पत्रकार: मोदी जी क्या सूट के पैसे से गंगा साफ़ हो पायेगी? 
मोदी: जब सूट के चक्कर मे दिल्ली से भाजपा साफ हो गयी ये 'गंगा' क्या चीज है!
पत्रकार: मोदी जी क्या सूट के पैसे से गंगा साफ़ हो पायेगी?
मोदी: जब सूट के चक्कर मे दिल्ली से भाजपा साफ हो गयी ये 'गंगा' क्या चीज है!
गर्मी आ रही है।
लड़किया जहाँ खुश हैं कि अब बिना स्वेटर के अंग प्रदर्शन कर सकती हैं।
वही लड़के दुखी है कि बिना जैकेट के ठेके से बोतल कैसे लायेंगे।
टीचर: चुम्बकीय शक्ति प्रभाव किसे कहते हैं? 
पप्पू: जब कोई लड़की स्कूटी पर जाते हुए किसी बाइक सवार लड़के के पास से गुजरती है तो उस लड़के की बाइक की गति अपने आप ही बढ़ जाती है। लड़की द्वारा उत्पन्न किये गये इस गति परिवर्तन को ही 'चुम्बकीय शक्ति प्रभाव'
कहते हैं और यदि ये प्रक्रिया नहीं होती है तो इसका सीधा अर्थ ये है कि लड़के में आयरन की कमी है।
टीचर: चुम्बकीय शक्ति प्रभाव किसे कहते हैं?
पप्पू: जब कोई लड़की स्कूटी पर जाते हुए किसी बाइक सवार लड़के के पास से गुजरती है तो उस लड़के की बाइक की गति अपने आप ही बढ़ जाती है। लड़की द्वारा उत्पन्न किये गये इस गति परिवर्तन को ही "चुम्बकीय शक्ति प्रभाव" कहते हैं और यदि ये प्रक्रिया नहीं होती है तो इसका सीधा अर्थ ये है कि लड़के में आयरन की कमी है।
2 शब्द जो आपकी दोस्ती गहरी कर दे;
2 शब्द जो रूठो को मना दे;
2 शब्द जो नए दोस्त बनाएं;
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"दारु पीयेगा?"
लडका: तुम कितना प्यार करती हो? 
लडक़ी: जितना तुम करते हो। 
लडका: मतलब कि तुम भी मुझे धोखा दे रही हो?
लडका: तुम कितना प्यार करती हो?
लडक़ी: जितना तुम करते हो।
लडका: मतलब कि तुम भी मुझे धोखा दे रही हो?
होती नहीं है मोहब्बत सूरत से; 
मोहब्बत तो दिल से होती है; 
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी; 
कदर जिनकी दिल में होती है।
होती नहीं है मोहब्बत सूरत से;
मोहब्बत तो दिल से होती है;
सूरत उनकी खुद-ब-खुद लगती है प्यारी;
कदर जिनकी दिल में होती है।
जब दुआ और कोशिश से बात ना बने,
तो फैसला भगवान पर छोड़ दो, भगवान अपने बन्दों के बारे में बेहतर फैसला करते हैं।
ताश के पत्तों से कभी महल नहीं बनता; 
नदी को रोक लेने से कभी समंदर नहीं बनता; 
बढ़ते रहो ज़िंदगी में हर पल किसी नयी दिशा की तरफ; 
क्योंकि बस एक जंग जीतने से कोई सिकंदर नहीं बनता।
ताश के पत्तों से कभी महल नहीं बनता;
नदी को रोक लेने से कभी समंदर नहीं बनता;
बढ़ते रहो ज़िंदगी में हर पल किसी नयी दिशा की तरफ;
क्योंकि बस एक जंग जीतने से कोई सिकंदर नहीं बनता।
बहुत दूर तक जाना पड़ता है सिर्फ यह जानने के लिए कि नज़दीक कौन है।
बहुत दूर तक जाना पड़ता है सिर्फ यह जानने के लिए कि नज़दीक कौन है।
ख़ुशी से बीते हर शाम आपकी; 
हर सुहानी हो रात आपकी; 
यही आरज़ू है हमारी कि; 
जिस किसी चीज़ पर भी पड़े नज़र आपकी; 
अगले ही पल वो हो जाये आपकी। 
शुभ रात्रि!
ख़ुशी से बीते हर शाम आपकी;
हर सुहानी हो रात आपकी;
यही आरज़ू है हमारी कि;
जिस किसी चीज़ पर भी पड़े नज़र आपकी;
अगले ही पल वो हो जाये आपकी।
शुभ रात्रि!