• गीता में पढ़ा था:<br/>
शरीर मर जाता है परन्तु आत्मा जीवित रहती है लेकिन आज के समय में देख रहा हूँ कि शरीर तो जीवित हैं परन्तु आत्मायें मर चुकी हैं।Upload to Facebook
    गीता में पढ़ा था:
    शरीर मर जाता है परन्तु आत्मा जीवित रहती है लेकिन आज के समय में देख रहा हूँ कि शरीर तो जीवित हैं परन्तु आत्मायें मर चुकी हैं।
  • ज़िन्दगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है लेकिन अपना कौन है ये तो वक़्त ही बताता है।Upload to Facebook
    ज़िन्दगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है लेकिन अपना कौन है ये तो वक़्त ही बताता है।
  • टीचर: यह जो इंटरनेट पर अश्लीलता है, उसे आप कैसे देखते हैं?<br/>
पप्पू: जी Full HD में।Upload to Facebook
    टीचर: यह जो इंटरनेट पर अश्लीलता है, उसे आप कैसे देखते हैं?
    पप्पू: जी Full HD में।
  • बियर तो दोनों को ही पंसन्द थी। फ़र्क़ सिर्फ इतना था कि...
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    उसे Teddy बियर और मुझे Strong बियर पसंद थी।
  • पत्नी: मैं आपके लिए दुनिया में किसी भी जगह जा सकती हूँ।<br/>
पति: तो यह भी वादा करो कि कभी वापस भी नहीं आओगी।Upload to Facebook
    पत्नी: मैं आपके लिए दुनिया में किसी भी जगह जा सकती हूँ।
    पति: तो यह भी वादा करो कि कभी वापस भी नहीं आओगी।
  • शादीशुदा पुरुष के लिए घर-बार ही सबकुछ होता है।<br/>
इसलिए या तो वो 'घर' में पाया जाता है या 'बार' में।Upload to Facebook
    शादीशुदा पुरुष के लिए घर-बार ही सबकुछ होता है।
    इसलिए या तो वो 'घर' में पाया जाता है या 'बार' में।
  • कड़वा सत्य<br/>
माता - पिता की 'नसीहत' को लोग अक्सर भूल जाते हैं;<br/>
मगर उनकी 'वसीयत' को लोग हरगिज़ नहीं भूलते।Upload to Facebook
    कड़वा सत्य
    माता - पिता की 'नसीहत' को लोग अक्सर भूल जाते हैं;
    मगर उनकी 'वसीयत' को लोग हरगिज़ नहीं भूलते।
  • जितना अगूंठा फ़ोन पर चलता है अगर इतना माला पर चल जाता तो भगवान मिल जाते।Upload to Facebook
    जितना अगूंठा फ़ोन पर चलता है अगर इतना माला पर चल जाता तो भगवान मिल जाते।
  • जिस देश के लोग पेट से गैस छोड़कर ये नहीं मानते कि गैस उन्होंने छोड़ी है - मोदी जी, उनको गैस सब्सिडी छोड़ने को कह रहे हैं।Upload to Facebook
    जिस देश के लोग पेट से गैस छोड़कर ये नहीं मानते कि गैस उन्होंने छोड़ी है - मोदी जी, उनको गैस सब्सिडी छोड़ने को कह रहे हैं।
  • ऐसा कलयुग आ गया है कि आजकल लड़की की विदाई के वक़्त माँ-बाप से ज़्यादा तो मोहल्ले के लड़के रो देते हैं।Upload to Facebook
    ऐसा कलयुग आ गया है कि आजकल लड़की की विदाई के वक़्त माँ-बाप से ज़्यादा तो मोहल्ले के लड़के रो देते हैं।
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