक आदमी डॉक्टर के धोरे गया आर बोल्या, "डॉक्टर साहब मेरे दस्त लग रे से।"
डॉक्टर भी कसुता माणस था नु बोल्या, "फेर लागे रहण दे तन्ने कौन से गोसे पाथणे से।"
लड़कियां बाल बनाने में तो "एक घंटा" लेती हैं लेकिन मुँह बनाने के लिए "एक सेकंड" भी नहीं लगाती।
कितनी नन्ही से परिभाषा है दोस्ती की; 
मैं शब्द... 
तुम अर्थ... 
तुम बिन मैं व्यर्थ।
कितनी नन्ही से परिभाषा है दोस्ती की;
मैं शब्द...
तुम अर्थ...
तुम बिन मैं व्यर्थ।
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है, मेरी आँखें भर आती हैं; 
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
जब तेरी रहमत पर मेरी नज़र जाती है, मेरी आँखें भर आती हैं;
तू दे रहा है मुझे इस क़दर कि हाथ दुआ में उठने से पहले ही झोली भर जाती है।
अपनी कीमत उतनी रखिये जितनी अदा हो सके, 
अगर अनमोल हो गए तो तनहा हो जाओगे।
अपनी कीमत उतनी रखिये जितनी अदा हो सके,
अगर अनमोल हो गए तो तनहा हो जाओगे।
मैंने भी अपना सूट नीलामी के लिए निकाला...
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बर्तन वाली चार कटोरी पकड़ाकर चली गयी।