दो दोस्त आपस में बात कर रहे थे। 
एक दोस्त: और सब कैसा है? 
दूसरा दोस्त: सब ठीक है, भाई। 
पहला दोस्त: और पढाई कैसी चल रही है? 
दूसरा दोस्त: एक झापड़ दूंगा साले, तू दोस्त है दोस्त रह, रिश्तेदार बनने की कोशिश मत कर।
दो दोस्त आपस में बात कर रहे थे।
एक दोस्त: और सब कैसा है?
दूसरा दोस्त: सब ठीक है, भाई।
पहला दोस्त: और पढाई कैसी चल रही है?
दूसरा दोस्त: एक झापड़ दूंगा साले, तू दोस्त है दोस्त रह, रिश्तेदार बनने की कोशिश मत कर।
भूंकप के झटकों से काँच की बोतलें टूट सकती हैं इसलिए सबसे पहले दारु को पलासटिक की बोतलों में भर लें। खाना तो कोई न कोई दे ही देगा लेकिन दारू का इंतज़ाम तो खुद ही करना पड़ेगा। 
शराबी संघ द्वारा जनहित में जारी!
भूंकप के झटकों से काँच की बोतलें टूट सकती हैं इसलिए सबसे पहले दारु को पलासटिक की बोतलों में भर लें। खाना तो कोई न कोई दे ही देगा लेकिन दारू का इंतज़ाम तो खुद ही करना पड़ेगा।
शराबी संघ द्वारा जनहित में जारी!
संता: बेटा तुम्हारे रिजल्ट का क्या हुआ? 
पप्पू: पापा 70% 
संता: पर तुम्हारे रिपोर्ट कार्ड में तो 35% लिखा हुआ है। 
पप्पू: पापा बाकी 35% सब्सिडी मे आएगा।
संता: बेटा तुम्हारे रिजल्ट का क्या हुआ?
पप्पू: पापा 70%
संता: पर तुम्हारे रिपोर्ट कार्ड में तो 35% लिखा हुआ है।
पप्पू: पापा बाकी 35% सब्सिडी मे आएगा।
खतरों से खेलने का अगर इतना ही शौक है तो जब बीवी घर में पोंछा लगा रही हो,
तब घर में चार कदम चल के दिखाओ।
पता नहीं 'युवराज सिंह' कब चलेगा, अब तो रेलगाड़ी के पंखे भी चल पड़े हैं।
पता नहीं 'युवराज सिंह' कब चलेगा, अब तो रेलगाड़ी के पंखे भी चल पड़े हैं।
दिन भर एक दूसरे से कॉलोनी भर कर लोगों की चुगली करने के बाद एक आदर्श भारतीय आंटी यह कहकर बात खत्म करती है कि 'छोड़ो हमें क्या लेना देना'।
दिन भर एक दूसरे से कॉलोनी भर कर लोगों की चुगली करने के बाद एक आदर्श भारतीय आंटी यह कहकर बात खत्म करती है कि 'छोड़ो हमें क्या लेना देना'।
लोगों ने कहा कि 'कांग्रेस' गई 'भाजपा' आ गई, 
अब देश का विकास होगा, अच्छे दिन आएगें। 
अब इन लोगों को कौन समझाये कि 'गंगाधर' ही 'शक्तिमान' है।
लोगों ने कहा कि "कांग्रेस" गई "भाजपा" आ गई,
अब देश का विकास होगा, अच्छे दिन आएगें।
अब इन लोगों को कौन समझाये कि "गंगाधर" ही "शक्तिमान" है।
हथेली पर रखकर नसीब हर शख्स मुकद्दर ढूंढता है, 
सीखो उस समंदर से जो टकराने के लिए हमेशा पत्थर ढूंढता है।
हथेली पर रखकर नसीब हर शख्स मुकद्दर ढूंढता है,
सीखो उस समंदर से जो टकराने के लिए हमेशा पत्थर ढूंढता है।
दुनिया आपके 'उदाहरण' से बदलेगी आपकी 'राय' से नही।
दुनिया आपके "उदाहरण" से बदलेगी आपकी "राय" से नही।
नींद नहीं आती अपने गुनाहों के डर से 'अल्लाह', 
फिर सुकून से सो जाता हूँ ये सोच कर कि तेरा एक नाम 'रहीम' भी तो है।
नींद नहीं आती अपने गुनाहों के डर से "अल्लाह",
फिर सुकून से सो जाता हूँ ये सोच कर कि तेरा एक नाम "रहीम" भी तो है।