प्रीतो मुस्कुरा के अपने पति बंता से बोली: जानते हो मैंने सोलह सोमवार केवल तुलसी के पत्ते खा कर काटे और दो साल हर शुक्रवार को व्रत किया तब कहीं जाकर आप को पति के रूप में पाया।<br/>
बंता (हँसते हुए): अगर ये नहीँ करती तो क्या होता?<br/>
प्रीतो: तो आप से भी गया गुजरा पल्ले पड़ जाता।
प्रीतो मुस्कुरा के अपने पति बंता से बोली: जानते हो मैंने सोलह सोमवार केवल तुलसी के पत्ते खा कर काटे और दो साल हर शुक्रवार को व्रत किया तब कहीं जाकर आप को पति के रूप में पाया।
बंता (हँसते हुए): अगर ये नहीँ करती तो क्या होता?
प्रीतो: तो आप से भी गया गुजरा पल्ले पड़ जाता।
बंता: और बेटा पढ़ाई कैसी चल रही है?<br/>
पप्पू: बस अंकल चलते-चलते बहुत दूर चली गयी मुझ से।
बंता: और बेटा पढ़ाई कैसी चल रही है?
पप्पू: बस अंकल चलते-चलते बहुत दूर चली गयी मुझ से।
जाट के घर दरवाज़े पे दस्तक हुई।
जाटणी: कौण?
हवलदार: हम पुलिस आले हैं। तेरे पति का एक्सिडेंट हो गया है, उसके ऊपर से गाडी गुजर गई है। वो एकदम पापड़ बन गया।
जाटणी: तो दरवाजा खोलण की के जरुरत सै, नीचे तै ऐ सरका दे।
सिपाही: चल भाई तेरी फाँसी का समय हो गया।<br/>
कैदी: पर मुझे तो फाँसी 20 दिन बाद होने वाली थी।<br/>
सिपाही: जेलर साहब कह कर गए हैं कि तू उनके गाँव का है इसलिए तेरा काम पहले।
सिपाही: चल भाई तेरी फाँसी का समय हो गया।
कैदी: पर मुझे तो फाँसी 20 दिन बाद होने वाली थी।
सिपाही: जेलर साहब कह कर गए हैं कि तू उनके गाँव का है इसलिए तेरा काम पहले।
मंज़िलें चाहे कितनी भी ऊँची या कठिन हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं।
मंज़िलें चाहे कितनी भी ऊँची या कठिन हो, रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते हैं।
नवविवाहित जोड़ा सब्जी लेने बाजार गया।
सब्जीवाला: बाबू जी, बहू तो कान्वेंट में पढ़ी होंगी।
पति (शान से छाती फुलाकर): हाँ, कैसे पहचाना?
सब्जीवाला: थैले में नीचे टमाटर और ऊपर कददू जो रख रही हैं।
बंता की पत्नी बंता को आवाज देकर, 'अजी जल्दी आओ देखो माता जी गिर गई है।'<br/>
बंता: अरे माँ क्या हुआ? पत्नी से मदद माँगते हुए, 'चलो हम दोनों मिलकर उठाते हैं।'<br/>
पत्नी: क्यों दोनों मिलकर क्यों? 'राधे माँ' को तो अकेले उठाकर नाच रहे थे।
बंता की पत्नी बंता को आवाज देकर, "अजी जल्दी आओ देखो माता जी गिर गई है।"
बंता: अरे माँ क्या हुआ? पत्नी से मदद माँगते हुए, "चलो हम दोनों मिलकर उठाते हैं।"
पत्नी: क्यों दोनों मिलकर क्यों? 'राधे माँ' को तो अकेले उठाकर नाच रहे थे।
पति दारू पीकर रात को घर देरी से पहुँचा तो पत्नी हाथ में झाडू लेकर सामने खडी थी।<br/>
पति: कितना काम करेगी तू? ला झाडू मेरे को दे, रात के दो बजे हैं। सोना नहीं है क्या? कुछ तो अपना ख्याल कर पगली।
पति दारू पीकर रात को घर देरी से पहुँचा तो पत्नी हाथ में झाडू लेकर सामने खडी थी।
पति: कितना काम करेगी तू? ला झाडू मेरे को दे, रात के दो बजे हैं। सोना नहीं है क्या? कुछ तो अपना ख्याल कर पगली।
बड़ा वो नहीं होता
जिसका ज्यादा बड़ा पद हो
या जो धनवान हो
या जिसके पास ज्यादा प्रॉपर्टी हो
या जिसके पास ज्यादा कार हो
या जिसके पास अधिक सोना हो
या जिसकी ज्यादा गर्लफ्रेंड हों
या जो खाने में 56 भोग खाता हो
या जो हमेशा प्लेन से यात्रा करता हो
बड़ा वो है जो...
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सांभर के साथ खाया जाता है।
आज का ज्ञान:
अहंकार और तोंद अगर न हो तो...
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दो व्यक्ति आपस में कभी भी गले मिल सकते हैं।