आसमान में काली घटा छाई है;
आज फिर बीवी ने दो बातें सुनाई है;
दिल तो करता है सुधर जाऊं मगर;
बाजूवाली आज फिर भीग कर आई है।
शुभ वर्षा ऋतू।
आज फिर बीवी ने दो बातें सुनाई है;
दिल तो करता है सुधर जाऊं मगर;
बाजूवाली आज फिर भीग कर आई है।
शुभ वर्षा ऋतू।

अपने गम की नुमाइश न कर;
अपने नसीब की अजमाइश न कर;
जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा;
हर रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर।
सुप्रभात।
अपने नसीब की अजमाइश न कर;
जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा;
हर रोज़ उसे पाने की ख्वाहिश न कर।
सुप्रभात।

छू ले तू आसमां ज़मीन की तलाश न कर;
जी ले जिंदगी तू ख़ुशी की तलाश न कर;
तकदीर बदल जायेगी अपने आप ही अय दोस्त;
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश न कर।
शुभ दिन।
जी ले जिंदगी तू ख़ुशी की तलाश न कर;
तकदीर बदल जायेगी अपने आप ही अय दोस्त;
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश न कर।
शुभ दिन।

आज क्यों कोई शिकवा या शिकायत नहीं मुझसे;
तेरे पास तो लफ्जों की जागीर हुआ करती थी।
तेरे पास तो लफ्जों की जागीर हुआ करती थी।

कांग्रेस पार्टी का नया नारा:
अडवानी जी आप संघर्ष करो;
हम आपके साथ हैं।
अडवानी जी आप संघर्ष करो;
हम आपके साथ हैं।
जीतो संता को, "देखो जी मेरे को काम करते वक़्त किस-विस न किया करो।
तभी काम वाली बोली, "मेम साहब, अच्छी तरह से समझा दो इन्हें, मैं तो बोल-बोल के थक गई हूँ"।
तभी काम वाली बोली, "मेम साहब, अच्छी तरह से समझा दो इन्हें, मैं तो बोल-बोल के थक गई हूँ"।
पठान अपने निकाह के बाद अपनी बेगम से बोला, "आज से तुम ही मेरी जीनत हो, तबसुम हो, तमन्ना हो"।
सलमा ने जवाब दिया, "मेरे लिए भी आज से आप ही नावेद, समीर, हबीब, मुजीद, जिब्रन, खलील, नौशाद और हनीफ़ लंगड़ा भी हो"।
सलमा ने जवाब दिया, "मेरे लिए भी आज से आप ही नावेद, समीर, हबीब, मुजीद, जिब्रन, खलील, नौशाद और हनीफ़ लंगड़ा भी हो"।
अए दोस्त, तेरी दोस्ती पर नाज़ करते हैं;
हर वक्त मिलने की फ़रियाद करते हैं;
हमें नहीं पता घर वाले बताते हैं;
हम नींद में भी आपसे बात करते हैं।
हर वक्त मिलने की फ़रियाद करते हैं;
हमें नहीं पता घर वाले बताते हैं;
हम नींद में भी आपसे बात करते हैं।
यादें आती हैं यादें जाती हैं;
कभी खुशियाँ कभी गम लाती हैं;
सिकवा न करो जिंदगी से;
आज जो जिंदगी है, वही कल की यादें कहलाती हैं।
कभी खुशियाँ कभी गम लाती हैं;
सिकवा न करो जिंदगी से;
आज जो जिंदगी है, वही कल की यादें कहलाती हैं।
हर कदम पे आपका एहसास चाहिए;
मुझे आपका साथ अपने पास चाहिए;
खुदा भी रो पड़े हमारी जुदाई से;
ऐसा एक रिश्ता ख़ास चाहिए।
मुझे आपका साथ अपने पास चाहिए;
खुदा भी रो पड़े हमारी जुदाई से;
ऐसा एक रिश्ता ख़ास चाहिए।